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एचसीपी ने कराया था मेडिकल थाने में बवाल
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 18 Dec 2015 01:01 AM IST
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बैंक कैशियर की हत्या के बाद मेडिकल थाने में बवाल कराने वाला एक एचसीपी था, जो नोएडा में तैनात है। पुलिस ने पब्लिक के साथ एचसीपी को नामजद कर लिया है। डीआईजी ने एचसीपी के सस्पेंड होने की संस्तुति नोएडा भेजी है।
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सरधना थानाक्षेत्र के ईकड़ी गांव निवासी जयपाल सिंह के इकलौते बेटे रिंकू कुमार की शनिवार को हत्या कर दी थी। आरोपी युवती राशि त्यागी को मेडिकल पुलिस ने रातभर बैठाकर रखा। दोनों परिवार के लोग अपनी अपनी पैरवी करने के लिए भी थाने में डटे रहे।
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ढीली कार्रवाई की बात कहकर पीड़ित परिवार के साथ आए एचसीपी ऋषिपाल सिंह ने लोगों को भड़काया। इस कारण रविवार सुबह लोगों की भीड़ को लेकर एचसीपी मेडिकल थाने पहुंचा। उसके बाद ही लोगों ने हंगामा करते हुए थाने में तोड़फोड़ और आगजनी का प्रयास किया। आरोपी युवती को लोगों ने थाने से बाहर लाकर पीटा भी।
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सोमवार को पुलिस ने थाने पर बवाल करने वालों की वीडियो देखी तो एचसीपी सबसे आगे थे। जिस पर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
सस्पेंड की संस्तुति भेजी
डीआईजी रेंज आशुतोष कुमार ने बताया कि एचसीपी ऋषिपाल सिंह नोएडा के दादरी थाने में तैनात है। उसके खिलाफ केस दर्ज हो गया है। उसके सस्पेंड की संस्तुति नोएडा एसएसपी को भेजी गई है। पुलिस ने बताया कि बवाल करने वाले 18 लोगों की पहचान हुई है। पुलिस जल्द ही उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देगी।
रिंकू मर्डर में पांच नए चेहरे
मेरठ। बैंक कैशियर रिंकू कुमार की हत्या में नामजद लोगों के अलावा पांच ऐसे संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं जोकि इस हत्याकांड में नया मोड़ ला सकते है। वारदात के बाद से ही पांचों संदिग्ध लोगों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हैं।
इस मर्डर केस में पुलिस ने उसकी दोस्त राशि त्यागी, ब्रजमोहन त्यागी, कुलदीप त्यागी को जेल भेजा है। जबकि राशि त्यागी का भाई नामजद निशांत त्यागी अभी फरार है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि रिंकू की हत्या राशि व उसके परिजनों ने की है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि हत्या के पीछे असली मकसद क्या हो सकता। वहीं, राशि की रटी-रटाई जुबान पर भी पीड़ित परिवार की नजर है।
सोमवार को मेडिकल पुलिस जांच करने राशि के नाना नरेंद्र त्यागी के घर शास्त्रीनगर के ब्लॉक पहुंची। जहां, राशि के रिश्तेदारों ने पुलिस के सामने अपना दुखड़ा रोया। उन्होंने रिंकू की हत्या में कोई हाथ नहीं होना बताया।
उसके बाद मेडिकल पुलिस ने सरायकाजी स्थित घटनास्थल पर पहुंचकर आसपास के लोगों से बातचीत भी की। पुलिस का दावा है कि साइबर तकनीक से कुछ मोबाइल नंबर ट्रेस हुए हैं। जिसमें पांच लोगों की भूमिका संदिग्ध है, जिनसे रिंकू की हत्या का जल्द असली खुलासा होगा।
संदिग्ध युवक घर से फरार
पुलिस का कहना है कि इस वारदात में जो पांच संदिग्ध युवकों के नाम सामने आए है, वह वारदात के बाद घर से फरार हैं। वारदात की रात ये युवक नशे में धुत थे।
इनका घटनास्थल के आसपास रोजाना आना-जाना था। रिंकू की हत्या की जानकारी इन युवकों को अगले दिन अखबारों से मिली। जिसके बाद उनके मोबाइल नंबर भी बंद हैं। पुलिस का दावा है कि चार-पांच दिन में उक्त युवक पुलिस के शिकंजे में होंगे।
राशि के शादी टूटी
पुलिस ने बताया कि हत्या के आरोप में राशि के जेल जाने के बाद परिवार और उसके रिश्तेदारों ने उससे मुंह मोड़ लिया। यही नहीं चार फरवरी को होने वाली उसकी शादी भी टूट गई है। मेडिकल पुलिस ने राशि के लिए सर्दी के कपड़े उसको जेल जाने से पहले परिजनों से मंगवाए थे, जोकि उन्होंने मना कर दिया।
मुझे तो इंसाफ चाहिए
पीड़ित परिवार का कहना कि रिंकू की हत्या के असली गुनहगार सामने आने चाहिए। राशि व उसके परिजनों ने रिंकू की हत्या क्यों की, इसका खुलासा होना चाहिए। रिंकू की हत्या में अगर और भी लोग शामिल हैं तो उनके चेहरे भी सामने आने चाहिए।
इकड़ी में पुलिस का पहरा
रिंकू और राशि इकड़ी गांव के निवासी है और अलग-अलग बिरादरी से हैं। रिंकू की हत्या के बाद दोनों पक्ष के लोगों में तनाव हो सकता है। जिसके चलते पुलिस का गांव में पहरा लगा। हालांकि हालत सामान्य है।
बैंक स्टाफ ने जताया शोक
सोमवार शाम इंडियन ओवरसीज बैंक के मुख्य ब्रांच के अधिकारी और अम्हेड़ा ब्रांच मैनेजर रीता स्टाफ सहित रिंकू के परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
बताया कि शुक्रवार को बैंक से लौटते समय रिंकू ने अपने सहकर्मियों से गुड बाय बोलते हुए मंडे को मिलने की बात कही थी। रिंकू की हत्या से बैंक के पूरे स्टाफ में मायूसी छायी है। हर कोई उसके अच्छे व्यवहार की प्रशंसा करते हुए नहीं थक रहा था।
सीसीटीवी फुटेज खंगाली
रिंकू हत्याकांड में मेडिकल पुलिस ने सोमवार को गढ़ रोड पर तीन स्थानों पर सीसी कैमरे की फुटेज खंगाली। पुलिस यह मानकर चल रही है कि रिंकू अपनी दोस्त राशि के साथ तेजगढ़ी चौराहे से किस समय चला था। राधा गोविंद कॉलेज को पार करने के बाद ही वह इनर रिंग रोड पर पहुंचे। जहां रिंकू के साथ घटना को अंजाम दिया दिया था।
बवाली महिलाओं के सामने कांपती महिला इंस्पेक्टर
बवाल थाने में हो या बाहर। बवाल में महिलाएं आगे आते ही महिला पुलिस भाग जाती है। रविवार को ऐसा ही नजारा मेडिकल थाने में देखा गया। प्रधानी चुनाव की मतगणना में थाना पुलिस लगी थी।
रिंकू की हत्या पर महिलाओं को गुस्सा फूट सकता है, जिसके चलते महिला इंस्पेक्टर नरगिस खान को सुबह ही मेडिकल थाने में लगाया गया था। बवाली महिलाओं को देखते ही महिला इंस्पेक्टर कांपी और अपनी कांस्टेबल को छोड़कर ही भाग गईं। इस प्रकरण में डीआईजी ने महिला इंस्पेक्टर पर जांच बैठा दी है।
बैंक कैशियर रिंकू की हत्या पर भड़की महिलाओं को महिला इंस्पेक्टर नहीं संभाल सकीं। महिलाओं ने बवाल करना शुरू किया तो इंस्पेक्टर वहां से भाग र्गइं। महिला इंस्पेक्टर की बड़ी लापरवाही से रिंकू की हत्या के मामले की आरोपी राशि त्यागी की हत्या भी मेडिकल थाने में हो सकती थी।
रिंकू की हत्या पर भड़की महिला पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती थाने में उस समय घुसी, जब इंस्पेक्टर नरगिस खान अपनी महिला कांस्टेबलों के साथ थाने के बाहर खड़ी थीं।
भीड़ थाने में पुलिस की बाइक तोड़ते हुए एसओ के ऑफिस में घुसी और उसको तहस नहस कर दिया। बेकाबू हालत से निपटने की बजाए महिला इंस्पेक्टर सरकारी जीप में बैठकर भाग निकली, जबकि दो महिला कांस्टेबल थाने पर रह गईं। इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया।
इसकी जानकारी लगने पर डीआईजी मौके पर पहुंचे। डीआईजी रेंज आशुतोष कुमार ने बताया थाने में केवल मुंशी सुजीत सिंह, प्रकाश वीर और रनधीर त्यागी थे, जिन्होंने भीड़ का मुकाबला कर सरकारी दस्तावेज बचाए।
पहले भी आ चुकी शिकायतें
ब्रह्मपुरी थाने से सटी सैनी वाली गली में सांप्रदायिक बवाल के दौरान भी महिलाओं ने हंगामा किया था, जिस पर एसपी सिटी ने महिला इंस्पेक्टर को टीम के साथ बुलाया था। दो घंटे देरी से पहुंचने पर एसपी सिटी और एसपी क्राइम ने महिला इंस्पेक्टर को फटकार लगाई थी।