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जयंती पर विशेष : धन सिंह कोतवाल ने जगाई थी क्रांति की अलख
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धन सिंह कोतवाल ने जगाई थी क्रांति की अलख
मेरठ। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम का उद्भव मेरठ की क्रांतिकारी धरा से हुआ था। इस जनक्रांति के जननायक बनकर उभरे थे अमर शहीद धन सिंह कोतवाल। मेरठ सदर बाजार कोतवाली में तैनात ग्राम पांचली खुर्द निवासी कोतवाल धन सिंह गुर्जर का जन्म 27 नवंबर 1814 को हुआ था। उन्होंने 10 मई 1857 को ब्रिटिश विरोधी जनक्रांति में अहम भूमिका निभाई थी।
पूर्व योजना के तहत विद्रोही सैनिकों और धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने अंग्रेजों के विरुद्ध साझा मोर्चा गठित कर क्रांतिकारी घटनाओं को अंजाम दिया था। शाम 5 से 6 बजे के बीच सदर बाजार की सशस्त्र भीड़ और सैनिकों ने कई स्थानों पर एक साथ विद्रोह किया था। धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में भीड़ ने ‘मारो फिरंगी’ का घोष कर सदर बाजार और कैंट क्षेत्र में अंग्रेजों का कत्लेआम किया। उनके आह्वान पर गांव पांचली सहित घाट, नंगला, गगोल, नूरनगर, लिसाड़ी, चूडियाला, डीलना आदि के हजारों लोग सदर कोतवाली में जमा हो गए। बुजुर्गों के अनुसार, इन लोगों ने रात दो बजे नई जेल तोड़कर 839 कैदियों को छुड़ा लिया और जेल में आग लगा दी। 4 जुलाई 1857 को बदले की भावना से अंग्रेज ‘खाकी रिसाले’ ने धन सिंह कोतवाल के गांव पांचली को तोपों से उड़ा दिया। करीब 400 लोग मारे गए और 40 लोगों को फांसी दे दी गई।
हुआ प्रतिमा का अनावरण
गत 3 जुलाई 2018 को प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने सदर थाना परिसर में धन सिंह कोतवाल की प्रतिमा का अनावरण किया था। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि धन सिंह की वजह से पुलिस महकमा गौरवान्वित है। धन सिंह कोतवाल जैसी कुर्बानी किसी अन्य पुलिस कर्मी ने दी हो, ऐसा उन्होंने अपने कार्यकाल में कहीं नहीं देखा। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जंग छेड़ने वाले इस जांबाज का नाम महकमे में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। गत 12 अगस्त 2018 को पूर्व राज्यपाल रामनाईक एवं उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सीसीएस यूनिवर्सिटी परिसर में धन सिंह कोतवाल की प्रतिमा का अनावरण किया था।
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लेखक-तस्वीर सिंह चपराना, चेयरमैन, 1857 के क्रांतिनायक शहीद धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान
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150 स्कूलों में छात्र होंगे कार्यक्रम में शामिल
क्रांतिनायक शहीद धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान के अध्यक्ष तस्वीर सिंह चपराना ने बताया कि बुधवार को धन सिंह कोतवाल की 205वीं जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। उनके पैतृक गांव पांचली खुर्द स्थित गुरुकुल सर्वोदय इंटर कॉलेज के साथ करीब 150 विद्यालयों के छात्रों के मध्य कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के चरित्र में शहीदों के प्रति सम्मान एवं निष्ठा की भावना पैदा करना है।
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मेरठ। 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम का उद्भव मेरठ की क्रांतिकारी धरा से हुआ था। इस जनक्रांति के जननायक बनकर उभरे थे अमर शहीद धन सिंह कोतवाल। मेरठ सदर बाजार कोतवाली में तैनात ग्राम पांचली खुर्द निवासी कोतवाल धन सिंह गुर्जर का जन्म 27 नवंबर 1814 को हुआ था। उन्होंने 10 मई 1857 को ब्रिटिश विरोधी जनक्रांति में अहम भूमिका निभाई थी।
पूर्व योजना के तहत विद्रोही सैनिकों और धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में पुलिस फोर्स ने अंग्रेजों के विरुद्ध साझा मोर्चा गठित कर क्रांतिकारी घटनाओं को अंजाम दिया था। शाम 5 से 6 बजे के बीच सदर बाजार की सशस्त्र भीड़ और सैनिकों ने कई स्थानों पर एक साथ विद्रोह किया था। धन सिंह कोतवाल के नेतृत्व में भीड़ ने ‘मारो फिरंगी’ का घोष कर सदर बाजार और कैंट क्षेत्र में अंग्रेजों का कत्लेआम किया। उनके आह्वान पर गांव पांचली सहित घाट, नंगला, गगोल, नूरनगर, लिसाड़ी, चूडियाला, डीलना आदि के हजारों लोग सदर कोतवाली में जमा हो गए। बुजुर्गों के अनुसार, इन लोगों ने रात दो बजे नई जेल तोड़कर 839 कैदियों को छुड़ा लिया और जेल में आग लगा दी। 4 जुलाई 1857 को बदले की भावना से अंग्रेज ‘खाकी रिसाले’ ने धन सिंह कोतवाल के गांव पांचली को तोपों से उड़ा दिया। करीब 400 लोग मारे गए और 40 लोगों को फांसी दे दी गई।
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हुआ प्रतिमा का अनावरण
गत 3 जुलाई 2018 को प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने सदर थाना परिसर में धन सिंह कोतवाल की प्रतिमा का अनावरण किया था। इस मौके पर उन्होंने कहा था कि धन सिंह की वजह से पुलिस महकमा गौरवान्वित है। धन सिंह कोतवाल जैसी कुर्बानी किसी अन्य पुलिस कर्मी ने दी हो, ऐसा उन्होंने अपने कार्यकाल में कहीं नहीं देखा। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ जंग छेड़ने वाले इस जांबाज का नाम महकमे में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगा। गत 12 अगस्त 2018 को पूर्व राज्यपाल रामनाईक एवं उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने सीसीएस यूनिवर्सिटी परिसर में धन सिंह कोतवाल की प्रतिमा का अनावरण किया था।
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लेखक-तस्वीर सिंह चपराना, चेयरमैन, 1857 के क्रांतिनायक शहीद धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान
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150 स्कूलों में छात्र होंगे कार्यक्रम में शामिल
क्रांतिनायक शहीद धन सिंह कोतवाल शोध संस्थान के अध्यक्ष तस्वीर सिंह चपराना ने बताया कि बुधवार को धन सिंह कोतवाल की 205वीं जयंती धूमधाम से मनाई जाएगी। उनके पैतृक गांव पांचली खुर्द स्थित गुरुकुल सर्वोदय इंटर कॉलेज के साथ करीब 150 विद्यालयों के छात्रों के मध्य कार्यक्रम आयोजित कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के चरित्र में शहीदों के प्रति सम्मान एवं निष्ठा की भावना पैदा करना है।