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एक थप्पड़ का बदला : नशे की गोली खाकर की थी बसपा नेता की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2016 04:58 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बसपा नेता और प्रॉपर्टी डीलर नासिर की हत्या की पटकथा बीती पांच दिसंबर को वेस्ट एंड रोड स्थित शांतिफार्म हाउस के एक कार्यक्रम में लिखी गई थी। बसपा नेता ने भरे कार्यक्रम में दो भाईयों को पीटकर बेइज्जती की तो दोनों ने बसपा नेता की हत्या के लिए सपा नेता बताए गए रहमान सैफी का सहारा लिया। बसपा नेता पूर्व में रहमान और उसके पिता की भी पिटाई कर चुका था। नासिर का खून करने के लिए मुख्य आरोपी नशे की गोली खाकर दस घंटे तक खैरनगर चौराहे पर उसका इंतजार करता रहा था।
सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने शनिवार को नासिर के मुख्य हत्यारोपी रहमान सैफी से पूछताछ के बाद बताया कि रहमान ने इन पांच दिनों में प्लानिंग से लेकर हत्या को अंजाम देने की कहानी सिलसिलेवार ढंग से बतायी। खुद को सपा नेता बताने वाले हत्यारोपी रहमान ने सीओ को बताया कि नासिर बसपा नेता था। एक साल पहले नासिर ने मेरे पिता अब्दुल वाजिद को थप्पड़ मार दिया था। विरोध करने पर मेरे पूरे परिवार को घर में घुसकर धमकी दी थी। चार महीने पहले एसपी सिटी ऑफिस के पास एक होटल में भी नासिर से विवाद हुआ था। बाद में पड़ोस के लोगों ने समझौता कराया था।
बेइज्जती का भरा था गुबार
बकौल रहमान 15 दिन पहले खैरनगर चौराहे पर नासिर ने उसे सड़क पर गिराकर लात घूसों से पीटा था। बाद में एक दुकान में खींचकर हत्या की धमकी दी थी। पहले पिता और फिर खुद के साथ हुई बेइज्जती का गुबार मुझमें भरा था।
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वलीमा में बना हत्या का प्लान
रहमान ने सीओ को बताया कि बीती पांच दिसंबर की रात शांतिफार्म हाउस में वलीमा कार्यक्रम था। जिसमें नासिर का मेरे दोस्त गुड्डू से विवाद हो गया था। थाने में दोनों पक्षों ने तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने ऐसे ही मामला निपटा दिया था। जिसके बाद गुड्डू ने मुझसे कहा था कि यदि वह नासिर की हत्या कर दे तो उसे दस लाख रुपये दूंगा। गुड्डू के भाई ने कहा कि बीस हजार रुपये अभी ले ले। बृहस्पतिवार को नगर निगम में रहमान और उसके दोस्तों ने बैठकर हत्या की पूरी प्लानिंग बनाई।
सुबह से पिस्टल लेकर घूमा
शुक्रवार सुबह आठ बजे ही पिस्टल लेकर रहमान अपने साथियों के साथ खैरनगर बाजार में नासिर की तलाश करता रहा। नशे की गोलियां खाकर उसने नासिर का शाम तक कई घंटे इंतजार किया।
इसी चौराहे पर मारूंगा
रहमान ने सीओ को बताया कि मैंने कसम खाई थी कि नासिर को उसी खैरनगर चौराहे पर मारूंगा, जहां उसने मेरी बीच चौराहे पर बेइज्जती की थी। शाम को रहमान फिर अपने तीन साथियों के साथ बुलेट लेकर खड़ा हो गया। जैसे ही नासिर अपनी बेटी को गोद में लेकर पहुंचा तो एक साथी ने आवाज लगाते हुए नासिर का हाथ पकड़ लिया। इतने में रहमान ने नासिर के गले से पिस्टल सटाकर यह कहते हुए गोली चला दी कि आज मैंने बदला ले लिया है।
शादी की सालगिरह पर उठा जनाजा
सीओ ने बताया कि शनिवार को ही नासिर की शादी की सालगिरह थी। नासिर का शव जब घर पहुंचा तो पत्नी इकरा बेहोश हो गई। भाई और अन्य परिजनों का भी रोकर बुरा हाल था। नासिर की दो बेटियां हैं।
