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हड्डी का इलाज कराने आया कैदी मेडिकल कॉलेज से कैसे हुआ फरार?
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 27 Nov 2015 01:31 AM IST
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बुलंदशहर जेल का कैदी बृहस्पतिवार शाम मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड से फरार हो गया। कैदी की निगरानी के लिए दो सिपाही तैनात थे। जिनमें एक टॉयलेट चला गया तो दूसरा टहलने निकल गया। वापस लौटने पर कैदी बेड से गायब मिला तो हड़कंप मच गया। मेडिकल थाना पुलिस ने केस दर्ज करते हुए दोनों सिपाहियों को हिरासत में ले लिया है। देर रात तक पुलिस ने कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कैदी का कोई सुराग नहीं लगा।
बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र के हलपरा गांव निवासी आदित्य पुत्र कैलाश ने अपनी पत्नी की हत्या की थी। जिसमें कोर्ट ने आदित्य को 20 साल की सजा सुनाई गई थी। बुलंदशहर जेल में बंद कैदी करीब चार साल की सजा काट चुका था। कूल्हे में समस्या के चलते 18 नवंबर को कैदी को मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। कैदी की निगरानी के लिए सिपाही हरपाल सिंह और जितेंद्र तैनात थे।
शाम के समय कैदी बेड पर था। इस बीच एक सिपाही बाथरूम चला गया, जबकि दूसरा वार्ड से बाहर टहलने निकल गया। कुछ देर बाद दोनों सिपाही वार्ड में लौटे तो बेड से कैदी गायब था। इसका शोर मचने पर मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। कैदी के फरार होने की सूचना पर एसओ मेडिकल बचन सिंह सिरोही अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। रात तक कैदी का कोई पता नहीं चल सका। एसओ ने बताया कि लापरवाह सिपाहियों को हिरासत में ले लिया गया है। शुक्रवार को दोनों सिपाहियों का जेल जाना तय है।
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मुफीद बना मेडिकल कॉलेज
किसी बंदी या कैदी के लिए फरार होने में मेडिकल कॉलेज मुफीद साबित हो रहा है। दो माह पूर्व मेडिकल कॉलेज से बलात्कार का आरोपी बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इससे पहले भी कई बदमाश मेडिकल कॉलेज से फरार हो चुक हैं। सवाल यह भी है कि जो कैदी बृहस्पतिवार को फरार हुआ, जब उसे कूल्हे की गंभीर बीमारी थी तो वह फरार कैसे हो गया।
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बुलंदशहर के अरनिया थाना क्षेत्र के हलपरा गांव निवासी आदित्य पुत्र कैलाश ने अपनी पत्नी की हत्या की थी। जिसमें कोर्ट ने आदित्य को 20 साल की सजा सुनाई गई थी। बुलंदशहर जेल में बंद कैदी करीब चार साल की सजा काट चुका था। कूल्हे में समस्या के चलते 18 नवंबर को कैदी को मेडिकल कॉलेज के हड्डी वार्ड में ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया गया था। कैदी की निगरानी के लिए सिपाही हरपाल सिंह और जितेंद्र तैनात थे।
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शाम के समय कैदी बेड पर था। इस बीच एक सिपाही बाथरूम चला गया, जबकि दूसरा वार्ड से बाहर टहलने निकल गया। कुछ देर बाद दोनों सिपाही वार्ड में लौटे तो बेड से कैदी गायब था। इसका शोर मचने पर मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। कैदी के फरार होने की सूचना पर एसओ मेडिकल बचन सिंह सिरोही अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। रात तक कैदी का कोई पता नहीं चल सका। एसओ ने बताया कि लापरवाह सिपाहियों को हिरासत में ले लिया गया है। शुक्रवार को दोनों सिपाहियों का जेल जाना तय है।
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मुफीद बना मेडिकल कॉलेज
किसी बंदी या कैदी के लिए फरार होने में मेडिकल कॉलेज मुफीद साबित हो रहा है। दो माह पूर्व मेडिकल कॉलेज से बलात्कार का आरोपी बंदी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। इससे पहले भी कई बदमाश मेडिकल कॉलेज से फरार हो चुक हैं। सवाल यह भी है कि जो कैदी बृहस्पतिवार को फरार हुआ, जब उसे कूल्हे की गंभीर बीमारी थी तो वह फरार कैसे हो गया।