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वेस्ट यूपी में पिस्टलों के सप्लायरों का भंडाफोड़
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2016 01:31 AM IST
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हथियारों का जखीरा बरामद
- फोटो : अमर उजाला
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वेस्ट यूपी के कुख्यात बदमाशों को पिस्टल और रिवाल्वर सप्लाई करने वाले गिरोह का मेरठ पुलिस ने बृहस्पतिवार को भंडाफोड़ किया। पुलिस ने गिरोह के दो लोगों को दबोचते हुए आठ पिस्टल और दो रिवाल्वर बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों ने वेस्ट यूपी के अधिकांश गैंगों को हथियार सप्लाई किए हैं। आरोपियों ने बिहार के मुंगेर की पिस्टल बनाने की फैक्ट्री वेस्ट यूपी के कई जिलों में होना बताया है।
एसपी सिटी ओपी यादव ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता की। बताया कि परतापुर पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने वेस्ट यूपी में अवैध हथियार के दो सप्लायरों परवेज उर्फ फर्रो पुत्र खलील निवासी सराय बहलीम कोतवाली और कय्यूम पुत्र हमीद निवासी नूरनगर स्टेशन के पास लिसाड़ी गेट को गिरफ्तार किया।
दोनों आरोपियों ने बताया कि वे कुख्यात योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, मोनू, राहुल खट्टा, मुकीम काला, सुंदर भाटी, बलराज भाटी आदि गैंगों को पिस्टल, रिवाल्वर सप्लाई करते है। इनका नेटवर्क वेस्ट यूपी के जिलों में फैला हुआ है।
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पुलिस ने इनकी निशानदेही पर आठ पिस्टल .32 बोर और दो रिवाल्वर .32 बोर की बरामद की। आरोपियों ने बताया कि आठ पिस्टल और दो रिवाल्वर की डिमांड जहीरुद्दीन निवासी सराय बहलीम कोतवाली ने मंगवाए थे। पुलिस ने जहीरूद्दीन की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
पुराने हथियार नए बना देते हैं
हथियारों की सर्विस करने में आरोपी कय्यूम बहुत अच्छा मिस्त्री है। पुराने हथियारों को नया बनाकर मोटी कीमत पर बेच देते है। पुलिस कय्यूम को हथियारों की पॉलिस, मरम्मत और सप्लाई करने के मामले में वर्ष 2013 में जेल भेज चुकी है।
बदमाशों से बरामद होते थे पिस्टल
मुकीम गैंग के बदमाश हसीन मोटा, इरशाद छोटा, जावेद, इरशाद काला, शाहिद धौलड़ी और गौरव उर्फ भूरा समेत तीन दर्जन से अधिक बदमाशों से इसी गैंग द्वारा दी गई पिस्टल बरामद हुई। पकड़े गए आरोपी परवेज उर्फ फर्रो ने उक्त बदमाशों को पिस्टल दी थी। जिसका खुलासा एसपी सिटी ने प्रेसवार्ता में किया।
भावना की हत्या में यूज हुई पिस्टल
पुलिस ने बताया कि योगेश भदौड़ा के शूटर गौरव उर्फ भूरा निवासी मुजफ्फरनगर को इस गैंग ने दस पिस्टल दी थीं। पल्लवपुरम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य पूनम चौधरी की पुत्रवधू भावना की हत्या में भी गौरव ने इन्हीं पिस्टलों को इस्तेमाल किया था।
50 से 80 हजार में बेचते थे
आरोपियों ने बताया कि 50 से 80 हजार रुपये में वह बदमाशों को पिस्टल और रिवाल्वर बेचते थे। इस गैंग का बदमाशों से सीधा नेटवर्क जुड़ा था। पुलिस ने पहले भी इस गिरोह को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार हो जाते थे।
ठेले पर डीलिंग
क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव यादव ने बताया कि ऑटोमेटिक हथियारों को डीलिंग यह गिरोह सब्जी या फलों के ठेले पर करते थे, ताकि किसी को शक न हो। हथियारों की खेप कहां पहुंची और किस गैंग में जाएगी, इसके लिए अलग अलग बदमाश लगे होते हैं।
मुंगेर से ज्यादा यहां बनते हैं
आरोपियों ने बताया कि वेस्ट यूपी में पहले केवल तमंचे बनाने की फैक्ट्रियां थीं। मुंगेर से पिस्टल, रिवाल्वर की सप्लाई होती थी। मुंगेर की पिस्टलों पर छापेमारी ज्यादा होने लगी तो वहां हथियार बनाने वालों ने वेस्ट के जिलों में ही फैक्ट्रियां लगा लीं। उनका कहना है कि अब पिस्टल के लिये मुंगेर जाने की जरूरत नहीं होती। यह पिस्टल यहीं आसानी से मिल जाती हैं।
अब तक बरामदगी
- सरधना में पकड़े गए थे दस पिस्टल और कारतूस
- रार्धना, किठौर में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी
