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बैंक के दो लॉकरों में करोड़ों रुपये रखने वाले अफसर के खाते में महज तीन हजार रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2016 07:14 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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बैंक के दो लॉकरों में करोड़ों रुपये रखने वाले अधिशासी अभियंता आरके जैन के खाते में करीब तीन हजार रुपये ही मिले। यह खाता भी कई साल पहले खुला था। उसमें लेनदेन भी बहुत कम था। आरके जैन सिर्फ लॉकर को ही ऑपरेट करते थे। सिंडिकेट बैंक में हुई जांच पड़ताल में आयकर विभाग को यह जानकारी मिली है।
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बैंक अधिकारियों के अनुसार बैंक में आरके जैन का खाता कई साल पहले खुला था। 2010-11 में उन्होंने बैंक से एक लॉकर लिया था। कुछ समय बाद उन्होंने अपने और अपनी पत्नी के नाम से एक ज्वाइंट लॉकर और ले लिया। आरके जैन इन दोनों लॉकरों को खुद ही ऑपरेट करते थे। वही बैंक में आकर लॉकर में सामान रखते और निकालते थे। एक या दो माह में ही ये ऑपरेट होते थे। आखिरी बार नोटबंदी से पहले ही अगस्त, सितंबर माह में ये ऑपरेट हुए थे। इसके बाद इन्हें ऑपरेट नहीं किया गया।
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लॉकर के लिए खुलवाया खाता
बैंक अफसरों ने बताया कि आरके जैन अधिकांश अपने ही नाम के लॉकर को ऑपरेट करते थे। हालांकि उनके खाते में रुपयों का लेनदेन ज्यादा नहीं होता था। उनके बैंक खाते में करीब तीन हजार के आसपास ही रकम काफी समय से जमा थी। बैंक की ट्रांजैक्शन को देख यही कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्होंने सिर्फ लॉकर ऑपरेट करने के लिए यह खाता खुलवाया हुआ था। लॉकर से मिली मोटी रकम देख कयास हैं कि जैन के दूसरे बैंकों में भी लॉकर हो सकते हैं। आयकर विभाग के अधिकारी अब उनके परिवार और रिश्तेदारों के बैंक खातों का पता कर उनके लॉकर्स के बारे में भी जानकारी जुटा रहे हैं।
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एक में नगदी, दूसरे में चांदी
शाखा प्रबंधक के अनुसार आरके जैन और उनकी पत्नी के नाम दो लॉकर हैं। इनमें से एक लॉकर में नगदी थी जबकि दूसरे लॉकर में चांदी की ब्रिक बरामद हुई। चांदी की बिक्र का वजन करने के लिए बैंक में ही कांटा मंगवाया गया।
हक्के बक्के रह गए अफसर
आयकर विभाग की टीम की जांच पड़ताल के दौरान आरके जैन भी साथ थे। रविवार रात जब जैन के दोनों लॉकर खोले गए तो उनमें से 2.45 करोड़ के पुराने नोट और 30 किलो चांदी मिलने पर आयकर और बैंक अफसर भी हक्के-बक्के रह गए ।