पापा प्लीज ! उन दोनों सीनियर्स को सजा जरूर दिलाना
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बात बात में तानेबाजी, जलालत भरी बातें। बहुत सहन की, लेकिन अब बहुत तंग आ गई थी। उन दोनों की वजह से ही मुझे ये कदम उठाना पड़ा। प्लीज पापा ! आप मेरी उन दोनों सीनियर्स को सजा जरूर दिलाना। अपनी मौत से कुछ घंटे पहले हॉस्पिटल में भर्ती इंटर्न छात्रा दीक्षा ने ये बातें अपने मम्मी-पापा से कही थी। दीक्षा की मम्मी प्रीति ने इसका खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि जब दीक्षा ने ये बात कही तो उसके पापा की आंखें भर आई। वह कमरे से बाहर जाने लगे तो बैड पर लेटी दीक्षा ने उनका हाथ पकड़ लिया और प्रॉमिस कराया कि वह उनकी दोनो सीनियर्स को सजा जरूर दिलाओगे। दीक्षा के हास्पिटल की दो सीनियर छात्राएं उसे बात -बात में जलील करती थी। उससे तू तड़ाक से बात करती थी। किचन में घंटो खड़ा रखती थी। उसने जब ये बातें माता पिता को बताई तो उन्होंने उसका हॉस्पिटल बदलवाने की कोशिश की, लेकिन कालेज वालों ने मना कर दिया। वह उसकी सीनियर से बात करना चाहते थे लेकिन दीक्षा ने मना कर दिया। उसने कहा कि यदि ऐसा किया तो वह उसकी इंटर्नशिप पूरी नहीं होने देंगी।
जानिए क्या है मामला
शामली के काका नगर निवासी राजकुमार की बेटी दीक्षा मेरठ के एक हॉस्पिटल से डायटीशियन में इंटर्नशिप कर रही थी। वह ब्रह्मपुरी के शंकरपुरी में अपने मौसा के यहां रहती थी। 14 अप्रैल को उसने विषाक्त पदार्थ खा लिया था। उसे बागपत रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां रविवार शाम उसकी मौत हो गई। परिजनों ने ब्रह्मपुरी थाने में कालेज की दो सीनियर छात्राओं पर दीक्षा के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। अभी तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है।
बेटी को न्याय दिलाना ही हमारा मकसद
दीक्षा की मां प्रीति ने कहा कि एक खराब सिस्टम की वजह से उन्होंने अपनी होनहार बेटी को खोया है। अब उनका सिर्फ एक ही मकसद है अपनी बेटी को न्याय दिलाना। वह अपनी बेटी की अंतिम इच्छा जरूर पूरी करेंगे। उन्हें कानून और भगवान पर पूरा भरोसा है कि उन्हें न्याय जरूर मिलेगा। उसके पिता राजकुमार ने बताया कि उन्होंने ब्रह्मपुरी थाने में तहरीर दे दी है।
बेटी को बुलंदियों पर देखना चाहता था परिवार
परिजनों के अनुसार दीक्षा मुजफ्फरनगर में अपने ताऊ पवन कुमार के पास ही रही। दीक्षा ने हाईस्कूल और इंटर मुजफ्फरनगर के जैन इंटर कालेज से किया। बीएससी भी वहीं से एसडी कालेज से की। उसका इंट्रेस्ट फूड एन्यूट्रिशियन कोर्स करने में था। इसलिए बेटी की इच्छा पूरा करने को उसे एमएससी में गाजियाबाद के वीएमएलजी कालेज में प्रवेश दिलाया। वहां गर्ल्स हास्टल में रहकर उसने पढ़ाई की। पढाई के तीन सेमेस्टर क्लीयर करने के बाद चौथे समेस्टर में वह प्रेक्टिस के लिए मेरठ आई थी।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
दीक्षा का आज गमगीन माहौल में मुजफ्फरनगर में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसके परिजन भी मुजफ्फरनगर मेें ही हैं। वहीं पर वह रही पली बढ़ी इसलिए वहीं उसका अंतिम संस्कार किया गया। उसके परिवार में उसके पिता राजकुमार मेलों में खिलौनों के स्टाल लगाते हैं। जबकि मम्मी प्रीति ग्रहणी हैं। छोटा भाई आयुष शामली के सेंट आरसी कालेज से बीएससी कर रहा है।