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लिंग परीक्षण के खेल का पर्दाफाश, डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक का एड्रेस लिखा गया है....
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
Updated Sat, 01 Apr 2017 12:43 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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वेस्ट यूपी में भ्रूण की लिंग जांच का काला कारोबार खूब फल-फूल रहा है। हरियाणा के सोनीपत और मेरठ की ज्वाइंट टीम ने शहर के पॉश इलाके में चल रहे लिंग परीक्षण के खेल का पर्दाफाश कर दिया। डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक और दो दलालों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक दलाल फरार हो गया।
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सोनीपत की टीम ने सिविल सर्जन (सीएमओ सोनीपत) को जानकारी में लेकर अभियान शुरू किया। पीसीपीएनडीटी की टीम ने सिविल सर्जन से लिंग परीक्षण का स्टिंग करने के लिए 14,000 रुपये के नोटों की सीरीज पर हस्ताक्षर कराये। इसके बाद टीम एक फर्जी महिला ग्राहक को लेकर आई, जो हरियाणा निवासी दलाल जय भगवान के संपर्क में थी। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे जय भगवान महिला को लेकर मेरठ पहुंचा। उससे पहले ही सोनीपत की टीम मेरठ में फील्डिंग लगा चुकी थी। जिला प्रशासन की मदद से सिटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार, पीसीपीएनडीटी के नोडल ऑफिसर डॉ. केपी सिंह की निगरानी में एक टीम हरियाणा टीम की मदद के लिए तैनात की गई। दोनों टीमेें ग्राहक यानी महिला के संपर्क में थीं।
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डा. केपी सिंह ने बताया कि जय भगवान ने महिला और उसके साथ आये परिजनों को मूलचंद अस्पताल में तैनात स्टाफ योगेश त्यागी से मिलवाया। योगेश रिक्शा पर महिला को लेकर चल दिया। इसी बीच जयभगवान मूलचंद के सामने इंतजार करने लगा। गाड़ी में आई टीम ने जय भगवान को उठाया और रिक्शा का पीछा करना शुरू कर दिया। तेजगढ़ी से आगे निकलते ही योगेश ने महिला को रिक्शा से उतारा और एक युवक की स्कूटी पर बैठाकर रवाना कर दिया। पीछे से आई टीम ने योगेश को धर लिया। पूछताछ करने पर योगेश ने बताया कि महिला को मनीष नाम का युवक स्कूटी पर कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर ले गया है। दोनों टीमें अपनी-अपनी गाड़ियों में कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर पर पहुंचीं, लेकिन वहां महिला नहीं थी। टीम के माथे पर पसीना आ गया। लगा कि कहीं महिला के साथ कोई अनहोनी न हो जाये। डायग्नोस्टिक सेंटर के स्टाफ से पूछताछ की, लेकिन किसी ने कुछ नहीं बताया। यहां तक कि मनीष नाम के किसी व्यक्ति के बारे में जानकारी से भी इंकार कर दिया। वहीं योगेश पर सख्ती की गई, तो उसने कहा कि इन्हीं लोगों ने महिला को गायब कर दिया है। काफी माथापच्ची के बाद टीम ने पुलिस को बुलाया। डायग्नोस्टिक सेंटर को खंगाला गया। इसके बाद सेंटर के मालिक प्रदीप कुमार के जागृति विहार सेक्टर पांच स्थित घर छापा मारा गया। वहां महिला एक कमरे में बंद मिली। प्रदीप कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
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आठ हजार रुपये बरामद
टीम ने महिला को 14,000 रुपये देकर भेजा था, लेकिन जय भगवान और योगेश त्यागी से चार-चार हजार रुपये ही बरामद हुए। ऐसा माना जा रहा है कि छह हजार रुपये डायग्नोस्टिक सेंटर ने लिए।
अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और दलालोें का गठजोड़
इस भंडाफोड़ से साफ है कि अस्पताल, नर्सिंग होम के स्टाफ के साथ ही डायग्नोस्टिक सेंटरों के मालिक भी इस काले कारोबार में लिप्त हैं। क्योंकि पकड़े गए दलाल जयभगवान और योगेश त्यागी का संबंध अस्पताल से था। योगेश त्यागी मूलचंद हॉस्पिटल का स्टाफ है, तो जय भगवान सोनीपत के किसी अस्पताल में काम करता है। फरार हुआ तीसरा दलाल मनीष कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर गढ़ रोड (निकट मेडिकल कालेज) का स्टाफ है। इस खेल का असली खिलाड़ी कृष्णा डायग्नोस्टिक सेंटर का मालिक प्रदीप कुमार है।