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डीएनए टेस्ट रिपोर्ट पर टिकी इंसाफ की आस
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Sat, 30 Jul 2016 01:52 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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दरिंदगी की शिकार हुई किशोरी के परिजनों को उम्मीद है कि डीएनए टेस्ट रिपोर्ट उन्हें इंसाफ दिलाएगी। आरोपी और पीड़ित दोनों पक्षों के लिए यह रिपोर्ट इस केस की अहम कड़ी होगी। दुष्कर्म पीड़िता किशोरी के परिवार को भी इस रिपोर्ट का इंतजार है। परिवार का कहना है कि उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। उन्हें न्याय जरूर मिलेगा।
आमतौर पर दुष्कर्म के मामलों में पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट, उसके बयान और गवाह अहम होते हैं। लेकिन इस केस में दुष्कर्म पीड़िता मां बन चुकी है। इसलिए यह केस एकदम अलग हो गया है। केस हाईकोर्ट में है। आरोपी पक्ष बेकसूर होने का दावा कर रहा है। आरोपी पक्ष की अपील पर कोर्ट ने डीएनए टेस्ट कराया है। जेल में बंद आरोपी के अलावा समाज से छिपकर रह रही पीड़िता और नवजात तीनों के ब्लड सैंपल लखनऊ एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि भले ही आरोपी पक्ष की अपील पर यह टेस्ट हुआ हो। लेकिन उनकी बेटी के साथ घोर अन्याय हुआ है, इसलिए उनकी बेटी को न्याय जरूर मिलेगा। उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। उधर, आरोपी पक्ष के लोग खुलकर तो सामने नहीं आ रहे। लेकिन वह खुद को बेकसूर बता रहे हैं।
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हाईकोर्ट ने मांगी काउंटर रिपोर्ट
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि यह केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट ने इस केस में थाना पुलिस से काउंटर रिपोर्ट मांगी है। इसमें आरोपी पक्ष की क्रिमिनल हिस्ट्री (यदि कोई है) के अलावा इस केस में पुलिस ने अब तक जो कुछ भी किया है उसकी केस डायरी कोर्ट में पेश करनी है। केस की जांच कर रहे पिलोखड़ी चौकी प्रभारी ने बताया कि कोर्ट ने 30 जुलाई तक डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल भिजवाने के निर्देश दिए थे। सैंपल भेज दिए गए हैं। काउंटर रिपोर्ट भी जल्द कोर्ट में दी जाएगी।
क्या है डीएनए टेस्ट
मेडिकल कॉलेज के ईएमओ डॉ. अजीत सिंह के अनुसार डीऑक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड (डीएनए) में इंसान के शरीर के रक्त, शरीर के किसी भी पार्ट का सैंपल लेकर उनके डीएनए टेस्ट किए जाते हैं। बच्चे में माता और पिता दोनों के जींस होते हैं। डीएनए टेस्ट में बच्चे की जींस की जांच के बाद पता लगाया जाएगा कि उसमें इनके जींस हैं या नहीं।
केस में अब तक
21 मार्च 2016 परिजनों ने दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई
30 मार्च: आरोपी अनीस गिरफ्तार। चालान कर जेल भेजा
मई : पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
20 जुलाई : पीड़ित किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया।
25-27 जुलाई तक - आरोपी, पीड़िता और नवजात का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा
हाल जानने भी नहीं आए वोट मांगने वाले
मेरठ। दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के परिजनों को इस बात का भी मलाल है कि कोई भी नेता उनका हाल जानने तक नही आया। किशोरी के पिता का भरी आंखों से कहना है कि चुनाव के वक्त नेता उनके मोहल्ले में वोट मांगने आते हैं। दुख दर्द में काम आने के दावे करते हैं। मेरी बेटी के साथ इतनी बड़ी घटना हो गई। चार महीने से वह बेटी के इलाज, पुलिस और क चहरी के चक्कर काट रहा है। काम धंधा ठप है। जमा पूंजी खत्म हो गई। कर्जदार भी हो गया। लेकिन कोई भी नेता उन्हें दिलासा तक देने नहीं आया। अब समाज से ही मदद की आस है। महिलाओं के उत्थान की बातें करने वाले सामाजिक संगठन भी चुप हैं। हालांकि समाज के कुछ लोग और रिश्तेदार पीड़ित परिवार की मदद कर रहे हैं।
