वसीम रिजवी की जुबान व ईमान RSS के हाथों बिका हुआ: जावेद आबदी
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कभी दारुल उलूम, उलमा तो कभी बाबरी मस्जिद को लेकर विवादित बयान देने वाले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी पर उन्हीं के समुदाय के नेता व समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव जावेद आबदी ने जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि रिजवी को आरएसएस व उससे जुड़े संगठनों का संरक्षण प्राप्त है जिसके चलते उन्होंने अपनी जुबान और ईमान को उनके हाथों बेचा हुआ है।
बता दें कि शुक्रवार को सांपला मार्ग स्थित पूर्व राज्यमंत्री ईसा रजा के आवास पर पत्रकारों से वार्ता में जावेद आबदी ने कहा कि वसीम रिजवी के मुंह से निकले शब्द आरएसएस के होते हैं। ऐसा उनमें क्या है जो उन्हें ऊंचा पद और सुरक्षा दी हुई है, जबकि उनकी हैसियत ऐसी है कि अगर बीजेपी या आरएसएस उनको चुनाव लड़ाए तो पांच वोट भी नहीं मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी न आलिम हैं न मुफ्ती और न ही कोई मौलवी, उनकी किसी भी बात का कोई विश्वास नहीं है। इसलिए यह बात समझ से परे है कि आरएसएस रिजवी से क्या कहलवाना चाहती है। उनकी इन्हीं हरकतों की वजह से आज वह अकेले खड़े हुए हैं, शिया समुदाय के लोग भी उनके साथ नहीं है।
वहीं जावेद आबदी ने भाजपा को पागलों की पार्टी बताते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री से लेकर इसके दूसरे नेता हनुमान जी को दलित बताते हैं, कोई जाट तो कोई उन्हें मुसलमान बताता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भाजपा ने हिंदुत्व, रोजगार, गंगा की सफाई जैसे मुद्दों की मिक्स प्लेट सजाकर जनता को दी थी, लेकिन आज तक इन मुद्दों पर जरा भी काम नहीं किया गया।
प्रदेश में सपा बसपा गठबंधन पर आबदी ने कहा कि 15 जनवरी के बाद इसका ऐलान कर दिया जाएगा, लेकिन इस गठबंधन से कांग्रेस को बाहर रखा जाएगा। क्योंकि मध्यप्रदेश में सपा का एक विधायक जीता जिसे मंत्री नहीं बनाया गया। गठबंधन की पहल पर ही कांग्रेस ने ऐसा रुख अपनाया है। वार्ता के दौरान पूर्व विधायक माविया अली, मेहंदी हसन, मौलाना मो. सईद, नईम अब्बास, अमन आलम, मुफीद आलम आदि मौजूद रहे।
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