ये हुए हत्या में नामजद
इंस्पेक्टर देहली गेट मिथलेश उपाध्याय ने बताया कि नासिर के भाई फिरोज ने रहमान सैफी, उसके भाई सलमान और सारिक, रहमान के पिता अब्दुल वाजिद और आदिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी गुड्डू देहली गेट थाना क्षेत्र का निवासी है। हालांकि अभी लिखापढ़ी में उसका नाम नहीं आया है।
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सीओ कोतवाली रणविजय सिंह ने शनिवार को नासिर के मुख्य हत्यारोपी रहमान सैफी से पूछताछ के बाद बताया कि रहमान ने इन पांच दिनों में प्लानिंग से लेकर हत्या को अंजाम देने की कहानी सिलसिलेवार ढंग से बतायी। खुद को सपा नेता बताने वाले हत्यारोपी रहमान ने सीओ को बताया कि नासिर बसपा नेता था। एक साल पहले नासिर ने मेरे पिता अब्दुल वाजिद को थप्पड़ मार दिया था। विरोध करने पर मेरे पूरे परिवार को घर में घुसकर धमकी दी थी। चार महीने पहले एसपी सिटी ऑफिस के पास एक होटल में भी नासिर से विवाद हुआ था। बाद में पड़ोस के लोगों ने समझौता कराया था।
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बेइज्जती का भरा था गुबार
बकौल रहमान 15 दिन पहले खैरनगर चौराहे पर नासिर ने उसे सड़क पर गिराकर लात घूसों से पीटा था। बाद में एक दुकान में खींचकर हत्या की धमकी दी थी। पहले पिता और फिर खुद के साथ हुई बेइज्जती का गुबार मुझमें भरा था।
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वलीमा में बना हत्या का प्लान
रहमान ने सीओ को बताया कि बीती पांच दिसंबर की रात शांतिफार्म हाउस में वलीमा कार्यक्रम था। जिसमें नासिर का मेरे दोस्त गुड्डू से विवाद हो गया था। थाने में दोनों पक्षों ने तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने ऐसे ही मामला निपटा दिया था। जिसके बाद गुड्डू ने मुझसे कहा था कि यदि वह नासिर की हत्या कर दे तो उसे दस लाख रुपये दूंगा। गुड्डू के भाई ने कहा कि बीस हजार रुपये अभी ले ले। बृहस्पतिवार को नगर निगम में रहमान और उसके दोस्तों ने बैठकर हत्या की पूरी प्लानिंग बनाई।
सुबह से पिस्टल लेकर घूमा
शुक्रवार सुबह आठ बजे ही पिस्टल लेकर रहमान अपने साथियों के साथ खैरनगर बाजार में नासिर की तलाश करता रहा। नशे की गोलियां खाकर उसने नासिर का शाम तक कई घंटे इंतजार किया।
इसी चौराहे पर मारूंगा
रहमान ने सीओ को बताया कि मैंने कसम खाई थी कि नासिर को उसी खैरनगर चौराहे पर मारूंगा, जहां उसने मेरी बीच चौराहे पर बेइज्जती की थी। शाम को रहमान फिर अपने तीन साथियों के साथ बुलेट लेकर खड़ा हो गया। जैसे ही नासिर अपनी बेटी को गोद में लेकर पहुंचा तो एक साथी ने आवाज लगाते हुए नासिर का हाथ पकड़ लिया। इतने में रहमान ने नासिर के गले से पिस्टल सटाकर यह कहते हुए गोली चला दी कि आज मैंने बदला ले लिया है।
शादी की सालगिरह पर उठा जनाजा
सीओ ने बताया कि शनिवार को ही नासिर की शादी की सालगिरह थी। नासिर का शव जब घर पहुंचा तो पत्नी इकरा बेहोश हो गई। भाई और अन्य परिजनों का भी रोकर बुरा हाल था। नासिर की दो बेटियां हैं।
ये हुए हत्या में नामजद
इंस्पेक्टर देहली गेट मिथलेश उपाध्याय ने बताया कि नासिर के भाई फिरोज ने रहमान सैफी, उसके भाई सलमान और सारिक, रहमान के पिता अब्दुल वाजिद और आदिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी गुड्डू देहली गेट थाना क्षेत्र का निवासी है। हालांकि अभी लिखापढ़ी में उसका नाम नहीं आया है।