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Meerut News: मेरठ–करनाल हाईवे पर अतिक्रमण हटाने की मांग
Sat, 03 Jan 2026 07:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sat, 03 Jan 2026 07:51 PM IST
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परियोजना अधिकारी ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर किया अनुरोध
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। मेरठ–करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी ने जिलाधिकारी मेरठ को पत्र लिखकर हाईवे किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति हो रहे निर्माण कार्यों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि मेरठ-करनाल हाईवे पर दुकानों, ढाबों और अन्य अस्थायी व स्थायी संरचनाओं के कारण यातायात बाधित हो रहा है। इससे न केवल जाम की समस्या बढ़ रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई है। हाईवे की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था अतिक्रमण के चलते प्रभावित हो रही है। परियोजना अधिकारी ने पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। सरकार द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को अवैध कब्जे हटाने, लागत वसूली और हाईवे को हुए नुकसान की भरपाई की शक्तियां प्रदान की गई हैं। एनएचएआई ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मेरठ-करनाल हाईवे सहित उसके अधीन आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर अवैध कब्जे तत्काल हटवाए जाएं, ताकि यातायात व्यवस्था सुधर सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने तहसीलदार को जांच करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। मेरठ–करनाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया है। प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी ने जिलाधिकारी मेरठ को पत्र लिखकर हाईवे किनारे किए गए अवैध अतिक्रमण और बिना अनुमति हो रहे निर्माण कार्यों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
पत्र में कहा गया है कि मेरठ-करनाल हाईवे पर दुकानों, ढाबों और अन्य अस्थायी व स्थायी संरचनाओं के कारण यातायात बाधित हो रहा है। इससे न केवल जाम की समस्या बढ़ रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी लगातार बनी हुई है। हाईवे की सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था अतिक्रमण के चलते प्रभावित हो रही है। परियोजना अधिकारी ने पत्र में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए बताया कि अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। सरकार द्वारा जिला मजिस्ट्रेट को अवैध कब्जे हटाने, लागत वसूली और हाईवे को हुए नुकसान की भरपाई की शक्तियां प्रदान की गई हैं। एनएचएआई ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मेरठ-करनाल हाईवे सहित उसके अधीन आने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाकर अवैध कब्जे तत्काल हटवाए जाएं, ताकि यातायात व्यवस्था सुधर सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस संबंध में एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने तहसीलदार को जांच करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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