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सपा ने फोड़ा परेड बम
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 31 Dec 2015 02:52 AM IST
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जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर चल रही खींचतान के बीच बुधवार को सपाइयों ने बड़ा दांव चल दिया। सपा के कई दिग्गज एक साथ जुटे तो बाईपास स्थित एक होटल में 23 जिला पंचायत सदस्यों के साथ होने का दावा किया।
साथ ही 19 सदस्यों या उनके परिजनों की परेड करा दी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के साथ सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह और अन्य नेता भी मौजूद रहे।
कई दिनों से सपा-भाजपा के बीच चल रहे दावों के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की लड़ाई और रोचक हो गई है। सपा जिलाध्यक्ष ने यहां तक कहा दिया है कि आंकड़ा बहुत जल्द 25 को पार कर जाएगा।
बुधवार शाम कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, सपा नेता अतुल प्रधान, मोहम्मद अब्बास और जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने बाईपास स्थित एक होटल में 23 जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन का दावा किया। इनमें से 19 सदस्यों के परिजनों और सदस्यों के स्वयं उपस्थित होने की बात कही गई और मीडिया के सामने फोटो खिंचवाए गए।
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सपाइयों का दावा यहीं नहीं खत्म हुआ है। उनका कहना है कि चार और जिला पंचायत सदस्य दो दिनों के भीतर सपा प्रत्याशी को समर्थन दे देंगे। इस दौरान कई महिला सदस्यों के पति तो कुछ के परिवार के सदस्य मौजूद रहे। इस पर सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि महिला होने के कारण परिवार के दूसरे लोगों ने पहुंचकर समर्थन दिया।
ऐतिहासिक जीत का दावा
जयवीर सिंह का कहना है कि सीमा प्रधान को समर्थन देने वाला कोई जिला पंचायत सदस्य बाहर नहीं है, बल्कि सभी शहर में ही घूम रहे हैं। सभी सदस्य विकास के नाम पर स्वेच्छा से सीमा को वोट कर रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सीमा की ऐतिहासिक जीत होगी।
मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का खेल
दोनों ही दल पिछले कई दिनों से अपने-अपने खेमे में सदस्यों के होने का दावा कर रहे हैं। सपा ने परेड कराके प्रारंभिक बढ़त दिखाने की कोशिश की है। हालांकि, अभी तक दोनों ही गुट अपने खेमे में जीत के लिए आवश्यक से ज्यादा सदस्य होने का दावा करते रहे हैं।
भाजपाई भी करा लें परेड : अतुल
सपा प्रत्याशी सीमा के पति अतुल प्रधान का कहना है कि भाजपा के लोग महज बयानबाजी कर रहे हैं। उनके पास यदि पर्याप्त संख्या बल है तो उनके नाम सामने लाएं और बाहर भेजने के बजाय मेरठ में सबके सामने आएं। अतुल का कहना है कि असल में भाजपा के पास अंगुलियों पर गिनने लायक सदस्य नहीं हैं।
कुलविंदर और सीमा ने खरीदे पर्चे
मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री बुधवार से शुरू हो गई। पहले ही दिन दोनों दावेदार भाजपा से कुलविंदर और सपा से सीमा प्रधान के नाम पर नामांकन पत्र खरीदे गए।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि कुलविंदर का नामांकन पत्र उनके अधिवक्ता तरुण कुमार और सीमा प्रधान का नामांकन पत्र अधिवक्ता चरण सिंह ने खरीदा।
दोनों ही प्रत्याशी आरक्षित कोटे से हैं। ऐसे में उन्हें 750-750 रुपये में नामांकन पत्र मिले। दोनों प्रत्याशियों को पांच-पांच हजार रुपये जमानत राशि जमा करनी होगी। केके मिश्रा के अनुसार बृहस्पतिवार को भी नामांकन पत्रों की बिक्री होगी।
सात को होगी ताजपोशी
नामांकन प्रक्रिया जिलाधिकारी कोर्ट में होगी। इसके लिए बुधवार को ही बैरिकेडिंग का काम पूरा कर लिया गया। एक जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र जमा होंगे।
इसके तुरंत बाद नामांकन पत्रों की जांच का काम होगा। चार जनवरी को नामांकन पत्र वापसी का दिन और सात को बचत भवन में मतदान (यदि जरूरी हुआ तो) होगा।
वांटेड सुमन कैसे करेंगी मतदान
मेरठ। कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी और वार्ड-16 से जिला पंचायत सदस्य सुमन भदौड़ा का सपा ने अपने पक्ष में समर्थन तो दिखा दिया है, लेकिन वह वोट कैसे डालेंगी?
