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दूध की मिलावट जानने के लिए देश भर में सर्वे
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 22 Oct 2016 01:56 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दूध में पानी से लेकर केमिकल और डिटर्जेंट तक की मिलावट को लेकर कई बार सुप्रीम कोर्ट कड़ी कार्रवाई के निर्देश दे चुका है। हर स्तर पर दूध में किसी ना किसी रूम में मिलावट किये जाने का आरोप लगते रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा देश भर में दूध के सैंपल का सर्वे कराया जा रहा है। जिसके लिए देश भर में 100 शहरों को चुना गया है। इनमें उत्तर प्रदेश में मेरठ समेत 24 शहरों को शामिल किया गया है। इसकी शुरुआत शनिवार (आज) से होगी। खास बात यह है कि एफएसएसएआई दूध के सैंपलों की जांच सरकारी सहित कई निजी लैबों से भी करा रही है। फिलहाल सैंपल रिपोर्ट के आधार पर किसी के भी खिलाफ लीगल कार्रवाई नहीं करने की बात भी कही गई है।
एफएसएसएआई सैंपल सर्वे के माध्यम से यह जानने की कोशिश में लगा है कि आखिरकार दूध में किस स्तर तक मिलावट की जा रही है और बाजार में कितने प्रतिशत दूध की क्वालिटी खराब है। सही स्थिति जानने के लिए ही निजी लैबों से जांच करने का फैसला लिया गया है। मेरठ में दूध के सैंपलों की जांच को लेकर परतापुर स्थित गगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ की लैब को अधिकृत किया गया है। जहां पर मेरठ समेत बाकी शहरों के सैंपलों की जांच की जाएगी। मेरठ में एफडीए शनिवार को 17 सैंपल भरेगी। जिसमें पांच स्तर से दूध की सैंपलिंग होगी।
इन स्तरों से होगी सैंपलिंग
1- ब्रांडेड दूध
2- दूधिया द्वारा दिया जा रहा दूध
3- एजेंसियों के स्तर से
4- पशु पालक डेरियों से
5- डेयरी शॉप से
15 स्तर पर होगी जांच
एफएसएसएआई ने अधिकृत की गई लैबों को दूध की 15 स्तरों पर जांच करने का निर्देश दिया है। जिसमें फैट, एसएनपी, रिफाइंड, डिटर्जेंट, हाइड्रोजन पर ऑक्साइड, फॉर्मलीन, शुगर, यूरिया, स्टार्च, बोरिक एसिड, माल्टोडेक्सट्रिन, अमोनियम सल्फेट, नाइट्रेट, सेल्यूलॉस, ग्लूकोज।
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यूपी में इन शहरों से भरे जाएंगे सैंपल
बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर. नोएडा, फिरोजाबाद, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, झांसी, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बदायूं, इलाहाबाद, गोरखपुर, बुलंदशहर, हाथरस, मथुरा, फैजाबाद, मैनपुरी, संभल, शामली व आजमगढ़ शामिल हैं।
सर्वे का उद्देश्य
सर्वे का मुख्य मकसद बाजार में बेचे जा रहे दूध की शुद्धता को जानना है। अगर सर्वे में भारी मात्रा में मिलावट की बात सामने आती है तो उसके बाद एसएसएसएआई नियमों को कड़ा कर सकती है। एफडीए के अभिहित अधिकारी वीके वर्मा का कहना है कि पहली बार है कि एफएसएसएआई निजी लैबों में सैंपल भेजकर जांच करा रही है। जिसके लिए देश भर में बड़ी संख्या में लैबों को अधिकृत किया गया है। जो सर्वे के दौरान लिये गए सैंपलों की जांच करेंगी। जांच रिपोर्ट एफएसएसएआई को जाएगी, जहां से सर्वे के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।
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एफएसएसएआई सैंपल सर्वे के माध्यम से यह जानने की कोशिश में लगा है कि आखिरकार दूध में किस स्तर तक मिलावट की जा रही है और बाजार में कितने प्रतिशत दूध की क्वालिटी खराब है। सही स्थिति जानने के लिए ही निजी लैबों से जांच करने का फैसला लिया गया है। मेरठ में दूध के सैंपलों की जांच को लेकर परतापुर स्थित गगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ की लैब को अधिकृत किया गया है। जहां पर मेरठ समेत बाकी शहरों के सैंपलों की जांच की जाएगी। मेरठ में एफडीए शनिवार को 17 सैंपल भरेगी। जिसमें पांच स्तर से दूध की सैंपलिंग होगी।
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इन स्तरों से होगी सैंपलिंग
1- ब्रांडेड दूध
2- दूधिया द्वारा दिया जा रहा दूध
3- एजेंसियों के स्तर से
4- पशु पालक डेरियों से
5- डेयरी शॉप से
15 स्तर पर होगी जांच
एफएसएसएआई ने अधिकृत की गई लैबों को दूध की 15 स्तरों पर जांच करने का निर्देश दिया है। जिसमें फैट, एसएनपी, रिफाइंड, डिटर्जेंट, हाइड्रोजन पर ऑक्साइड, फॉर्मलीन, शुगर, यूरिया, स्टार्च, बोरिक एसिड, माल्टोडेक्सट्रिन, अमोनियम सल्फेट, नाइट्रेट, सेल्यूलॉस, ग्लूकोज।
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यूपी में इन शहरों से भरे जाएंगे सैंपल
बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़, सहारनपुर. नोएडा, फिरोजाबाद, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, झांसी, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, बदायूं, इलाहाबाद, गोरखपुर, बुलंदशहर, हाथरस, मथुरा, फैजाबाद, मैनपुरी, संभल, शामली व आजमगढ़ शामिल हैं।
सर्वे का उद्देश्य
सर्वे का मुख्य मकसद बाजार में बेचे जा रहे दूध की शुद्धता को जानना है। अगर सर्वे में भारी मात्रा में मिलावट की बात सामने आती है तो उसके बाद एसएसएसएआई नियमों को कड़ा कर सकती है। एफडीए के अभिहित अधिकारी वीके वर्मा का कहना है कि पहली बार है कि एफएसएसएआई निजी लैबों में सैंपल भेजकर जांच करा रही है। जिसके लिए देश भर में बड़ी संख्या में लैबों को अधिकृत किया गया है। जो सर्वे के दौरान लिये गए सैंपलों की जांच करेंगी। जांच रिपोर्ट एफएसएसएआई को जाएगी, जहां से सर्वे के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा।