{"_id":"d4e7c73955c3666467562e3acb5b1e97","slug":"eid-ul-zuha-meerut-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमन चैन की दुआ में उठे लाखों हाथ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमन चैन की दुआ में उठे लाखों हाथ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 25 Sep 2015 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शाही ईदगाह दिल्ली रोड पर शुक्रवार सुबह ईद-उल-अजहा की नमाज अदा की गई। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच लाखों फरजंदाने तौहीद ने शहर काजी जैनुस साजिद्दीन की इमामत में ईद की नमाज पढ़ी। इस के बाद सभी नमाजियों ने मुल्क में अमन चैन और सब की सलामती एवं तरक्की के लिए दुआ की। इसके अलावा नूर नगर लिसाड़ी रोड, बाले मियां नौचंदी मैदान सहित शहर क्षेत्र के मुख्य स्थानों पर नमाज का एहतिमाम किया गया।
विज्ञापन
शाही ईदगाह पर नमाज के लिए लोग सुबह से ही जुटने लगे थे। सात बजे तक ईदगाह परिसर भर जाने के बाद आसपास के लोगों ने बाहर दिल्ली रोड पर दोनों तरफ नमाज पढ़ने के लिए सफे बिछा दीं। आठ बजे प्रात शहर काजी जैनुस साजिद्दीन ने ईद की दो रकआत नमाज पढ़ाई।
विज्ञापन
उन्होंने नमाज के बाद मुसलमानों की जानमाल की हिफाजत, देश में अमन चैन कायम रहने, मरहूमीन की मगफिरत, बीमारों की सहतयाबी और लोगों को परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए अल्लाह से दुआ की। नमाज से पहले शहर काजी ने हज के दौरान मक्का में दर्दनाक हादसे पर अफसोस का इजहार किया।
विज्ञापन
शहर काजी ने खुतबे में कुरआन और हदीस की रौशनी में खिताब फरमाया कि नेक जिंदगी गुजारने के लिए मुसलमान अल्लाह की हिदायतों पर पूरी तरह अमल करे और नबी (सल.) के बताये रास्तों पर चलें। उन्होंने कुर्बानी की अहमियत बयान करते हुए कहा ईद-उल-अजहा 10 जिलहिज्जा को मनाई जाती है। इसे ईद-ए-कुर्बा भी कहा जाता है। ईद-उल-अजहा का यह त्योहार हजरत इब्राहीम और हजरत इस्माईल द्वारा अल्लाह की फरमाबरदारी और उनकी बेमिसाल इबादत की याद दिलाता है।