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गलत बिलों का दंश झेल रहे बिजली उपभोक्ता

Fri, 10 Jul 2020 01:33 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 01:33 AM IST
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Electricity consumers suffering from wrong bills
गलत बिलों का दंश झेल रहे बिजली उपभोक्ता
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बिजली बिलों में बढ़ी रीडिंग और एरियर से परेशान उपभोक्ता
मेरठ।
लॉकडाउन खत्म होने के बाद भी बिजली उपभोक्ता गलत बिजली बिलों का दंश झेलने को मजबूर हैं। मीटर आधारित बिजली बिलों में बढ़ी रीडिंग और एरियर का झटका उपभोक्ताओं को लग रहा है। उन उपभोक्ताओं से भी रीडिंग बढ़ने से बढे़ टैरिफ को वसूला जा रहा है, जिन्होंने कोरोना काल में भी ऑनलाइन बिल जमा किया।
केस नंबर एक :
गंगानगर निवासी उपभोक्ता मोहित कुमार का तीन किलोवाट का घरेलू कनेक्शन है। इनका प्रतिमाह बिल औसतन 1400 रुपये तक आता है। अब दो महीने से बिल दो हजार रुपये से ऊपर आ रहा है। एरियर जमा करने के बाद भी दोबारा जुड़कर रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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केस नंबर दो :
खैरनगर निवासी साबिर ने बताया कि कोरोना के चलते बिना मीटर रीडिंग लिए औसत आधार पर 1200 रुपये का बिल भेजा जा रहा था। उसे जमा करा दिया। अब मीटर रीडिंग से बने बिल में पिछले जमा बिल को घटाया नहीं गया है। संशोधन कराने जाते हैं तो अगले महीने बिल ठीक पहुंचने की बात कहकर टरका दिया जाता है।
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केस नंबर तीन :
नगला मुख्तियारपुर के सुनील चौहान का छह माह पहले बिजली मीटर खराब हो गया था। शिकायत के बाद भी उनका मीटर अब तक नहीं बदला गया। बीते छह माह में उनका बिजली का बिल दस हजार से ज्यादा आया है। पहले 600 रुपये प्रतिमाह के आसपास बिल आता था। सुनील का आरोप है कि छह माह से चक्कर लगाने के बावजूद कोई सुनने को तैयार नहीं है।
इस तरह लगा टैरिफ दरों का झटका
लॉकडाउन के समय मीटर रीडिंग नहीं लिए जाने पर निगम ने मार्च व अप्रैल के बिल दिसंबर से जनवरी के औसत के आधार पर बनाकर उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेज दिए। इसके बाद मीटर आधारित बिल बने तो औसत बिलों में मीटर में छूटी रीडिंग एक साथ आने से उपभोक्ताओं का बिजली टैरिफ बदल गया। यानी 150 यूनिट तक खर्च करने वाले उपभोक्ता को इससे ज्यादा यूनिट पर बढ़ी बिजली दरों के हिसाब से बिल देना पड़ा। 0 से 150 यूनिट तक बिजली दरें 5.50 रुपये प्रति यूनिट है। 151 से 300 यूनिट तक का रेट 6 रुपये प्रति यूनिट है। 301 से 500 यूनिट तक 6.50 रुपये और 501 से ऊपर 7 रुपये प्रति यूनिट है। इसी टैरिफ रेट के शिकार वे उपभोक्ता हो गए जिनकी यूनिट 150 तक ही आती थी। विभाग की इस गलती का खामियाजा उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

क्या बोले अधिकारी
बिजली बिल लगातार संशोधित किए जा रहे हैं। इसके लिए हर सब डिवीजन में अलग से सेल बनाई हैं। कहीं कोई दिक्कत हो तो उपभोक्ता उच्चाधिकारियों से शिकायत करें। कार्रवाई की जाएगी। -एके सिंह, अधीक्षण अभियंता शहर
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