फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   lambe chore daave mat karo

लंबे चौड़े दावे मत करो, हत्यारों को गिरफ्तार कराओ

Mon, 06 Feb 2017 12:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Mon, 06 Feb 2017 12:35 PM IST
विज्ञापन
lambe chore daave mat karo
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

ब्रह्मपुरी में व्यापारी के युवा पुत्र की हत्या का खुलासा न होने पर नेता कभी मेरठ बंद तो कभी आंदोलन की चेतावनी दे रहे है। पीड़ित परिवार ने सभी पार्टियों के नेताओं से साफ कहा कि लंबे-चौडे़ दावे मत करो, उनके बेटे के हत्यारों को गिरफ्तार करा दो। उधर, पुलिस वीआईपी सुरक्षा में व्यस्त है। चार दिन बीतने के बावजूद भी खाली हाथ है।

विज्ञापन

ब्रह्मपुरी में गुटखा व्यापारी सुशील वर्मा के गोदाम में बृहस्पतिवार को डकैती के बाद उनके युवा बेटे अभिषेक उर्फ सैंटी की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामला दिल्ली से लखनऊ तक गूंजा हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को रैली में मेरठ में बढ़ते अपराध का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। इसके बावजूद भी मेरठ पुलिस गंभीर नहीं है।
विज्ञापन


वीआईपी की सुरक्षा करें या खुलासा
चार दिन बीतने पर भी पुलिस अभिषेक के हत्यारों का पता तक नहीं लगा सकी। पुलिस अधिकारी कहते कि  वीआईपी की सुरक्षा का इंतजाम करें या केस को वर्कआउट करें। भाजपा, बसपा, सपा, रालोद समेत सभी पार्टियां के नेताओं को व्यापारी के घर ब्रह्मपुरी में आना जाना लग रहा है। पीड़ित परिवार ने बताया कि जो भी नेता आता है,  वही मेरठ में बढ़ते अपराध की बात कहकर लंबे चौडे़ दावे करता है। लेकिन उन्होंने सभी पार्टियों के नेताओं से कहा है कि अभिषेक के हत्यारों को गिरफ्तार करा दो। मेरठ बंद हो या सड़कों पर आंदोलन, इससे उनको कोई लाभ नहीं मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकल बदमाशों में उलझी पुलिस
पुलिस अफसरों का दावा है कि एसटीएफ और क्राइम ब्रांच की टीम लगी है। दोनों टीम ने लोकल के बदमाशों की कुंडली खंगाली है। लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला। जिन बदमाशों पर पुलिस अंदेशा जताती, वही जेल में बंद बताया। जेल में बदमाशों से पुलिस ने पूछताछ की। लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। पुलिस का फोकस ब्रह्मपुरी से जुड़ी पुरानी आपराधिक वारदात पर भी है। कैसिनो, सट्टा, रंगदारी, जानलेवा हमले और हत्या करने वाले बदमाशों की कुंडली खंगाली जा रही है। लेकिन कहीं कुछ नहीं मिल रहा।

सेल्समैन से नौकरों तक पूछताछ
क्राइम ब्रांच ने व्यापारी सुशील वर्मा से जुड़े सेल्समैन से लेकर नौकरों से पूछताछ की है। पुलिस एक -एक बिंदु पर बारीकी से जांच में जुटी है। पुलिस अफसरों ने बताया कि व्यापारी के यहां पहले भी लूट हो चुकी है। इस मामले में करीब 20 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं है। पुलिस ने घायल सुशील, उमेश, मुकेश, सोनू पंडित और रोहित से भी पूछताछ की।

सर्विलांस सिस्टम भी फेल
पुलिस ने पीड़ितों के मोबाइल नंबरों की जांच की। पुलिस का दावा है कि अभी तक ऐसा कोई नंबर ट्रेस नहीं हुआ, जिसे गंभीर माना जाए। बीटीएस भी उठाया गया। पुलिस ने फिंगर प्रिंट भी लिये थे, लेकिन कुछ नहीं मिला। पुलिस का कहना है कि बदमाश शातिर थे, घटनास्थल पर कोई सुबूत तक नहीं छोड़ा।

पांच बार पुलिस कर चुकी रिहर्सल
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पांच बार रिहर्सल किया। व्यापारी के गोदाम से करीब दस कदम की दूरी पर घेराबंदी के बाद बदमाशों ने गोलियां चलाई थी। जिससे अंदेशा जताया गया कि बदमाश वाकई में लूट करने आए थे। एक बदमाश को छुड़ाने के लिए गोलियां चलीं। बदमाशों ने दो घंटे गली में घूमने के बाद वारदात की। केसरगंज के रोहित के गोदाम पर आने के बाद बदमाशों ने धावा बोला। यह बात खटक रही है।

प्रवीण गैंग का रिकॉर्ड खंगाला
ब्रह्मपुरी में रंगदारी, हत्या और कैसिनो का नाम आते ही पुलिस का फोकस कुख्यात प्रवीण शर्मा गैंग पर चला जाता है। क्योंकि अब तक जितनी वारदात ब्रह्मपुरी में हुई, कहीं न कहीं उनका ताल्लुक प्रवीण गैंग से जरूर जुड़ा। इसको लेकर ब्रह्मपुरी इलाके में चर्चा भी बनी हुई है। लोगों ने बताया कि प्रवीण का भाई मनीष शर्मा कुछ दिन पहले देखा गया था। जोकि लूट और रंगदारी के लिए मर्डर कराता है।


उठावनी में पहुंचे नेता
अभिषेक की शनिवार दो बजे उठावनी हुई। जिसमें भाजपा नेता विनीत शारदा, प्रदीप वर्मा, मनोज तोमर, अजय अग्रवाल, ब्रजमोहन, प्रशांत कौशिक, विपिन जिंदल समेत आसपास के काफी संख्या में लोग ब्रह्मपुरी व्यापारी सुशील वर्मा के घर पहुंचे।  

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed