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‘राजकुमार! तेरी लाश का भी ऐसा हाल कर देंगे’
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Fri, 08 Jul 2016 02:01 AM IST
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शव खोजती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
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राजकुमार! जो हाल तूने मेरे पापा की लाश का किया है, एक दिन तेरी लाश का भी ऐसा हाल कर देंगे। तुझे पहचानने वाला भी नसीब नहीं होगा। तुझ पर पैसे नहीं थे तो हाथ जोड़कर मना कर देता। लेकिन दोस्ती में जो तूने गद्दारी करके हमारा घर बर्बाद किया है। जेल से निकलते ही तुझे भी ऐसी ही मौत मारेंगे, कि सोचा भी नहीं होगा। हत्या का बदला हत्या से लिया जाएगा।
यह शब्द थे मृतक के बेटे पवन के। जब पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच ऑफिस में पुलिस ने पवन और हत्यारोपी राजकुमार का आमना-सामना कराया तो परिवार के लोग अपने के मरने के गम में हत्यारोपियों पर टूट पड़े। हत्यारोपी हाथ जोड़ते, लेकिन मृतक के दोनों बेटों पवन और अनिल और भाई में इतना आक्रोश था कि वह पुलिस के सामने ही हत्यारोपियों से भिड़ गये। बमुश्किल पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शांत कराया।
दरअसल, बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे जब पुलिस ने अब्दुलापुर-गेसूपुर मार्ग स्थित नाले से प्रताप का शव बरामद किया था तो वह कंकाल में बदल चुका था। परिजनों ने शव को पहचानने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद पुलिस प्रताप के परिजनों को क्राइम ब्रांच ऑफिस ले गई थी।
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जहां तीनों हत्यारोपी राजकुमार, उसका भाई संजय और फैक्ट्री कर्मचारी विकास मौजूद थे। वहां उनका प्रताप के दोनों बेटों और भाई से आमना-सामना कराया गया। आरोपियों ने प्रताप की हत्या करना कबूलते हुए इसे गलती बताकर हाथ जोड़ने शुरू कर दिए तो पवन और अनिल का खून खौल उठा। पुलिस की मौजूदगी में ही उन्होंने हत्यारोपियों को पीटना शुरू कर दिया। बाद में पिता प्रताप को याद कर बिलख पड़े।
प्रताप ने दी थी जेल भिजवाने की धमकी:
हत्यारोपी राजकुमार ने पीड़ित परिजनों के सामने ही पुलिस से कहा कि उसने प्रताप से 9.50 लाख रुपया ले रखा था। तीन माह से वह ब्याज भी नहीं दे सका। कई बार प्रताप ने कहा था कि पैसा नहीं देगा तो मुकदमा लिखवाकर जेल भिजवा दूंगा। पैसों को लेकर प्रताप की धमकी से वह परेशान हो चुका था। जिसके लिए प्रताप को ठिकाने लगाने की सोच ली थी।
यह था मामला
सहायक बैंक मैनेजर प्रताप सिंह के परिजनों ने बीती दो जुलाई को मेडिकल पुलिस को प्रताप के लापता होने की सूचना दी थी। बाद में फैक्ट्री मालिक राजकुमार पर आरोप लगाया था कि उसने प्रताप की अपहरण कर हत्या कर दी है। परिजन पुलिस से बरामदगी की लगातार गुहार लगा रहे थे। लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से नहीं ले रही थी। बुधवार को प्रताप के परिजनों ने मेडिकल थाने पर हंगामा किया था। जिसके बाद पुलिस ने प्रताप की गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया था। पुलिस ने पूछताछ के लिए राजकुमार, संजय और विकास को हिरासत में ले लिया था। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करने की बात कही थी।
पहचान छिपाने के लिए उतारे कपड़े
नाले से प्रताप का शव बोरी में बंद मिला। शरीर पर केवल अंडरवियर ही था। पुलिस ने आरोपियों से इसका कारण पूछा तो आरोपियों ने बताया कि शव की पहचान छुपाने के लिए उन्होंने प्रताप के कपड़े उतार दिए थे। कपड़ों को अलग-अलग जगह पर फेंका था। जो बाद में पुलिस ने बरामद किए।
कुत्तों ने बरामद कराई लाश
