मौत के बाद सामने आया दरोगा का ऑडियो, परिजनों ने थाना प्रभारी पर लगाया ये गंभीर आरोप
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यूपी के सहारनपुर जिले में गुरुवार सुबह एक दरोगा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वहीं मृतक दरोगा के परिजनों ने थाना प्रभारी पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। परिजनों ने कुलदीप की मौत की जांच की मांग की है। कुलदीप देवबंद के चौकी रणखंडी पर तैनात था।
कुलदीप सिंह के बहनोई सुधीर बालियान ने आरोप लगाया कि पुलिस के एक अधिकारी द्वारा कुलदीप का उत्पीड़न किया जा रहा था। उस पर काम का दबाव बनाया जा रहा था। बार बार उसकी ड्यूटी लगाई जा रही थी। कुलदीप ने उनसे इस बारे में बताया भी था। इसी वजह से कुलदीप मानसिक दबाव में था।
उन्होंने मांग की है कि कुलदीप की मौत की जांच कराई जाए और सच्चाई परिजनों के सामने लाई जाए। मूल रूप से मुजफ्फरनगर के थाना सिखेड़ा के ग्राम जन्धेड़ी निवासी कुलदीप का परिवार काफी समय से मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित श्रद्धापुरी में रह रहा है। उसके पिता अशोक कुमार सेना से सेवानिवृत्त हैं। बड़ा भाई कंकरखेड़ा में ही मेडिकल स्टोर चलाता है। कुलदीप के दो बच्चे हैं।
उधर, एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि कुलदीप ने मृत्यु पूर्व अपना ऑडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें वह बोल रहा है कि मेरा सपना कुछ और बनना था, पुलिस में तो बहुत काम है। यदि परिवार द्वारा जो कुछ आरोप लगाया जा रहा है उसकी भी जांच कराई जाएगी।
ये था पूरा मामला
मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी कुलदीप सिंह चार माह से प्रशिक्षु उपनिरीक्षक के रूप में देवबन्द की रणखंडी पुलिस चौकी पर तैनात था। गुरुवार सुबह 8:00 बजे वह अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद देवबंद के रेलवे रोड स्थित अपने आवास पर पहुंचा। उसके बाद उसने चादर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। साथी ने काफी देर तक उसका फोन लगाया। लेकिन जब काफी देर तक फोन नहीं मिला तो वह उसके आवास पर पहुंचा। दरवाजा न खुलने पर उसने पुलिस को भी सूचना दी।
वहीं पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दरवाजा तोड़कर अंदर जाकर देखा तो कुलदीप सिंह फांसी पर लटका हुआ मिला। पुलिस का कहना है कि कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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