{"_id":"5a7775af4f1c1bef7b8b562e","slug":"sequerty-in-meerut","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में 19 सौ सिपाही 1275 गवाह, कैसे हो सुरक्षा ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जिले में 19 सौ सिपाही 1275 गवाह, कैसे हो सुरक्षा
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 05 Feb 2018 02:35 AM IST
विज्ञापन
पिस्टल की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोहरका में मां-बेटे की हत्या में किरकिरी के बाद अब गवाह सावित्री पर जानलेवा हमले ने पुलिस के सुरक्षा के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। जिले में हत्या के करीब 1275 गवाह हैं, जबकि सिपाहियों की संख्या करीब 19 सौ है। इनमें भी 100 सिपाही अफसरों तो 50 नेताओं की सेवा में तैनात हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि 1750 में से कितने सिपाहियों को गवाहों की सुरक्षा में तैनात किया जाएगा।
सोहरका में नरेंद्र हत्याकांड में गवाही से एक दिन पहले ही नरेंद्र की पत्नी निछत्तर कौर और बेटे भोलू की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। दोनों नरेंद्र हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे और उन्हें आरोपी धमकी दे रहे थे। इसी तरह हसनपुर रजापुर सरूरपुर निवासी सावित्री पर शनिवार सुबह सिर से सटाकर दो गोलियां मारी गई। सावित्री अपने बेटे चेतन हत्याकांड की दो अन्य बेटोें मितन और रवि के साथ चश्मदीद गवाह है। सोहरका हत्याकांड के बाद पुलिस अफसरों से गवाहों ने सुरक्षा मांगना शुरू कर दिया है। लखनऊ से भी गवाहों की सुरक्षा के बाबत पूछा जा रहा है। ऐसे में पुलिस विभाग के लिए यह बड़ी समस्या है कि हर गवाह को कैसे सुरक्षा प्रदान करे और रूटीन की पुलिसिंग भी कैसे कायम रखे।
प्रशांत के परिजनों को दी सुरक्षा
एसओ मेडिकल सतीश कुमार ने बताया जागृति विहार निवासी छात्रनेता प्रशांत चौधरी हत्याकांड के आरोपी जमानत पर जेल से बाहर है। परिजनों ने गवाही को देखते हुए जान का खतरा जताकर सुरक्षा मांगी थी। सुरक्षा की दृष्टि से पिस्टल के साथ एक सिपाही पीड़ित परिवार को दिया गया है। गनर को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होने दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोहरका में नरेंद्र हत्याकांड में गवाही से एक दिन पहले ही नरेंद्र की पत्नी निछत्तर कौर और बेटे भोलू की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। दोनों नरेंद्र हत्याकांड के चश्मदीद गवाह थे और उन्हें आरोपी धमकी दे रहे थे। इसी तरह हसनपुर रजापुर सरूरपुर निवासी सावित्री पर शनिवार सुबह सिर से सटाकर दो गोलियां मारी गई। सावित्री अपने बेटे चेतन हत्याकांड की दो अन्य बेटोें मितन और रवि के साथ चश्मदीद गवाह है। सोहरका हत्याकांड के बाद पुलिस अफसरों से गवाहों ने सुरक्षा मांगना शुरू कर दिया है। लखनऊ से भी गवाहों की सुरक्षा के बाबत पूछा जा रहा है। ऐसे में पुलिस विभाग के लिए यह बड़ी समस्या है कि हर गवाह को कैसे सुरक्षा प्रदान करे और रूटीन की पुलिसिंग भी कैसे कायम रखे।
विज्ञापन
प्रशांत के परिजनों को दी सुरक्षा
एसओ मेडिकल सतीश कुमार ने बताया जागृति विहार निवासी छात्रनेता प्रशांत चौधरी हत्याकांड के आरोपी जमानत पर जेल से बाहर है। परिजनों ने गवाही को देखते हुए जान का खतरा जताकर सुरक्षा मांगी थी। सुरक्षा की दृष्टि से पिस्टल के साथ एक सिपाही पीड़ित परिवार को दिया गया है। गनर को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्तर पर कोई चूक नहीं होने दी जाए।
विज्ञापन