इसलिए कि सुमन भदौड़ा पुलिस रिकॉर्ड में फरार हैं। यही कारण रहा कि वह अपनी जीत का प्रमाणपत्र लेने भी नहीं पहुंची थीं, जो अभी तक एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में रखा है।
नितिन गंजा हत्याकांड में नामजद आरोपियों में योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन को भी 120 बी का मुल्जिम बनाया गया था। लेकिन, पुलिस आज तक सुमन को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस रिकार्ड में दर्ज इस मुकदमे वह वांछित है।
इसी कारण सुमन अपना नामांकन पत्र भी जमा करने कलक्ट्रेट नहीं आई थीं। ऐसे में उनके अधिवक्ता ने नामांकन दाखिल किया था। जीत के बाद जब प्रमाण पत्र दिए गए, तब भी सुमन का प्रतिनिधि पहुंचा था, लेकिन जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश का पालन करते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व ने उसे प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया था।
फिलहाल, जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में एक-एक वोट कीमती है। सुमन के वोट को सपा ने अपने समर्थन में दर्शाया है। लेकिन, बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि नितिन गंजा केस में अब तक फरार चल रहीं सुमन क्या बचत भवन में वोट डालने आ पाएंगी, क्योंकि नियमानुसार निर्वाचित सदस्य को खुद ही वोटिंग करनी होगी।
चर्चा तो यह भी है
चर्चा है कि सत्ता के दबाव में सुमन का नाम नितिन गंजा केस से बाहर हो सकता है। लेकिन, इसे लेकर सियासत के साथ ही मामला कोर्ट भी जा सकता है, जिससे पुलिस-प्रशासन पूरी तरह कठघरे में खड़ा होगा। इसके अलावा यदि सुमन के वोट डालने के वक्त पुलिस आंख बंद करके बैठ जाती है, तब भी मामला सुर्खियों में आने पर उसकी किरकिरी तय है।
सपा ने हमारे सात वोटों को बताया अपना : संगीत सोम
मेरठ। सपा द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सीमा प्रधान के समर्थन में कराई गई नवनिर्वाचित सदस्यों की परेड पर सरधना विधायक संगीत सोम ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि फर्जी समर्थन दिखाकर सपा चुनाव नहीं जीत सकती। साथ ही दावा किया कि सपा के समर्थन में बताए गए सात सदस्य भाजपा के हैं। सपा यदि उन्हें सामने ला दे तो वह अपने प्रत्याशी को चुनाव नहीं लड़ाएंगे।
सपा ने बुधवार शाम बाईपास स्थित एक रिसोर्ट में 20 जिला पंचायत सदस्यों की परेड कराते हुए उनकी सूची जारी की। इसके बाद विपक्षी खेमे में हलचल मच गई।
भाजपा प्रत्याशी कुलविंदर के चुनाव संयोजक सरधना विधायक संगीत सोम ने इस पर सवाल उठाते हुए दावा किया सपा के पास इस वक्त मात्र 13 सदस्यों का समर्थन है। उन्होंने कहा कि यदि सपा को सच्चा समर्थन प्राप्त है, तो मीडियाकर्मियों को क्यों नहीं बुलाया गया। सिर्फ फोटोग्राफर बुलाकर औपचारिक सूची जारी कर दी गई।
सपा पर दबाव बनाने का आरोप
संगीत सोम ने आरोप लगाया कि सपा ओछी हरकतों पर उतर आई है। एक तरफ पुलिस-प्रशासन और अन्य विभागों से सदस्यों पर दबाव बनवा रही है। दूसरी तरफ फर्जी समर्थन पत्र भी जारी कर रही है। लेकिन, भाजपा उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने देगी। दावा किया कि मतदान में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में 25 वोट आएंगे।
भ्रम फैला रही सपा : मुखिया
कुलविंदर के पिता मुखिया गुर्जर ने दावा किया है कि इस समय 16 सदस्य अपने परिजनों के साथ बाहर हैं। जबकि, कुलविंदर और डॉ. मीनाक्षी भराला क्षेत्र में हैं। इसके अलावा चार सदस्य उस समय उनके ही साथ थे, जब सपा अपने समर्थन में परेड करा रही थी। अब सपाई ही बताएं कि 34 सदस्यों की गिनती बढ़कर 42 कैसे हो गई। आरोप लगाया कि सपा भ्रम पैदा कर समर्थन जुटाने के प्रयास में है।