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आमतौर पर दुष्कर्म के मामलों में पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट, उसके बयान और गवाह अहम होते हैं। लेकिन इस केस में दुष्कर्म पीड़िता मां बन चुकी है। इसलिए यह केस एकदम अलग हो गया है। केस हाईकोर्ट में है। आरोपी पक्ष बेकसूर होने का दावा कर रहा है। आरोपी पक्ष की अपील पर कोर्ट ने डीएनए टेस्ट कराया है। जेल में बंद आरोपी के अलावा समाज से छिपकर रह रही पीड़िता और नवजात तीनों के ब्लड सैंपल लखनऊ एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं।
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पीड़ित पक्ष का कहना है कि भले ही आरोपी पक्ष की अपील पर यह टेस्ट हुआ हो। लेकिन उनकी बेटी के साथ घोर अन्याय हुआ है, इसलिए उनकी बेटी को न्याय जरूर मिलेगा। उन्हें कानून पर पूरा भरोसा है। उधर, आरोपी पक्ष के लोग खुलकर तो सामने नहीं आ रहे। लेकिन वह खुद को बेकसूर बता रहे हैं।
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हाईकोर्ट ने मांगी काउंटर रिपोर्ट
पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने बताया कि यह केस इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहा है। हाईकोर्ट ने इस केस में थाना पुलिस से काउंटर रिपोर्ट मांगी है। इसमें आरोपी पक्ष की क्रिमिनल हिस्ट्री (यदि कोई है) के अलावा इस केस में पुलिस ने अब तक जो कुछ भी किया है उसकी केस डायरी कोर्ट में पेश करनी है। केस की जांच कर रहे पिलोखड़ी चौकी प्रभारी ने बताया कि कोर्ट ने 30 जुलाई तक डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल भिजवाने के निर्देश दिए थे। सैंपल भेज दिए गए हैं। काउंटर रिपोर्ट भी जल्द कोर्ट में दी जाएगी।
क्या है डीएनए टेस्ट
मेडिकल कॉलेज के ईएमओ डॉ. अजीत सिंह के अनुसार डीऑक्सी राइबोन्यूक्लिक एसिड (डीएनए) में इंसान के शरीर के रक्त, शरीर के किसी भी पार्ट का सैंपल लेकर उनके डीएनए टेस्ट किए जाते हैं। बच्चे में माता और पिता दोनों के जींस होते हैं। डीएनए टेस्ट में बच्चे की जींस की जांच के बाद पता लगाया जाएगा कि उसमें इनके जींस हैं या नहीं।
केस में अब तक
21 मार्च 2016 परिजनों ने दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई
30 मार्च: आरोपी अनीस गिरफ्तार। चालान कर जेल भेजा
मई : पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
20 जुलाई : पीड़ित किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया।
25-27 जुलाई तक - आरोपी, पीड़िता और नवजात का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा
हाल जानने भी नहीं आए वोट मांगने वाले
मेरठ। दुष्कर्म पीड़ित किशोरी के परिजनों को इस बात का भी मलाल है कि कोई भी नेता उनका हाल जानने तक नही आया। किशोरी के पिता का भरी आंखों से कहना है कि चुनाव के वक्त नेता उनके मोहल्ले में वोट मांगने आते हैं। दुख दर्द में काम आने के दावे करते हैं। मेरी बेटी के साथ इतनी बड़ी घटना हो गई। चार महीने से वह बेटी के इलाज, पुलिस और क चहरी के चक्कर काट रहा है। काम धंधा ठप है। जमा पूंजी खत्म हो गई। कर्जदार भी हो गया। लेकिन कोई भी नेता उन्हें दिलासा तक देने नहीं आया। अब समाज से ही मदद की आस है। महिलाओं के उत्थान की बातें करने वाले सामाजिक संगठन भी चुप हैं। हालांकि समाज के कुछ लोग और रिश्तेदार पीड़ित परिवार की मदद कर रहे हैं।