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ढाई साल में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी जांच
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दो साल में एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी दोहरे हत्याकांड की जांच
दो युवतियों की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस को डीएनए जांच रिपोर्ट का इतंजार
20 मई 2020 को गांव जगनपुर के जंगल में मिले थे दो युवतियों के खून से लथपथ शव
06 जून को फोरेंसिक टीम ने एक संदिग्ध के मकान से खून के 32 नमूने जांच के लिए भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। दो साल पहले लॉकडाउन के दौरान कैराना क्षेत्र में हुई दो युवतियों की हत्या की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। घटना के बाद स्वान दस्ते की मदद से पुलिस एक संदिग्ध के मकान तक भी पहुंची, वहां मिले खून के धब्बों के नमूने लेकर डीएनए जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजे। लेकिन अभी तक डीएनए जांच रिपोर्ट ही नहीं मिली है और जांच वहीं अटकी हैं, जहां से शुरू हुई थी। इंस्पेक्टर कैराना पंकज त्यागी का कहना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट के लिए रिमाइंडर भेजा है।
20 मई वर्ष 2020 को कैराना थाना क्षेत्र के गांव जगनपुर के जंगल में दो युवतियों के शव बरामद हुए थे। फोरेंसिक टीम और स्वान दस्ता भी मौके पहुंचा था, जो आर्यपुरी बंजारा बस्ती में पहुंचकर रुक गया था। युवतियों की पहचान नहीं होने पर शवों को दफना दिया गया था। छह जून 2020 को बस्ती में मेरठ जोन से पहुंची विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने दो मकानों खंगाला। एक मकान से वाशिंग मशीन, चादर, रेलिंग और अन्य जगहों से खून के धब्बे मिले, जिन्हें धोया गया था। मृतक युवतियों और मकान से कुल लिए गए 32 सैंपल डीएनए जांच के लिए आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए थे, ताकि उनका मिलान किया जा सके। मकान मालिक उस समय फरार था। बाद में वह पुलिस के पास पहुंचा और उसने खून के धब्बों को जानवरों के धब्बे बताया था। तब से अभी तक जांच रिपोर्ट के इंतजार में जांच अटकी है।
मुखबिर तंत्र फेल, खुले घूम रहे हत्यारे
युवतियों की न पहचान हुई और न ही हत्यारों तक पुलिस के हाथ पहुंचे। अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि दो युवतियों की धारदार हथियारों के वार से बेरहमी से हत्या की वारदात को अंजाम देना किसी एक शख्स के लिए संभव नहीं है। ऐसे में इस वारदात में कम से दो या उससे अधिक लोग शामिल रहे होंगे। हत्यारों की गर्दन तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए और वह खुले घूम रहे हैं। पहचान नहीं होने से युवतियों के परिजनों को भी नहीं पता होगा कि उनकी बेटियों की हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस का मुखबिर तंत्र पूरी तरह से फेल हो गया है, अब वैज्ञानिक जांच और डीएनए जांच रिपोर्ट से ही पुलिस को खुलासे की उम्मीद है।
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पहचान के लिए नेपाल सीमा पर चिपकवाए थे पोस्टर
दोहरे हत्याकांड के बाद दोनों युवतियों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के जनपदों और पड़ोसी राज्य हरियाणा तक संपर्क किया था परंतु सफलता नहीं मिली। तब पुलिस टीम नेपाल सीमा तक पहुंची थी और वहां भी पोस्टर चस्पा किए थे।
सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी का सैंपल जांच के लिए भेजा
कैराना। हरियाणा की महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी का डीएनए जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला भेजा गया है।
बीती 12 सितंबर की सुबह क्षेत्र के गांव ऐरटी के जंगल में पानीपत निवासी एक महिला अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। महिला से सामूहिक दुष्कर्म कर जंगल में फेंका गया था। पीड़िता के पति की ओर से दो आरोपियों मोहन व राहुल निवासी गांव कंडेला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मोहन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसका सैंपल डीएनए जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाया था। बाद में मुख्य आरोपी राहुल ने भी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। अब जेल में बंद आरोपी राहुल की भी डीएनए जांच के लिए नमूना आगरा प्रयोगशाला भेजा गया है। संवाद