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साथ ही 19 सदस्यों या उनके परिजनों की परेड करा दी। इस दौरान कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर के साथ सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह और अन्य नेता भी मौजूद रहे।
कई दिनों से सपा-भाजपा के बीच चल रहे दावों के बीच जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की लड़ाई और रोचक हो गई है। सपा जिलाध्यक्ष ने यहां तक कहा दिया है कि आंकड़ा बहुत जल्द 25 को पार कर जाएगा।
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बुधवार शाम कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, सपा नेता अतुल प्रधान, मोहम्मद अब्बास और जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह ने बाईपास स्थित एक होटल में 23 जिला पंचायत सदस्यों के समर्थन का दावा किया। इनमें से 19 सदस्यों के परिजनों और सदस्यों के स्वयं उपस्थित होने की बात कही गई और मीडिया के सामने फोटो खिंचवाए गए।
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सपाइयों का दावा यहीं नहीं खत्म हुआ है। उनका कहना है कि चार और जिला पंचायत सदस्य दो दिनों के भीतर सपा प्रत्याशी को समर्थन दे देंगे। इस दौरान कई महिला सदस्यों के पति तो कुछ के परिवार के सदस्य मौजूद रहे। इस पर सपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि महिला होने के कारण परिवार के दूसरे लोगों ने पहुंचकर समर्थन दिया।
ऐतिहासिक जीत का दावा
जयवीर सिंह का कहना है कि सीमा प्रधान को समर्थन देने वाला कोई जिला पंचायत सदस्य बाहर नहीं है, बल्कि सभी शहर में ही घूम रहे हैं। सभी सदस्य विकास के नाम पर स्वेच्छा से सीमा को वोट कर रहे हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सीमा की ऐतिहासिक जीत होगी।
मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का खेल
दोनों ही दल पिछले कई दिनों से अपने-अपने खेमे में सदस्यों के होने का दावा कर रहे हैं। सपा ने परेड कराके प्रारंभिक बढ़त दिखाने की कोशिश की है। हालांकि, अभी तक दोनों ही गुट अपने खेमे में जीत के लिए आवश्यक से ज्यादा सदस्य होने का दावा करते रहे हैं।
भाजपाई भी करा लें परेड : अतुल
सपा प्रत्याशी सीमा के पति अतुल प्रधान का कहना है कि भाजपा के लोग महज बयानबाजी कर रहे हैं। उनके पास यदि पर्याप्त संख्या बल है तो उनके नाम सामने लाएं और बाहर भेजने के बजाय मेरठ में सबके सामने आएं। अतुल का कहना है कि असल में भाजपा के पास अंगुलियों पर गिनने लायक सदस्य नहीं हैं।
कुलविंदर और सीमा ने खरीदे पर्चे
मेरठ। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन पत्रों की बिक्री बुधवार से शुरू हो गई। पहले ही दिन दोनों दावेदार भाजपा से कुलविंदर और सपा से सीमा प्रधान के नाम पर नामांकन पत्र खरीदे गए।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी केके मिश्रा ने बताया कि कुलविंदर का नामांकन पत्र उनके अधिवक्ता तरुण कुमार और सीमा प्रधान का नामांकन पत्र अधिवक्ता चरण सिंह ने खरीदा।
दोनों ही प्रत्याशी आरक्षित कोटे से हैं। ऐसे में उन्हें 750-750 रुपये में नामांकन पत्र मिले। दोनों प्रत्याशियों को पांच-पांच हजार रुपये जमानत राशि जमा करनी होगी। केके मिश्रा के अनुसार बृहस्पतिवार को भी नामांकन पत्रों की बिक्री होगी।
सात को होगी ताजपोशी
नामांकन प्रक्रिया जिलाधिकारी कोर्ट में होगी। इसके लिए बुधवार को ही बैरिकेडिंग का काम पूरा कर लिया गया। एक जनवरी को सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक नामांकन पत्र जमा होंगे।
इसके तुरंत बाद नामांकन पत्रों की जांच का काम होगा। चार जनवरी को नामांकन पत्र वापसी का दिन और सात को बचत भवन में मतदान (यदि जरूरी हुआ तो) होगा।
वांटेड सुमन कैसे करेंगी मतदान
मेरठ। कुख्यात योगेश भदौड़ा की पत्नी और वार्ड-16 से जिला पंचायत सदस्य सुमन भदौड़ा का सपा ने अपने पक्ष में समर्थन तो दिखा दिया है, लेकिन वह वोट कैसे डालेंगी?
