फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Disclose medical negligence, duty on did't never

चिकित्सकों की लापरवाही का खुलासा, यहां तो चिकित्सक कभी ड्यूटी पर ही नहीं आए!

Tue, 24 Jan 2017 10:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 24 Jan 2017 10:58 AM IST
विज्ञापन
Disclose medical negligence, duty on did't never
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

डेंगू और चिकनगुनिया से प्रदेश में कई मरीजों की मौत होने के बाद हाईकोर्ट ने चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की छुट्टी पर रोक लगाई हुई है। स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक और पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए ये आदेश कोई मायने नहीं रखते हैं। सोमवार को सीएमओ के नेतृत्व में बनी टीमों ने जिले के 21 स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया तो चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हुई। कई स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लगा मिला। शहजादपुर के लोगों का कहना है कि यहां तैनात चिकित्सक तो कभी ड्यूटी पर ही नहीं आए।

विज्ञापन


इन दिनों हाईकोर्ट के आदेश के तहत विशेष परिस्थितियों में ही चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को छुट्टी मिल सकती है, लेकिन इसके लिए सीएमओ से स्वीकृति लेनी होगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के डीजी इस संबंध में सभी सीएमओ को तीन बार रिमाइंडर जारी कर चुके हैं, लेकिन हालात जस के तस हैं। स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने का मामला कई बार शासन स्तर पर पहुंच चुका है।  मुख्यालय ने सोमवार को सीएमओ को औचक निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने कई टीमें बनाकर जिले के 21 स्वास्थ्य केंद्रों पर भेजीं।

विज्ञापन


डॉक्टर का चेहरा ही नहीं देखा साहब
निरीक्षण टीम सोमवार को माछरा ब्लाक के शहजादपुर अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंची तो वहां ताला लगा हुआ मिला। चिकित्सक और फार्मासिस्ट दोनों ही ड्यूटी से नदारद थे। स्थानीय लोगों ने टीम सदस्यों को बताया कि यहां तैनात डॉक्टर का तो आज तक किसी ने चेहरा ही नहीं देखा। बुधवार और शनिवार को ही फार्मेसिस्ट आते हैं, जबकि एएनएम सिर्फ टीकाकरण वाले दिन दिखाई देती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरा स्टाफ ही नदारद मिला
टीम दोपहर तीन बजे हस्तिनापुर ब्लाक अलीपुर मोरना की एडिशनल पीएचसी पर पहुंची तो वहां भी ताला लगा मिला। सीएचसी पर डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, ब्वाय वार्ड समेत पांच लोगों का स्टाफ तैनात है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अक्सर यहा एक आदमी आता है, जो दो-तीन घंटे बैठने के बाद ताला लगाकर वापस चला जाता है।

मीवा में वार्ड ब्वाय कर रहा देखभाल
 हस्तिनापुर सीएचसी के अधीन आने वाली मीवा एडिशनल पीएचसी पर टीम दोपहर साढ़े तीन बजे पहुंची। टीम को वहां सिर्फ वार्ड ब्वाय तैनात मिला। उसने टीम को बताया कि डॉक्टर साहब आज आए हीं नहीं है, जबकि फार्मासिस्ट साहब कुछ ही देर पहले गए हैं।
 
बिना परमिशन ले ली छुट्टी
 रसूलपुर धौलड़ी और सिवालखास स्थित एडिशनल पीएचसी पर पहुंची टीम को वहां दो चिकित्सक गायब मिले। रजिस्टर में उनकी सीएल एप्लीकेशन लगी थी। रजिस्टर पर भी सीएल लिखा था। जांच के दौरान पता चला कि सीएमओ से स्वीकृति लिए बिना ही छुट्टी ली गई है।  


सुविधा शुल्क दो, छुट्टी लो
निरीक्षण के दौरान खुलासा हुआ है कि सीएचसी प्रभारी एडिशनल पीएचसी और पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों को सीएमओ की स्वीकृति के बिना ही छुट्टी पर भेज दे रहे हैं। जांच टीम को पता चला कि सुविधा शुल्क लेकर चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ को छुट्टी दे दी जाती है। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसी कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर ताला लगा रहता है।
 


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed