पुलिस के सामने बोला इकराम, अब मेरे निशाने पर दो अधिवक्ता
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50 हजार के इनामी रहे कुख्यात इकराम ने पुलिस लाइन में यह एलान कर सनसनी फैला दी कि उसके निशाने पर एक वरिष्ठ अधिवक्ता समेत चार लोग हैं। अब मैं पुलिस कस्टडी से नहीं भागूंगा, बल्कि जेल से ही मर्डर करा दूंगा।
गांव खिर्वा जलालपुर, सरधना निवासी इकराम पुत्र अमीरूद्दीन को एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने सोमवार को मीडिया के सामने पेश किया। एसपी सिटी ने बताया कि इकराम वर्ष 2010 में अपने नौ साथियों के साथ मेरठ जेल से फरार हो गया था। वर्ष 2011 में इकराम ने लिसाड़ी गेट में नदीम नाम के युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने उसे जेल भेजा था। तीन नवंबर 2016 को जेल से कचहरी पेशी पर आया इकराम को उसके साथी छुड़ाकर ले गए थे। रविवार रात एएसपी कैंट सिद्धार्थ मीणा और इंस्पेक्टर सदर पंकज पंत ने इकराम को रजबन में डी पार्क के पास से दबोचा। इस दौरान कुख्यात का साथी सुहेब उर्फ टिड्डी निवासी सरधना फरार हो गया। इकराम पर पांच दिन पहले ही डीजीपी जावीद अहमद ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। उसके पास से दिल्ली नंबर की चोरी की सेंट्रो कार, .32 बोर की दो पिस्टल, 54 कारतूस और छह खोखे बरामद किए गए।
अब नहीं कोई फरारी
प्रेस वार्ता के दौरान इकराम ने एलान किया कि वह 2010 में जेल ब्रेक कर चुका है। उसके बाद पकड़ा गया तो पुलिस पर हमला कर कचहरी से भाग गया। लेकिन अब वह भागेगा नहीं। जेल में रहकर हत्या जरूर करा देगा। उसका सपना अधूरा है। कुख्यात ने मेरठ बार एसोसिएशन के एक वरिष्ठ अधिवक्ता समेत चार लोगों के नाम लेते हुए पुलिस के सामने ही धमकी दी। कहा कि इन लोगों ने उसकी जिंदगी तबाह कर दी। यह सभी लोग उसके निशाने पर हैं। जेल जाने के बाद भी इन्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा।
एसएसपी ने टीम को सराहा
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने इकराम की गिरफ्तारी पर एएसपी कैंट सिद्धार्थ, इंस्पेक्टर सदर पंकज पंत, साइबर सेल के प्रभारी कर्मवीर सिंह और पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि यदि इकराम नहीं पकड़ा जाता तो बड़ी घटना को अंजाम दे सकता था। उन्होंने पुलिस टीम को प्रशस्ति पत्र देने की बात कही।