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डेंगू के खौफ ने उड़ाई वायरल मरीजों की नींद

Sun, 20 Sep 2015 02:25 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 20 Sep 2015 02:25 AM IST
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dengue fever meerut

अस्पताल सरकारी हों या निजी, कहीं भी पैर रखने की जगह नहीं बची है। इसकी वजह है डेंगू का खौफ। हालात ऐसे हैं कि वायरल के भी मरीज डेंगू की आशंका में अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि डेंगू और वायरल के लक्षण काफी मिलते-जुलते हैं। इससे अस्पतालों में बेड कम पड़ गए हैं। इसका असर अस्पतालों में रोजाना होने वाली सर्जरी पर पड़ा है। मरीज को भर्ती करने की जगह न होने से सिर्फ जरूरी केस में ही सर्जरी की जा रही है।

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जिले के 230 से अधिक अस्पताल और नर्सिंग होम के बेड वायरल और डेंगू के मरीजों से ही भरे हुए हैं। दोनों के लक्षण काफी मिलने-जुलने से लोग ज्यादा सशंकित हैं। चिकित्सकों के मुताबिक, मरीज भले ही वायरल के हों, लेकिन प्लेटलेट्स जरा भी डाउन होने पर वे अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही का कहना है कि डेंगू की तरह वायरल में भी प्लेटलेट्स डाउन होती हैं। इसके अलावा हाथ-पैर में दर्द और जोड़ों में जकड़न जैसी समस्याएं होती हैं। इससे लोग घबरा जाते हैं। हालांकि, कई बार मरीज को भर्ती करने की स्थिति आ जाती है। वजह यह कि प्लेटलेट्स डाउन होने से कई तरह के खतरों की आशंका उत्पन्न हो जाती है।
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शहर में डेंगू के 48 मरीज
शहर में डेंगू के पीड़ित मरीजों की संख्या 48 तक पहुंच गई है। इनमें से 19 मरीज दूसरे जिलों के बताए गए हैं। सही इलाज न मिलने की वजह से कई मौतें भी हो चुकी हैं। यह बात अलग है कि जिला स्वास्थ्य विभाग इनकी पुष्टि करने को तैयार नहीं है।
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100 में से 99 को भर्ती करने की जरूरत नहीं
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि वायरल की तरह डेंगू भी एक बुखार है, जो मच्छर के काटने से होता है। शायद बेहद कम लोग ही जानते होंगे कि चिकित्सा विज्ञान के अध्ययनों में स्पष्ट हो चुका है कि डेंगू के 100 में से 99 मरीजों को भर्ती करने की जरूरत नहीं होती। ऐसे मरीजों का सही दिशा में इलाज हो तो वे घर पर रहकर ही स्वस्थ हो सकते हैं। मरीज को बहुत अधिक उल्टी हो, चक्कर आए, यूरिन, मल और दांतों से खून आए, तब उसे तत्काल भर्ती करा दें। बाकी सभी कंडीशन में मरीज को दिन में तीन बार पैरासिटामॉल दें। इस बात का ध्यान रखें कि मरीज को किसी भी सूरत में पेन किलर न दें।


डेंगू है तो ये करें
- ताजा और हल्का खाना खायें
- वायरल और डेंगू होने पर कंप्लीट आराम करें
- खूब पानी पीयें और बीच-बीच में ओआरएस का घोल लेते रहें
- खाने में लौकी और तोरई का अधिक सेवन करें

गिलोय से करें बचाव
डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य का कहना है कि गिलोय का रस, काढ़ा या गोली लेकर डेंगू और वायरल से बचा जा सकता है। रस ले रहे हैं तो दिन में दो बार तीन-तीन चम्मच लें। इससे काफी आराम मिलेगा। साथ ही वायरल और डेंगू भी नहीं होगा। आप स्वस्थ हैं, फिर भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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