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Meerut News: निजीकरण के विरोध में दस्तावेज लेखक हड़ताल पर, रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला लगाया
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- दस्तावेज लेखकों और वकीलों का प्रदर्शन
- सरकार को चेतावनी- फैसला वापस नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रजिस्ट्री व्यवस्था के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में सोमवार को दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन को मेरठ बार एसोसिएशन का भी समर्थन मिला, जिसके चलते अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे और अदालतों में कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने और निजीकरण की योजना वापस लेने की मांग उठाई।
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और महामंत्री परवेज आलम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था लगातार तकनीकी समस्याओं से जूझ रही है। सर्वर और पोर्टल में आने वाली दिक्कतों के कारण आम लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार बिना कार्य कराए वापस लौटना पड़ता है। इसके बावजूद सरकार पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है, जिसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक संजय गुप्ता ने कहा कि ई-रजिस्ट्रेशन के नाम पर निजी संस्थाओं को कार्य सौंपा गया तो दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, स्टांप विक्रेता, मुंशी और इस व्यवस्था से जुड़े परिवार आर्थिक संकट पड़ जाएंगे। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी के कारण पूरे दिन पंजीकरण कार्य पूरी तरह ठप रहा और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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- सरकार को चेतावनी- फैसला वापस नहीं हुआ तो होगा बड़ा आंदोलन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। रजिस्ट्री व्यवस्था के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में सोमवार को दस्तावेज लेखकों ने रजिस्ट्री कार्यालय पर ताला जड़कर जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलन को मेरठ बार एसोसिएशन का भी समर्थन मिला, जिसके चलते अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे और अदालतों में कामकाज प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली में आ रही तकनीकी खामियों को दूर करने और निजीकरण की योजना वापस लेने की मांग उठाई।
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा और महामंत्री परवेज आलम के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विरोध प्रदर्शन किया।
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अधिवक्ताओं का कहना है कि वर्तमान ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था लगातार तकनीकी समस्याओं से जूझ रही है। सर्वर और पोर्टल में आने वाली दिक्कतों के कारण आम लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार बिना कार्य कराए वापस लौटना पड़ता है। इसके बावजूद सरकार पंजीकरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रही है, जिसका व्यापक विरोध किया जाएगा।
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उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के प्रदेश संरक्षक संजय गुप्ता ने कहा कि ई-रजिस्ट्रेशन के नाम पर निजी संस्थाओं को कार्य सौंपा गया तो दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता, स्टांप विक्रेता, मुंशी और इस व्यवस्था से जुड़े परिवार आर्थिक संकट पड़ जाएंगे। चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा। रजिस्ट्री कार्यालय में तालाबंदी के कारण पूरे दिन पंजीकरण कार्य पूरी तरह ठप रहा और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।