- क्राइम ब्रांच ने रार्धना से जाते आठ पिस्टल, 12 तमंचे और कारतूस पकड़े
- ऊधम सिंह गैंग के दो बदमाशों से 5 पिस्टल, दो रिवाल्वर और कारतूस बरामद
- क्राइम ब्रांच ने सिविल लाइन से दो युवकों से सात पिस्टल, 10 तमंचे और कारतूस बरामद किए
- लिसाड़ीगेट पुलिस ने तमंचा फैक्ट्री से 15 तमंचे, कारतूस पकड़े
- परतापुर पुलिस ने तमंचे सप्लाई करने वाला गैंग पकड़ा था
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एसपी सिटी ओपी यादव ने बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता की। बताया कि परतापुर पुलिस व क्राइम ब्रांच टीम ने वेस्ट यूपी में अवैध हथियार के दो सप्लायरों परवेज उर्फ फर्रो पुत्र खलील निवासी सराय बहलीम कोतवाली और कय्यूम पुत्र हमीद निवासी नूरनगर स्टेशन के पास लिसाड़ी गेट को गिरफ्तार किया।
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दोनों आरोपियों ने बताया कि वे कुख्यात योगेश भदौड़ा, ऊधम सिंह, मोनू, राहुल खट्टा, मुकीम काला, सुंदर भाटी, बलराज भाटी आदि गैंगों को पिस्टल, रिवाल्वर सप्लाई करते है। इनका नेटवर्क वेस्ट यूपी के जिलों में फैला हुआ है।
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पुलिस ने इनकी निशानदेही पर आठ पिस्टल .32 बोर और दो रिवाल्वर .32 बोर की बरामद की। आरोपियों ने बताया कि आठ पिस्टल और दो रिवाल्वर की डिमांड जहीरुद्दीन निवासी सराय बहलीम कोतवाली ने मंगवाए थे। पुलिस ने जहीरूद्दीन की तलाश में कई जगह दबिश दी, लेकिन उसका सुराग नहीं लगा।
पुराने हथियार नए बना देते हैं
हथियारों की सर्विस करने में आरोपी कय्यूम बहुत अच्छा मिस्त्री है। पुराने हथियारों को नया बनाकर मोटी कीमत पर बेच देते है। पुलिस कय्यूम को हथियारों की पॉलिस, मरम्मत और सप्लाई करने के मामले में वर्ष 2013 में जेल भेज चुकी है।
बदमाशों से बरामद होते थे पिस्टल
मुकीम गैंग के बदमाश हसीन मोटा, इरशाद छोटा, जावेद, इरशाद काला, शाहिद धौलड़ी और गौरव उर्फ भूरा समेत तीन दर्जन से अधिक बदमाशों से इसी गैंग द्वारा दी गई पिस्टल बरामद हुई। पकड़े गए आरोपी परवेज उर्फ फर्रो ने उक्त बदमाशों को पिस्टल दी थी। जिसका खुलासा एसपी सिटी ने प्रेसवार्ता में किया।
भावना की हत्या में यूज हुई पिस्टल
पुलिस ने बताया कि योगेश भदौड़ा के शूटर गौरव उर्फ भूरा निवासी मुजफ्फरनगर को इस गैंग ने दस पिस्टल दी थीं। पल्लवपुरम में पूर्व जिला पंचायत सदस्य पूनम चौधरी की पुत्रवधू भावना की हत्या में भी गौरव ने इन्हीं पिस्टलों को इस्तेमाल किया था।
50 से 80 हजार में बेचते थे
आरोपियों ने बताया कि 50 से 80 हजार रुपये में वह बदमाशों को पिस्टल और रिवाल्वर बेचते थे। इस गैंग का बदमाशों से सीधा नेटवर्क जुड़ा था। पुलिस ने पहले भी इस गिरोह को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वह फरार हो जाते थे।
ठेले पर डीलिंग
क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव यादव ने बताया कि ऑटोमेटिक हथियारों को डीलिंग यह गिरोह सब्जी या फलों के ठेले पर करते थे, ताकि किसी को शक न हो। हथियारों की खेप कहां पहुंची और किस गैंग में जाएगी, इसके लिए अलग अलग बदमाश लगे होते हैं।
मुंगेर से ज्यादा यहां बनते हैं
आरोपियों ने बताया कि वेस्ट यूपी में पहले केवल तमंचे बनाने की फैक्ट्रियां थीं। मुंगेर से पिस्टल, रिवाल्वर की सप्लाई होती थी। मुंगेर की पिस्टलों पर छापेमारी ज्यादा होने लगी तो वहां हथियार बनाने वालों ने वेस्ट के जिलों में ही फैक्ट्रियां लगा लीं। उनका कहना है कि अब पिस्टल के लिये मुंगेर जाने की जरूरत नहीं होती। यह पिस्टल यहीं आसानी से मिल जाती हैं।
अब तक बरामदगी
- सरधना में पकड़े गए थे दस पिस्टल और कारतूस
- रार्धना, किठौर में अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी
- क्राइम ब्रांच ने रार्धना से जाते आठ पिस्टल, 12 तमंचे और कारतूस पकड़े
- ऊधम सिंह गैंग के दो बदमाशों से 5 पिस्टल, दो रिवाल्वर और कारतूस बरामद
- क्राइम ब्रांच ने सिविल लाइन से दो युवकों से सात पिस्टल, 10 तमंचे और कारतूस बरामद किए
- लिसाड़ीगेट पुलिस ने तमंचा फैक्ट्री से 15 तमंचे, कारतूस पकड़े
- परतापुर पुलिस ने तमंचे सप्लाई करने वाला गैंग पकड़ा था