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आगे राना परिवार और पीछे विवाद: स्टील किंग से बने सियासत के खिलाड़ी, मुजफ्फरनगर दंगे के बाद पटरी से उतरी गाड़ी
Tue, 25 Aug 2026 10:51 AM IST
Sharukh Khan
मदन बालियान, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
मदन बालियान, अमर उजाला, मुजफ्फरनगर
Published by: Sharukh Khan
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:51 AM IST
सार
फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने और उसे आगे पास करने के मामले में पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक शाहनवाज राना और पूर्व विधायक नूर सलीम प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रडार पर आ गए। लखनऊ के जोनल कार्यालय की टीम ने राना परिवार के कार्यालयों और प्रतिष्ठानों पर तलाशी ली। इसके अलावा रोलिंग मिल मालिक पूर्व चेयरमैन अनिल तायल, संजय जैन, आकाश कुमार के ठिकानों पर पहुंचकर सत्यापन किया।
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rana family
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
मुजफ्फरनगर के सुजडू के राना परिवार की कहानी पहले फर्श से अर्श तक गई और फिर वजूद की लड़ाई में उलझकर रह गई। कभी यूपी और उत्तराखंड के स्टील किंग रहे। पालिका से लेकर संसद तक का सफर तय किया। हत्या, दुष्कर्म, बिजली चोरी के आरोपों से घिरे परिवार की सियासत मुजफ्फरनगर दंगे के बाद पटरी से उतर गई।
किसान हाजी लियाकत के बेटे हाजी बदरुज्जमां राना उर्फ बदर राना, हाजी कमरुज्जमां राना उर्फ हाजी मलवा, जाकिर राना, पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूर सलीम राना ने खेती से लेकर स्क्रैप का काम किया।
वर्ष 1985 में हाजी कमरुज्जमां राना ने पहली बार स्टील फैक्टरी की पहल की और इसके बाद परिवार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। परिवार की पहचान स्टील किंग के तौर पर बन गई। पूर्व विधायक शाहनवाज राना के पिता हाजी बदरुज्जमां राना ने पहली बार डीएवी कॉलेज से छात्र राजनीति में कदम रखा लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी।
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किसान हाजी लियाकत के बेटे हाजी बदरुज्जमां राना उर्फ बदर राना, हाजी कमरुज्जमां राना उर्फ हाजी मलवा, जाकिर राना, पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूर सलीम राना ने खेती से लेकर स्क्रैप का काम किया।
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वर्ष 1985 में हाजी कमरुज्जमां राना ने पहली बार स्टील फैक्टरी की पहल की और इसके बाद परिवार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। परिवार की पहचान स्टील किंग के तौर पर बन गई। पूर्व विधायक शाहनवाज राना के पिता हाजी बदरुज्जमां राना ने पहली बार डीएवी कॉलेज से छात्र राजनीति में कदम रखा लेकिन बात आगे नहीं बढ़ी।
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पूर्व सांसद कादिर राना पहली बार 1989 में पालिका के सभासद चुने गए, यही राजनीति में परिवार की पहली बड़ी सफलता थी। वर्ष 1993 में सपा के टिकट पर सदर सीट से कादिर राना ने पहला विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार मिली। कादिर राना को सपा ने एमएलसी बनाया लेकिन 2004 में टिकट नहीं मिलने से उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी।
बिजनौर से विधायक चुने गए शाहनवाज राना
इसके बाद रालोद के टिकट पर वह मोरना सीट से 2007 में पहली बार विधायक चुने गए थे। 2009 में रालोद छोड़कर बसपा में शामिल हुए और मुजफ्फरनगर से सांसद चुने गए। पूर्व विधायक नूर सलीम राना ने पहला चुनाव मोरना से लड़ा लेकिन हार मिली। इसके बाद 2012 में वह चरथावल से विधायक बने। शाहनवाज राना बिजनौर से विधायक चुने।
इसके बाद रालोद के टिकट पर वह मोरना सीट से 2007 में पहली बार विधायक चुने गए थे। 2009 में रालोद छोड़कर बसपा में शामिल हुए और मुजफ्फरनगर से सांसद चुने गए। पूर्व विधायक नूर सलीम राना ने पहला चुनाव मोरना से लड़ा लेकिन हार मिली। इसके बाद 2012 में वह चरथावल से विधायक बने। शाहनवाज राना बिजनौर से विधायक चुने।
