सेना की वर्दी में खतरनाक काम करता था ये रिटायर्ड फौजी, पकड़े जाने पर खुले कई बड़े राज
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रिटायर्ड फौजी बाबूजी शाहू करीब नौ साल से दिल्ली से जम्मू तक युवा शक्ति को खोखला करता आ रहा था। उसके अंतर्राज्यीय गिरोह में 20-30 लोग हैं। उसके गिरोह का नेटवर्क दिल्ली एनसीआर, पूरे पश्चिमी यूपी, पंजाब के लुधियाना और अमृतसर के अलावा जम्मू कश्मीर तक फैला है। स्कूल, कॉलेजों के आसपास और बाजारों में किशोरों और युवाओं को निशाना बनाकर गांजा और मादक पदार्थ सप्लाई किया जाता था। लेकिन शिकायतों के बावजूद पुलिस की नींद नहीं टूटती। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सेना से करीब नौ साल पहले रिटायर्ड होने के बाद बाबूजी शाहू ने उड़ीसा से दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी यूपी के जिलों में तस्करी शुरू कर दी थी। दिल्ली और पश्चिमी यूपी में फुलप्रूफ योजना के तहत मादक पदार्थों की सप्लाई की जाती थी।
सेना की वर्दी में करता था सफर
एसएसपी नितिन तिवारी के अनुसार आरोपी बाबूजी शाहू सेना में सिपाही पद पर तैनात रहा था। सेना से रिटायर्ड होने के बाद भी वह सैन्यकर्मी बनकर ट्रेनों में सफर करता था। मादक पदार्थों की सप्लाई वह उस ट्रंक (काला बक्सा) में करता था, जिसमें फौजी आमतौर पर अपना सामान ले जाते हैं। किसी को शक न हो इसलिए वह सेना की वर्दी पहनता था। ऐसा दर्शाता था, जैसे उसकी किसी नई जगह पोस्टिंग हुई हो और वह वहां पूरा सामान लेकर जा रहा हो। गिरफ्तारी के दौरान उसके पास से ट्रंक, सूटकेस, बैग, कट्टा, बिस्तरबंद आदि बरामद किया गया। वह करीब 200 किलो गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था।
काले बक्से पर सूबेदार जेएस राणा
एसएसपी के अनुसार ट्रेन में बाबूजी शाहू के पास दो से तीन बक्से होते थे। आरोपी के पास जो बक्सा मिला है, उस पर सूबेदार जेएस राणा लिखा हुआ है। माना जा रहा है कि उसने यह बक्सा चोरी किया होगा। इसकी जांच के लिए आर्मी इंटेलीजेंस को सूचना दी गई है।
छोटे स्टेशनों पर उतारता था माल
एसएसपी के अनुसार गांजा माफिया बाबूजी शाहू छोटे स्टेशनों पर ही मादक पदार्थ से भरा बक्सा और अन्य सामान उतारता था। वह इसलिए क्योंकि बड़े स्टेशनों पर चेकिंग होती है जबकि किसी हाल्ट या छोटे स्टेशन पर चेकिंग नहीं होती। वहां से टैक्सी से अलग-अलग जगहों पर मादक पदार्थ ले जाया जाता था।
कोरियर ग्रुप बना रखा था
एसएसपी के अनुसार बाबूजी शाहू अपने गिरोह को एक तरह से कोरियर कंपनी की तरह चलाता था। उसने मादक पदार्थों की सप्लाई के लिए कोरियर ब्वॉय रखे हुए थे। वह उड़ीसा से गांजा और अन्य दूसरे मादक पदार्थ खुद लाता था और कोरियर ब्वॉय के रूप में गिरोह के सदस्य उसे महानगरों में बेचते थे।
अभिभावक रहें सावधान
एसएसपी नितिन तिवारी के मुताबिक अभिभावकों को भी सावधान रहने की जरूरत है। उनको ध्यान रखना चाहिए कि उनका बच्चा नशे की गिरफ्त में तो नहीं जा रहा। दोनों आरोपियों बाबूजी शाहू और योगेश ने बताया कि वह ज्यादातर स्कूल-कॉलेजों के आसपास अफीम और गांजा सप्लाई करते थे, जिसके चलते अभिभावकों को भी अलर्ट रहने की जरूरत है।
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