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दस लाख नहीं मिलने पर की थी व्यापारी की हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 16 Jan 2016 02:33 AM IST
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परीक्षितगढ़ के युवा व्यापारी अंशुल अग्रवाल की लूट के बाद दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या का पुलिस ने गड़बड़झाले में खुलासा कर दिया। बदमाशों ने व्यापारी की 10 लाख रुपये लूटकर मुंह में पिस्टल ठूंसकर हत्या की थी जबकि पुलिस ने पीड़ित पक्ष को दरकिनार करते हुए बदमाशों की बात को सही मानते हुए दावा किया है कि व्यापारी पर लूट की खातिर हमला किया गया था, लेकिन उसके पास कैश नहीं मिला था।
मेरठ पुलिस ने यह वर्कआउट बृहस्पतिवार को मोदीनगर में मुठभेड़ में पकड़े गए तीन बदमाशों की निशानदेही पर किया है। एक बदमाश की वीडियो क्लिप भी अपने दावे को पुष्ट करने के लिए वायरल कर दी। हालांकि इस खुलासे में कई सवालों का जवाब न मिलने पर पेच फंसा है।
यह था घटनाक्रम
गौरतलब है कि घी और तेल के थोक व्यापारी अंशुल अग्र्रवाल पर विगत 10 जनवरी की शाम करीब 4:15 बजे किठौर कस्बे के पास गोलियां बरसा दी गई थीं। अंशुल उस दौरान किठौर और शाहजहांपुर में उगाही करके अपनी कार से घर लौट रहे थे। इस दौरान कार सवार चार बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी कार रुकवा ली थी। कार से उतरे तीन बदमाशों में से एक ने कार में रखा नोटों भरा बैग उठाया तो दूसरे बदमाश ने अंशुल में मुंह में पिस्टल ठूंसकर गोली चला दी थी। जबकि तीसरे बदमाश ने भी चार फायर किए थे।
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अंशुल के बड़े भाई मनोज ने थाना किठौर पर केस दर्ज कराया था कि बदमाशों ने उसके भाई की दस लाख रुपये लूटकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज और नृशंस हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर कस्बा परीक्षितगढ़ में लगातार तीन दिन तक अभूतपूर्व बंदी रही थी। जबकि पुलिस इस खुलासे से फेल साबित हो रही थी।
आनन-फानन में हो गया खुलासा
एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार सुबह खरखौदा थाना क्षेत्र से कार सवार बदमाश पशु व्यापारियों से 25.50 लाख रुपये लूटकर गाजियाबाद की तरफ भागे थे। जहां मोदीनगर में हुई मुठभेड़ में तीन बदमाश पकड़े गए थे। इन तीनों बदमाशों प्रदीप निवासी टटीरी बागपत, विक्की उर्फ गंजा निवासी रोहिणी दिल्ली और अक्षय त्यागी निवासी मुरादनगर से गहन पूछताछ की गई तो उन्होंने व्यापारी अंशुल की हत्या करना बताया। एसपी देहात का दावा है कि बदमाशों से अंशुल से लूटे दस लाख के कैश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई कैश न होने की बात कही। व्यापारी ने दुकानदारों से पैसा एकत्र करके अपने विश्वसनीय व्यापारी के पास रख दिया था। एसपी के अनुसार पुलिस बदमाशों को रिमांड पर लेकर अभी दोबारा पूछताछ करेगी।
अक्षय ने मारी थी गोली
एसपी देहात के अनुसार तीन बदमाशों ने जब अंशुल को घेरा तो एक बदमाश ने उसके मुंह में पिस्टल घुसाकर कैश के बारे में पूछा था तो अंशुल ने कैश होने से साफ इंकार कर दिया था। दूसरे बदमाश को जब पूरी कार खंगालने के बाद भी कैश नहीं मिला तो अक्षय त्यागी नाम के बदमाश ने गुस्से में आकर गोली चला दी थी। इसके बाद अक्षय के साथी ने भी गोलियां चलाई थीं।
गाड़ी से कराई पहचान
अंशुल को गोली मारने वाले बदमाश गाड़ी से आए थे। मुठभेड़ में गाजियाबाद पुलिस ने बदमाशों से जो गाड़ी बरामद की थी, उसे अंशुल हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा पहचानने का दावा किया गया।