आरोपियों की निशानदेही पर बृहस्पतिवार सुबह ही पुलिस टीम गेसूपुर के नाले पर शव तलाशने पहुंच गई थी। जेसीबी मशीन भी चलवाई गई, लेकिन दोपहर तक शव नहीं मिला। तभी दो कुत्ते वहां आए और नाले में शव को नोंचने लगे। तभी पुलिस को अंदेशा हुआ कि यही पर शव है। पुलिस शव को नाले से निकालने की हिम्मत नहीं जुटा रही थी। मेडिकल एसओ सफाई कर्मचारी को लेकर नाले में घुसे और शव को बाहर खींचकर लाए।
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यह शब्द थे मृतक के बेटे पवन के। जब पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच ऑफिस में पुलिस ने पवन और हत्यारोपी राजकुमार का आमना-सामना कराया तो परिवार के लोग अपने के मरने के गम में हत्यारोपियों पर टूट पड़े। हत्यारोपी हाथ जोड़ते, लेकिन मृतक के दोनों बेटों पवन और अनिल और भाई में इतना आक्रोश था कि वह पुलिस के सामने ही हत्यारोपियों से भिड़ गये। बमुश्किल पुलिस ने किसी तरह परिजनों को समझाकर शांत कराया।
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दरअसल, बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे जब पुलिस ने अब्दुलापुर-गेसूपुर मार्ग स्थित नाले से प्रताप का शव बरामद किया था तो वह कंकाल में बदल चुका था। परिजनों ने शव को पहचानने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद पुलिस प्रताप के परिजनों को क्राइम ब्रांच ऑफिस ले गई थी।
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जहां तीनों हत्यारोपी राजकुमार, उसका भाई संजय और फैक्ट्री कर्मचारी विकास मौजूद थे। वहां उनका प्रताप के दोनों बेटों और भाई से आमना-सामना कराया गया। आरोपियों ने प्रताप की हत्या करना कबूलते हुए इसे गलती बताकर हाथ जोड़ने शुरू कर दिए तो पवन और अनिल का खून खौल उठा। पुलिस की मौजूदगी में ही उन्होंने हत्यारोपियों को पीटना शुरू कर दिया। बाद में पिता प्रताप को याद कर बिलख पड़े।
प्रताप ने दी थी जेल भिजवाने की धमकी:
हत्यारोपी राजकुमार ने पीड़ित परिजनों के सामने ही पुलिस से कहा कि उसने प्रताप से 9.50 लाख रुपया ले रखा था। तीन माह से वह ब्याज भी नहीं दे सका। कई बार प्रताप ने कहा था कि पैसा नहीं देगा तो मुकदमा लिखवाकर जेल भिजवा दूंगा। पैसों को लेकर प्रताप की धमकी से वह परेशान हो चुका था। जिसके लिए प्रताप को ठिकाने लगाने की सोच ली थी।
यह था मामला
सहायक बैंक मैनेजर प्रताप सिंह के परिजनों ने बीती दो जुलाई को मेडिकल पुलिस को प्रताप के लापता होने की सूचना दी थी। बाद में फैक्ट्री मालिक राजकुमार पर आरोप लगाया था कि उसने प्रताप की अपहरण कर हत्या कर दी है। परिजन पुलिस से बरामदगी की लगातार गुहार लगा रहे थे। लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से नहीं ले रही थी। बुधवार को प्रताप के परिजनों ने मेडिकल थाने पर हंगामा किया था। जिसके बाद पुलिस ने प्रताप की गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया था। पुलिस ने पूछताछ के लिए राजकुमार, संजय और विकास को हिरासत में ले लिया था। सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने हत्या करने की बात कही थी।
पहचान छिपाने के लिए उतारे कपड़े
नाले से प्रताप का शव बोरी में बंद मिला। शरीर पर केवल अंडरवियर ही था। पुलिस ने आरोपियों से इसका कारण पूछा तो आरोपियों ने बताया कि शव की पहचान छुपाने के लिए उन्होंने प्रताप के कपड़े उतार दिए थे। कपड़ों को अलग-अलग जगह पर फेंका था। जो बाद में पुलिस ने बरामद किए।
कुत्तों ने बरामद कराई लाश
आरोपियों की निशानदेही पर बृहस्पतिवार सुबह ही पुलिस टीम गेसूपुर के नाले पर शव तलाशने पहुंच गई थी। जेसीबी मशीन भी चलवाई गई, लेकिन दोपहर तक शव नहीं मिला। तभी दो कुत्ते वहां आए और नाले में शव को नोंचने लगे। तभी पुलिस को अंदेशा हुआ कि यही पर शव है। पुलिस शव को नाले से निकालने की हिम्मत नहीं जुटा रही थी। मेडिकल एसओ सफाई कर्मचारी को लेकर नाले में घुसे और शव को बाहर खींचकर लाए।