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मुठभेड़ में किनारे करने पर टाइगर नाराज

Sun, 17 Jan 2016 01:40 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Sun, 17 Jan 2016 01:40 AM IST
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meerut crime
मेरठ। मोदीनगर मुठभेड़ में गाजियाबाद पुलिस द्वारा मेरठ पुलिस को किनारे करने पर ‘टाइगर’ ने नाराजगी जतायी है। साथ ही इस मामले में एसएसपी मेरठ की कार्यशैली पर भी सवाल उठा दिए।
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उनका कहना है कि बदमाशों का पीछा करते उनकी टीम मोदीनगर पहुंची थी। मुठभेड़ में पूरा सपोर्ट किया, लेकिन गाजियाबाद पुलिस ने हमारी कार्यशैली पर ही प्रश्नचिन्ह लगा दिया।
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एसएसपी डीसी दूबे, एसपी सिटी ओमप्रकाश यादव, एसपी देहात कैप्टन एमएम बेग और एसपी क्राइम तेज स्वरूप सिंह शनिवार को पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान एसएसपी मोदीनगर मुठभेड़ में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में मीडिया से बातचीत करने लगे।
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तभी एसपी सिटी (टाइगर) ओपी यादव ने नाराजगी जता दी। कहा कि मेरे साथ मेरठ पुलिस बदमाशों का पीछा करते हुए मोदीनगर तक पहुंची थी। बदमाशों की पल-पल की लोकेशन देने का काम मेरठ पुलिस ने किया। बदमाश गाजियाबाद की सीमा में घुसे। बदमाश ईख के खेत में मेरठ पुलिस के पीछा करने की वजह से घुसे थे। गाजियाबाद पुलिस की लापरवाही रही, अन्यथा और बड़ा खुलासा हो सकता था।

बदमाश जिंदा पकड़ने के फेर में लगी गोली 

निवाड़ी में शूटआउट के दौरान घायल हुए सिपाही अनिल चौधरी की हालत गंभीर है। वह यशोदा अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है। रविवार को डॉक्टर उसके पैर का ऑपरेशन करेंगे।

सिपाही अनिल ने बताया कि बदमाशों को जिंदा पकड़ने के प्रयास में उसे गोली लगी। बदमाशों के पकडे़ जाने पर कई वारदातों का खुलासा होने की उम्मीद थी। ऐसे में वह उन्हें मारना नहीं बल्कि जिंदा पकड़ना चाहता था। उसने बदमाशों को सीधे गोली नहीं मारी और बदमाशों ने फायर कर दिया। गोली लगने के दौरान वह अकेला था।

परिजनों और पुलिस अधिकारियों ने सिपाही की बहादुरी की सराहना की। अनिल के भाई संजय चौधरी और ससुर ने कहा कि अकेले होने के बावजूद अनिल के बदमाशों का डटकर मुकाबला करना प्रशंसनीय है। शनिवार को एसएसपी धर्मेंद्र सिंह और एसपी सिटी डॉ. अजयपाल ने अस्पताल पहुंचकर घायल सिपाही से मुलाकात की।

शासन स्तर से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। बिजनौर के माछकी गांव के रहने वाले अनिल के पिता महावीर सिंह जमींदार हैं। अनिल पत्नी मोनिका और ढाई साल के बेटे अर्शित के साथ मोदीनगर में रहते हैं।  उधर, लूट के मास्टर माइंड ‘डॉक्टर’ और शूट आउट के दौरान भागे चौथे बदमाश की तलाश में पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं।

मेरठ-गाजियाबाद पुलिस में ठनी
गाजियाबाद। निवाड़ी में शूट आउट के दौरान मेरठ पुलिस एक आरोपी विकास जाट को पकड़कर मेरठ ले गई और परीक्षित गढ़ में हुए एक हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया। विकास को गाजियाबाद पुलिस ने पकड़ा था।


सूत्रों का कहना है कि  मेरठ पुलिस की इस हरकत पर गाजियाबाद पुलिस ने नाराजगी जाहिर की है। मामला शासन स्तर तक पहुंच गया है। हालांकि पुलिस अधिकारी खुलकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो मेरठ जिले के कुछ पुलिसकर्मी इस शूटआउट में अपनी भूमिका बताकर बदमाश को पकड़ने का दावा कर रहे हैं।  
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