एक बदमाश की वीडियो वायरल
अंशुल की हत्या कैसे और क्यों की। एक बदमाश ने पूरी जानकारी पुलिस को बताई। जिसकी वीडियो पुलिस ने बनाकर वायरल कर दी। पुलिस अफसरों का कहना है कि लोगों को बदमाश द्वारा कहानी पता चले, इसलिए यह वीडियो वायरल की है।
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मेरठ पुलिस ने यह वर्कआउट बृहस्पतिवार को मोदीनगर में मुठभेड़ में पकड़े गए तीन बदमाशों की निशानदेही पर किया है। एक बदमाश की वीडियो क्लिप भी अपने दावे को पुष्ट करने के लिए वायरल कर दी। हालांकि इस खुलासे में कई सवालों का जवाब न मिलने पर पेच फंसा है।
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यह था घटनाक्रम
गौरतलब है कि घी और तेल के थोक व्यापारी अंशुल अग्र्रवाल पर विगत 10 जनवरी की शाम करीब 4:15 बजे किठौर कस्बे के पास गोलियां बरसा दी गई थीं। अंशुल उस दौरान किठौर और शाहजहांपुर में उगाही करके अपनी कार से घर लौट रहे थे। इस दौरान कार सवार चार बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी कार रुकवा ली थी। कार से उतरे तीन बदमाशों में से एक ने कार में रखा नोटों भरा बैग उठाया तो दूसरे बदमाश ने अंशुल में मुंह में पिस्टल ठूंसकर गोली चला दी थी। जबकि तीसरे बदमाश ने भी चार फायर किए थे।
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अंशुल के बड़े भाई मनोज ने थाना किठौर पर केस दर्ज कराया था कि बदमाशों ने उसके भाई की दस लाख रुपये लूटकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज और नृशंस हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर कस्बा परीक्षितगढ़ में लगातार तीन दिन तक अभूतपूर्व बंदी रही थी। जबकि पुलिस इस खुलासे से फेल साबित हो रही थी।
आनन-फानन में हो गया खुलासा
एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार सुबह खरखौदा थाना क्षेत्र से कार सवार बदमाश पशु व्यापारियों से 25.50 लाख रुपये लूटकर गाजियाबाद की तरफ भागे थे। जहां मोदीनगर में हुई मुठभेड़ में तीन बदमाश पकड़े गए थे। इन तीनों बदमाशों प्रदीप निवासी टटीरी बागपत, विक्की उर्फ गंजा निवासी रोहिणी दिल्ली और अक्षय त्यागी निवासी मुरादनगर से गहन पूछताछ की गई तो उन्होंने व्यापारी अंशुल की हत्या करना बताया। एसपी देहात का दावा है कि बदमाशों से अंशुल से लूटे दस लाख के कैश के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कोई कैश न होने की बात कही। व्यापारी ने दुकानदारों से पैसा एकत्र करके अपने विश्वसनीय व्यापारी के पास रख दिया था। एसपी के अनुसार पुलिस बदमाशों को रिमांड पर लेकर अभी दोबारा पूछताछ करेगी।
अक्षय ने मारी थी गोली
एसपी देहात के अनुसार तीन बदमाशों ने जब अंशुल को घेरा तो एक बदमाश ने उसके मुंह में पिस्टल घुसाकर कैश के बारे में पूछा था तो अंशुल ने कैश होने से साफ इंकार कर दिया था। दूसरे बदमाश को जब पूरी कार खंगालने के बाद भी कैश नहीं मिला तो अक्षय त्यागी नाम के बदमाश ने गुस्से में आकर गोली चला दी थी। इसके बाद अक्षय के साथी ने भी गोलियां चलाई थीं।
गाड़ी से कराई पहचान
अंशुल को गोली मारने वाले बदमाश गाड़ी से आए थे। मुठभेड़ में गाजियाबाद पुलिस ने बदमाशों से जो गाड़ी बरामद की थी, उसे अंशुल हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा पहचानने का दावा किया गया।
एक बदमाश की वीडियो वायरल
अंशुल की हत्या कैसे और क्यों की। एक बदमाश ने पूरी जानकारी पुलिस को बताई। जिसकी वीडियो पुलिस ने बनाकर वायरल कर दी। पुलिस अफसरों का कहना है कि लोगों को बदमाश द्वारा कहानी पता चले, इसलिए यह वीडियो वायरल की है।