देवबंद: रसूलपुर प्रकरण की जांच को सपा ने गठित की कमेटी, शशिबाला पुंडीर ने उठाए सवाल
- शशिबाला पुंडीर ने कमेटी पर उठाए सवाल
- भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा इससे जातीय तनाव पैदा होगा
-रसूलपुर में खेल में मैदान में पानी भरने को लेकर दो पक्षों में हुआ था विवाद
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रसूलपुर टांक गांव में करीब डेढ़ माह पूर्व खेल के मैदान में पानी छोड़े जाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई थी। पुुलिस ने मेडिकल के आधार पर एक पक्ष की तहरीर मिलने पर कई लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की थी। एक पक्ष के लोग सपा नेताओं से मिले।
इस मामले को लेकर सपा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी तक का गठन कर दिया। जिसमें सपा के पूर्व प्रदेश सचिव रहे मांगेराम कश्यप, जिलाध्यक्ष रुद्रसैन, पूर्व विधायक माविया अली, पूर्व एमएलसी उमर अली खां, एमएलसी स्नातक सीट के प्रत्याशी शमशाद मलिक को शामिल किया गया है।
कमेटी मंगलवार को गांव पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करेगी। पूर्व प्रदेश सचिव मांगेराम कश्यप ने कमेटी गठित किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि मंगलवार को कमेटी गांव में जाकर पूरे प्रकरण की जांच करेगी।
पूर्व विधायक शशिबाला कमेटी पर सवाल उठा फूटकर रोने लगीं
प्रदेशाध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल द्वारा गठित की गई पांच सदस्यीय जांच कमेटी पर सपा नेत्री व पूर्व विधायक शशिबाला पुंडीर ने ही सवाल खड़ा कर दिया है। इतना ही नहीं एक अन्य मामले में सीओ कार्यालय पहुंचीं शशिबाला पुंडीर के सामने जब यह मामला आया तो वह फूट फूटकर रोने लगीं। उन्होंने कहा कि सपा मुखिया को सर्वसमाज को साथ लेकर राजनीति करनी चाहिए। कमेटी में सर्वसमाज के नेताओं को लेना चाहिए था, जबकि ऐसा नहीं किया गया।
कमेटी में शामिल कई नेताओं पर आपराधिक मामले दर्ज: सैनी
मामूली विवाद में सपा उतरी तो भाजपा भी सामने आ गई। कमेटी गठित किए जाने पर भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र सैनी ने कहा कि कमेटी में शामिल कई नेताओं पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। इससे क्षेत्र में जातीय तनाव पैदा होगा।