मुजफ्फरनगर दंगे के बाद राना हाउस की राजनीति बेपटरी
शाहनवाज की पत्नी इंतखाब राना जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। जाकिर राना ने भी जिला पंचायत का चुनाव लड़ा लेकिन कामयाबी नहीं मिली। राजनीति में मिल रही सफलताओं के बीच राना परिवार विवादों में घिरा रहा। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद राना हाउस की राजनीति बेपटरी हो गई।
शाहनवाज की पत्नी इंतखाब राना जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं। जाकिर राना ने भी जिला पंचायत का चुनाव लड़ा लेकिन कामयाबी नहीं मिली। राजनीति में मिल रही सफलताओं के बीच राना परिवार विवादों में घिरा रहा। मुजफ्फरनगर दंगे के बाद राना हाउस की राजनीति बेपटरी हो गई।
2017 में कादिर राना ने अपनी पत्नी सईदा बेगम को बसपा के टिकट पर बुढ़ाना विधानसभा से चुनाव लड़ाया, लेकिन सिर्फ 30034 वोट ही हासिल हुए। इसके बाद बसपा छोड़कर सपा का दामन थाम लिया। 2019 और 2024 के लोकसभा और 2022 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिला। 2024 के मीरापुर उपचुनाव में पुत्रवधू सुम्बुल राना चुनाव हार गईं।
आगे राना परिवार...पीछे चलते रहे विवाद
मुपांच दिसंबर 2024 को जीएसटी टीम ने वहलना चौक के पास राना स्टील पर छापा मारा तो मजदूरों ने सरकारी कर्मचारियों को घेर लिया। पूर्व विधायक शाहनवाज राना मौके पर पहुंचे, उन पर टीम के साथ हाथापाई की। सिखेड़ा की फैक्टरी में मुंबई के उद्यमी को बंधक बनाने का मामला सुर्खियों में रहा, यहीं से पहली बार नूर सलीम राना का नाम भी विवादा में आया।
मुपांच दिसंबर 2024 को जीएसटी टीम ने वहलना चौक के पास राना स्टील पर छापा मारा तो मजदूरों ने सरकारी कर्मचारियों को घेर लिया। पूर्व विधायक शाहनवाज राना मौके पर पहुंचे, उन पर टीम के साथ हाथापाई की। सिखेड़ा की फैक्टरी में मुंबई के उद्यमी को बंधक बनाने का मामला सुर्खियों में रहा, यहीं से पहली बार नूर सलीम राना का नाम भी विवादा में आया।
इससे पहले पालिका चुनाव के दौरान मुजफ्फर राना की हत्या के मामले में पूर्व सांसद कादिर राना को नामजद किया गया था। पूर्व सांसद पर मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान भी भड़काऊ भाषण देने का मुकदमा दर्ज हुआ था। देहरादून से दिल्ली लौट रही युवतियों का वहलना चौक के पास से अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पूर्व विधायक शाहनवाज राना समेत परिवार के अन्य सदस्यों का नाम प्रकाश में आया था।
बाद में दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई और इस मामले का निपटारा हो गया था। मंसूरपुर में विद्युत अधिनियम के मुकदमे में भी शाहनवाज राना को गिरफ्तार किया गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई। इसी मुकदमे में परिवार के जाकिर राना ने भी सरेंडर कर दिया था।
सड़क पर बंटवारा...जाकिर ने दिया था धरना
कांग्रेस में सक्रिय रहे जाकिर राना और पूर्व सांसद कादिर राना के बीच बंटवारे का विवाद गहरा गया था। मामला इतना बढ़ा कि जाकिर राना सार्वजनिक रूप से वहलना में धरना देकर बैठ गए थे। परिवार का यह विवाद बमुश्किल सुलझाया जा सका था। राना परिवार के विवाद खूब सुर्खियों में रहते हैं।
कांग्रेस में सक्रिय रहे जाकिर राना और पूर्व सांसद कादिर राना के बीच बंटवारे का विवाद गहरा गया था। मामला इतना बढ़ा कि जाकिर राना सार्वजनिक रूप से वहलना में धरना देकर बैठ गए थे। परिवार का यह विवाद बमुश्किल सुलझाया जा सका था। राना परिवार के विवाद खूब सुर्खियों में रहते हैं।
अब कौन किस दल में सक्रिय
वर्तमान में पूर्व सांसद कादिर राना सपा में सक्रिय है। मीरापुर के अलावा वह बुढ़ाना सटी से भी दावेदार हैं। पूर्व विधायक नूर सलीम राना रालोद में है और चरथावल सीट से टिकट मांग रहे हैं। पूर्व पूर्व विधायक शाहनवाज राना मीरापुर के उपचुनाव में आसपा से टिकट के दावेदार रहे हैं।
वर्तमान में पूर्व सांसद कादिर राना सपा में सक्रिय है। मीरापुर के अलावा वह बुढ़ाना सटी से भी दावेदार हैं। पूर्व विधायक नूर सलीम राना रालोद में है और चरथावल सीट से टिकट मांग रहे हैं। पूर्व पूर्व विधायक शाहनवाज राना मीरापुर के उपचुनाव में आसपा से टिकट के दावेदार रहे हैं।