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Meerut News: भारी वाहनों को रोकने के लिए हाइट गेज लगाने की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सिवाया टोल से बचने के लिए संपर्क मार्गों से गुजर रहे भारी वाहनों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव दादरी के प्रधान ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर दादरी और कैली मार्ग पर हाइट गेज लगाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान प्रवीन कुमार का कहना है कि दिल्ली और हरिद्वार की ओर जाने वाले भारी वाहन पहले गंगनहर स्थित चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग से गुजरते थे, लेकिन वहां प्रतिबंध लगने के बाद अब वाहन चालक टोल बचाने के लिए गांवों के संकरे संपर्क मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। साथ ही सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों और बुजुर्गों का इन मार्गों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
उपजिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर ने बताया कि शिकायत के आधार पर लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को पत्र भेज दिया गया है। दोनों विभागों के समन्वय से जल्द ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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सरधना। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर सिवाया टोल से बचने के लिए संपर्क मार्गों से गुजर रहे भारी वाहनों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव दादरी के प्रधान ने इस समस्या को गंभीर बताते हुए उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर दादरी और कैली मार्ग पर हाइट गेज लगाने की मांग की है।
ग्राम प्रधान प्रवीन कुमार का कहना है कि दिल्ली और हरिद्वार की ओर जाने वाले भारी वाहन पहले गंगनहर स्थित चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग से गुजरते थे, लेकिन वहां प्रतिबंध लगने के बाद अब वाहन चालक टोल बचाने के लिए गांवों के संकरे संपर्क मार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार इन रास्तों पर भारी वाहनों की आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है। साथ ही सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है। स्थिति यह है कि बच्चों और बुजुर्गों का इन मार्गों पर निकलना तक मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द प्रभावी कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।
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उपजिलाधिकारी उदित नारायण सेंगर ने बताया कि शिकायत के आधार पर लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को पत्र भेज दिया गया है। दोनों विभागों के समन्वय से जल्द ही आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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