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दो युवतियों की हत्या के खुलासे के लिए पुलिस को डीएनए जांच रिपोर्ट का इतंजार
20 मई 2020 को गांव जगनपुर के जंगल में मिले थे दो युवतियों के खून से लथपथ शव
06 जून को फोरेंसिक टीम ने एक संदिग्ध के मकान से खून के 32 नमूने जांच के लिए भेजे
संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। दो साल पहले लॉकडाउन के दौरान कैराना क्षेत्र में हुई दो युवतियों की हत्या की गुत्थी अभी तक नहीं सुलझ पाई है। घटना के बाद स्वान दस्ते की मदद से पुलिस एक संदिग्ध के मकान तक भी पहुंची, वहां मिले खून के धब्बों के नमूने लेकर डीएनए जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला आगरा भेजे। लेकिन अभी तक डीएनए जांच रिपोर्ट ही नहीं मिली है और जांच वहीं अटकी हैं, जहां से शुरू हुई थी। इंस्पेक्टर कैराना पंकज त्यागी का कहना है कि डीएनए जांच रिपोर्ट के लिए रिमाइंडर भेजा है।
20 मई वर्ष 2020 को कैराना थाना क्षेत्र के गांव जगनपुर के जंगल में दो युवतियों के शव बरामद हुए थे। फोरेंसिक टीम और स्वान दस्ता भी मौके पहुंचा था, जो आर्यपुरी बंजारा बस्ती में पहुंचकर रुक गया था। युवतियों की पहचान नहीं होने पर शवों को दफना दिया गया था। छह जून 2020 को बस्ती में मेरठ जोन से पहुंची विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने दो मकानों खंगाला। एक मकान से वाशिंग मशीन, चादर, रेलिंग और अन्य जगहों से खून के धब्बे मिले, जिन्हें धोया गया था। मृतक युवतियों और मकान से कुल लिए गए 32 सैंपल डीएनए जांच के लिए आगरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे गए थे, ताकि उनका मिलान किया जा सके। मकान मालिक उस समय फरार था। बाद में वह पुलिस के पास पहुंचा और उसने खून के धब्बों को जानवरों के धब्बे बताया था। तब से अभी तक जांच रिपोर्ट के इंतजार में जांच अटकी है।
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मुखबिर तंत्र फेल, खुले घूम रहे हत्यारे
युवतियों की न पहचान हुई और न ही हत्यारों तक पुलिस के हाथ पहुंचे। अपराध विशेषज्ञों का मानना है कि दो युवतियों की धारदार हथियारों के वार से बेरहमी से हत्या की वारदात को अंजाम देना किसी एक शख्स के लिए संभव नहीं है। ऐसे में इस वारदात में कम से दो या उससे अधिक लोग शामिल रहे होंगे। हत्यारों की गर्दन तक पुलिस के हाथ नहीं पहुंच पाए और वह खुले घूम रहे हैं। पहचान नहीं होने से युवतियों के परिजनों को भी नहीं पता होगा कि उनकी बेटियों की हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस का मुखबिर तंत्र पूरी तरह से फेल हो गया है, अब वैज्ञानिक जांच और डीएनए जांच रिपोर्ट से ही पुलिस को खुलासे की उम्मीद है।
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पहचान के लिए नेपाल सीमा पर चिपकवाए थे पोस्टर
दोहरे हत्याकांड के बाद दोनों युवतियों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के जनपदों और पड़ोसी राज्य हरियाणा तक संपर्क किया था परंतु सफलता नहीं मिली। तब पुलिस टीम नेपाल सीमा तक पहुंची थी और वहां भी पोस्टर चस्पा किए थे।
सामूहिक दुष्कर्म के मुख्य आरोपी का सैंपल जांच के लिए भेजा
कैराना। हरियाणा की महिला से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद मुख्य आरोपी का डीएनए जांच के लिए सैंपल प्रयोगशाला भेजा गया है।
बीती 12 सितंबर की सुबह क्षेत्र के गांव ऐरटी के जंगल में पानीपत निवासी एक महिला अर्धनग्न अवस्था में मिली थी। महिला से सामूहिक दुष्कर्म कर जंगल में फेंका गया था। पीड़िता के पति की ओर से दो आरोपियों मोहन व राहुल निवासी गांव कंडेला के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मोहन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। उसका सैंपल डीएनए जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाया था। बाद में मुख्य आरोपी राहुल ने भी कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। अब जेल में बंद आरोपी राहुल की भी डीएनए जांच के लिए नमूना आगरा प्रयोगशाला भेजा गया है। संवाद