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सीसीटीवी फुटेज से पीड़ितों ने नहीं पहचाने हमलावर
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 28 Mar 2016 02:12 AM IST
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ट्रेन
- फोटो : फाइल फोटो
कोचुवेली-देहरादून एक्सप्रेस में 21 मार्च को हुए खूनी संघर्ष के मामले में जीआरपी ने एक रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज हासिल की है। इसे पीड़ितों को दिखाया गया, लेकिन हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी।
हमलावरों का सुराग लगाने के लिए जीआरपी कोचुवेली एक्सप्रेस के रूट पर पड़ने स्टेशनों की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल करने में जुटी है। एक रेलवे स्टेशन की फुटेज जीआरपी को मिली। जिसमें उक्त स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर उसमें से यात्री उतरते दिख रहे हैं। जीआरपी ने घटना के पीड़ित लोगों को बुलाकर उक्त फुटेज दिखाई, लेकिन हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी।
उधर, जीआरपी को जानकारी मिली कि हस्तिानपुर, मवाना और मुजफ्फरनगर के मीरापुर से कई कारीगर केरल काम करने जाते हैं। इनमें से कुछ कारीगर हाल ही में केरल से वापस आए हैं। जीआरपी ने मवाना, हस्तिानपुर और मीरापुर पहुंचकर कई कारीगरों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। एसओ जीआरपी अशोक वर्मा के अनुसार जीआरपी की पांच टीमें जांच में लगी हैं। कुछ अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके सहारे हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
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हमलावरों का सुराग लगाने के लिए जीआरपी कोचुवेली एक्सप्रेस के रूट पर पड़ने स्टेशनों की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल करने में जुटी है। एक रेलवे स्टेशन की फुटेज जीआरपी को मिली। जिसमें उक्त स्टेशन पर ट्रेन के रुकने पर उसमें से यात्री उतरते दिख रहे हैं। जीआरपी ने घटना के पीड़ित लोगों को बुलाकर उक्त फुटेज दिखाई, लेकिन हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी।
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उधर, जीआरपी को जानकारी मिली कि हस्तिानपुर, मवाना और मुजफ्फरनगर के मीरापुर से कई कारीगर केरल काम करने जाते हैं। इनमें से कुछ कारीगर हाल ही में केरल से वापस आए हैं। जीआरपी ने मवाना, हस्तिानपुर और मीरापुर पहुंचकर कई कारीगरों से पूछताछ की, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिला। एसओ जीआरपी अशोक वर्मा के अनुसार जीआरपी की पांच टीमें जांच में लगी हैं। कुछ अहम जानकारियां मिली हैं, जिनके सहारे हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
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