इसलिए कि सुमन भदौड़ा पुलिस रिकॉर्ड में फरार हैं। यही कारण रहा कि वह अपनी जीत का प्रमाणपत्र लेने भी नहीं पहुंची थीं, जो अभी तक एडीएम वित्त एवं राजस्व के कार्यालय में रखा है।
नितिन गंजा हत्याकांड में नामजद आरोपियों में योगेश भदौड़ा की पत्नी सुमन को भी 120 बी का मुल्जिम बनाया गया था। लेकिन, पुलिस आज तक सुमन को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस रिकार्ड में दर्ज इस मुकदमे वह वांछित है।
इसी कारण सुमन अपना नामांकन पत्र भी जमा करने कलक्ट्रेट नहीं आई थीं। ऐसे में उनके अधिवक्ता ने नामांकन दाखिल किया था। जीत के बाद जब प्रमाण पत्र दिए गए, तब भी सुमन का प्रतिनिधि पहुंचा था, लेकिन जिला निर्वाचन अधिकारी के निर्देश का पालन करते हुए एडीएम वित्त एवं राजस्व ने उसे प्रमाणपत्र देने से इनकार कर दिया था।
फिलहाल, जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में एक-एक वोट कीमती है। सुमन के वोट को सपा ने अपने समर्थन में दर्शाया है। लेकिन, बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि नितिन गंजा केस में अब तक फरार चल रहीं सुमन क्या बचत भवन में वोट डालने आ पाएंगी, क्योंकि नियमानुसार निर्वाचित सदस्य को खुद ही वोटिंग करनी होगी।
चर्चा तो यह भी है
चर्चा है कि सत्ता के दबाव में सुमन का नाम नितिन गंजा केस से बाहर हो सकता है। लेकिन, इसे लेकर सियासत के साथ ही मामला कोर्ट भी जा सकता है, जिससे पुलिस-प्रशासन पूरी तरह कठघरे में खड़ा होगा। इसके अलावा यदि सुमन के वोट डालने के वक्त पुलिस आंख बंद करके बैठ जाती है, तब भी मामला सुर्खियों में आने पर उसकी किरकिरी तय है।
सपा ने हमारे सात वोटों को बताया अपना : संगीत सोम
मेरठ। सपा द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सीमा प्रधान के समर्थन में कराई गई नवनिर्वाचित सदस्यों की परेड पर सरधना विधायक संगीत सोम ने सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि फर्जी समर्थन दिखाकर सपा चुनाव नहीं जीत सकती। साथ ही दावा किया कि सपा के समर्थन में बताए गए सात सदस्य भाजपा के हैं। सपा यदि उन्हें सामने ला दे तो वह अपने प्रत्याशी को चुनाव नहीं लड़ाएंगे।
सपा ने बुधवार शाम बाईपास स्थित एक रिसोर्ट में 20 जिला पंचायत सदस्यों की परेड कराते हुए उनकी सूची जारी की। इसके बाद विपक्षी खेमे में हलचल मच गई।
भाजपा प्रत्याशी कुलविंदर के चुनाव संयोजक सरधना विधायक संगीत सोम ने इस पर सवाल उठाते हुए दावा किया सपा के पास इस वक्त मात्र 13 सदस्यों का समर्थन है। उन्होंने कहा कि यदि सपा को सच्चा समर्थन प्राप्त है, तो मीडियाकर्मियों को क्यों नहीं बुलाया गया। सिर्फ फोटोग्राफर बुलाकर औपचारिक सूची जारी कर दी गई।
सपा पर दबाव बनाने का आरोप
संगीत सोम ने आरोप लगाया कि सपा ओछी हरकतों पर उतर आई है। एक तरफ पुलिस-प्रशासन और अन्य विभागों से सदस्यों पर दबाव बनवा रही है। दूसरी तरफ फर्जी समर्थन पत्र भी जारी कर रही है। लेकिन, भाजपा उनके मंसूबे कामयाब नहीं होने देगी। दावा किया कि मतदान में भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में 25 वोट आएंगे।
भ्रम फैला रही सपा : मुखिया
कुलविंदर के पिता मुखिया गुर्जर ने दावा किया है कि इस समय 16 सदस्य अपने परिजनों के साथ बाहर हैं। जबकि, कुलविंदर और डॉ. मीनाक्षी भराला क्षेत्र में हैं। इसके अलावा चार सदस्य उस समय उनके ही साथ थे, जब सपा अपने समर्थन में परेड करा रही थी। अब सपाई ही बताएं कि 34 सदस्यों की गिनती बढ़कर 42 कैसे हो गई। आरोप लगाया कि सपा भ्रम पैदा कर समर्थन जुटाने के प्रयास में है।