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दिन ढलते ही सीएचसी पर लटके ताले

Sun, 06 Nov 2016 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरों
अमर उजाला ब्यूरों Updated Sun, 06 Nov 2016 02:12 AM IST
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
स्वस्थ उपकेंद्रों से लेकर सीएचसी पर महज खानापूर्ति की जा रही है। शासन की ओर से जारी सख्त आदेश के बाद भी चिकित्सक सुधरने को तैयार नहीं हैं। कई सीएचसी पर चिकित्सकों को आवास आवंटित होने के बाद भी वह वहां रहने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में अधिकांश सीएचसी मरीजों के लिए केवल रेफर सेंटर बनकर रह गए हैं।
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  शनिवार को स्वास्थ्य कार्यक्रम को लेकर सीएमओ कार्यालय में सभी सीएचसी प्रभारियों की मीटिंग थी। मीटिंग लगभग तीन बजे तक चली। इसके बाद अधिकांश सीएचसी प्रभारी एवं चिकित्सा अधीक्षक सीएचसी पर नहीं पहुंचे। नियमों के तहत सख्त हिदायत दी गई है कि अगर कोई चिकित्सक स्टेशन छोड़ता है तो उसे स्वीकृति लेनी होगी। अधिकांश चिकित्सकों ने तैनाती उनके स्थाई आवास के आसपास ली हुई है। दिन ढलते ही वह सीएचसी के बजाय अपने घरों पर चले जाते हैं। किला परीक्षितगढ़ के सीएचसी प्रभारी अशोक कुमार जागृति विहार में रहते हैं।  मवाना में तैनात डॉ. वीरेंद्र चौहान यशोदा कुंज से अप एंड डाउन कर रहे हैं। जानी, रोहटा व सरधना की सीएचसी का भी यही हाल है।
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 रात में 90 फीसदी मरीज रेफर
रात में सीएचसी पर पहुंचने वाले 90 प्रतिशत मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। किला परीक्षितगढ़ सीएचसी पर मौजूद अमर उजाला टीम के सामने ही एक्सीडेंट का केस आया था। घायल के शरीर पर कु छ खरोंचे थीं लेकिन मौके पर तैनात डॉ. संजीव ने बिना कुछ देखे ही मरीज को जिला अस्पताल मेरठ के लिए रेफर कर दिया। सीएचसी पर इलाज नहीं मिलने के कारण ही कई बार हादसों में घायल मरीज दम तोड़ देते हैं। उधर, सीएमओ डॉ. वीरेंद्र पाल सिंह का कहना है कि ड्यूटी नहीं करने वाले हर चिकित्सक और स्टाफ पर कार्रवाई होगी। जो चिकित्सक सीएचसी पर नहीं मिले हैं, उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिले की स्थिति
कुल सीएचसी  - 12
कुल एडिशनल पीएचसी - 31
खरखौदा के चिकित्सा अधीक्षक गाजियाबाद से कर रहे हैं नौकरी  
केस - 1 :  मेरठ मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित भावनपुर सीएचसी में दोपहर से लेकर शाम तक सीएचसी प्रभारी अनुपस्थित मिले। बताया गया है कि वह सीएमओ कार्यालय गए हैं, लेकिन रात को जब अमर उजाला की टीम पहुंची तो उनके कार्यालय और आवास पर ताला लगा था।  
केस - 2 : शाम के 7 बजे खरखौदा स्थित सीएचसी प्रभारी अधीक्षक डॉ. आरके सिरोहा अनुपस्थित थे। उनके कार्यालय और आवास पर ताला लगा था। वहां तैनात स्टाफ ने बताया कि वह घर चले गए हैं। वह गाजियाबाद से ही नौकरी कर रहे हैं। शाम होने से पहले ही वह सीएचसी छोड़ देते हैं।
केस - 3 :  शनिवार की शाम साढ़े 6 बजे अमर उजाला की टीम किला परीक्षितगढ़ सीएचसी पर पहुंची। यहां  सीएचसी प्रभारी डॉ. अशोक कुमार नदारद थे। वहां मौजूद डॉ. संजीव ने बताया कि डॉ. अशोक शाम को ही मेरठ चले जाते हैं। जरूरत होने पर उन्हें फोन कर बुला लिया जाता है।
केस - 4 : शनिवार रात 8:20 बजे अमर उजाला टीम मवाना सीएचसी पर पहुंची। वहां कोई भी स्टाफ मौजूद नहीं था। सीएचसी पर सन्नाटा पसरा था। सीएचसी प्रभारी डॉ. वीरेंद्र कुमार चौहान स्वयं भी नदारद थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि डॉ. वीरेंद्र चौहान रात में यहां नहीं रुकते हैं।

 केस - 5 : शनिवार रात 9:30 बजे दौराला सीएचसी पर डॉ. सचिन मौजूद थे। उनसे पूछा गया तो उन्होंने बताया कि डॉ. गजेंद्र मेरठ में अपने आवास पर हैं। अगर जरूरत पड़ती है तो उन्हें बुला लिया जाता है। हालांकि, रात में मैं ही ड्यूटी पर रहता हूं।
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