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हाथ बांधकर कैसे लगा ली फांसी, चिपका ली मुंह पर टेप
Mon, 13 May 2019 04:34 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Mon, 13 May 2019 04:34 AM IST
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जांच करते आईजी रामकुमार, एसएसपी नितिन तिवारी, एसपी सिटी अखिलेश नारायण सिंह
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में किराना व्यापारी मोहित मदान हत्याकांड में पुलिस ने आत्महत्या बताकर चार्जशीट तैयार कर ली है। पुलिस का एफएसएल गाजियाबाद की रिपोर्ट के आधार पर दावा है कि व्यापारी ने खुद फांसी लगाई थी। ऐसे में जिन हालात में मोहित का शव मिला था, उससे बड़ा सवाल यह है कि व्यापारी ने हाथ बांधकर कैसे फांसी लगा ली थी और मुंह पर टेप चिपका ली थी। यही नहीं डकैती की वारदात के दौरान घर ही सेफ से दो लाख रुपये, ज्वैलरी और घड़ी कौन ले गया था।
यह था घटनाक्रम
नौचंदी थाना क्षेत्र में सेंट्रल मार्केट के पास शास्त्रीनगर निवासी मोहित मदान (38) अपने पिता मनोहर लाल मदान के साथ सोहराब गेट पुलिस चौकी के पास किराना की दुकान पर बैठते थे। 24 फरवरी 2019 की शाम 5:15 बजे से 6.30 बजे के बीच मोहित की हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त मोहित की शिक्षिका पत्नी शिखा स्कूल के टूर से गोवा से मेरठ लौट रही थीं। दोनों बेटे गढ़ रोड पर कोचिंग के लिए गए थे। मोहित की मां चंचल शाम करीब 5:15 बजे सब्जी खरीदने गई थीं तो पिता किराना स्टोर पर थे। मोहित उस समय घर पर अकेले थे। चंचल जब शाम 6:30 बजे घर लौटीं तो उन्हें घर का गेट खुला मिला। जब वह दूसरी मंजिल पर क मरे में गई तो सेफ भी खुली थी। चोरी का शोर मचा तो आसपास के व्यापारी और पुलिस पहुंची। करीब 25 मिनट तक की छानबीन के बाद मोहित का शव दूसरी मंजिल पर ही स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला। कमरे की सेफ का लॉकर खुला था, जिसमें नगदी और और ज्वेलरी गायब थी।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
डकैती के बाद हत्या की जानकारी पर भाजपाइयों, संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर हंगामा किया था। एसएसपी नितिन तिवारी को घेरकर खुलासे की मांग की थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने लूट के बाद हत्या की धारा में अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया था। एसओ नौचंदी रामकुमार और सीओ पर भी गाज गिरी थी। अब विवेचक इंस्पेक्टर नौचंदी नीरज सिंह का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट में आया है कि व्यापारी ने खुद फांसी लगाई थी। साक्ष्य के आधार पर आत्महत्या की धारा में जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
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मोहित नहीं कर सकते थे आत्महत्या
मोहित के परिजन पुलिस की कहानी से सहमत नहीं। मोहित की पत्नी शिखा का कहना है कि मोहित आत्महत्या नहीं कर सकते थे। जांच में सामने आया था कि घटना को किसी करीबी शख्स ने अंजाम दिया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित के शरीर पर तीन जगह चोटों के निशान मिले। गले की हड्डी टूटी थी। चेहरे पर ठोस वस्तु से प्रहार किया गया, जिससे जबड़ा टूटा मिला। पहले दिन से ही पुलिस इसे हत्या मान रही थी।
इन सवालों के भी पुलिस दे जवाब
- वो कौन सी तकनीक है जिससे कोई शख्स अपने हाथ बांधकर खुद फांसी लगा सकता है, मुंह पर टेप चिपका सकता है
- घटना के दौरान कमरे में दो गिलास, प्लेट में नमकीन और मिठाई रखी मिली थी, मोहित घर पर अकेले थे तो फिर दो गिलास क्यों
- घर का मेन गेट अंदर से बिना रिमोट के नहीं खुल सकता था, आखिर गेट किसने खोला, घर में कौन आया होगा
- घटना के बाद आसपास के लोगों ने मोहित के घर की तरफ से तीन-चार लोगों को निकलते देखा था, वो कौन थे
- आखिर पुलिस के सामने ऐसा कौन सा ठोस साक्ष्य या मजबूरी है कि पहले हत्या कहा और अब आत्महत्या बताने लगी
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यह था घटनाक्रम
नौचंदी थाना क्षेत्र में सेंट्रल मार्केट के पास शास्त्रीनगर निवासी मोहित मदान (38) अपने पिता मनोहर लाल मदान के साथ सोहराब गेट पुलिस चौकी के पास किराना की दुकान पर बैठते थे। 24 फरवरी 2019 की शाम 5:15 बजे से 6.30 बजे के बीच मोहित की हत्या कर दी गई थी। घटना के वक्त मोहित की शिक्षिका पत्नी शिखा स्कूल के टूर से गोवा से मेरठ लौट रही थीं। दोनों बेटे गढ़ रोड पर कोचिंग के लिए गए थे। मोहित की मां चंचल शाम करीब 5:15 बजे सब्जी खरीदने गई थीं तो पिता किराना स्टोर पर थे। मोहित उस समय घर पर अकेले थे। चंचल जब शाम 6:30 बजे घर लौटीं तो उन्हें घर का गेट खुला मिला। जब वह दूसरी मंजिल पर क मरे में गई तो सेफ भी खुली थी। चोरी का शोर मचा तो आसपास के व्यापारी और पुलिस पहुंची। करीब 25 मिनट तक की छानबीन के बाद मोहित का शव दूसरी मंजिल पर ही स्टोर रूम में फंदे पर लटका मिला। कमरे की सेफ का लॉकर खुला था, जिसमें नगदी और और ज्वेलरी गायब थी।
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कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
डकैती के बाद हत्या की जानकारी पर भाजपाइयों, संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर हंगामा किया था। एसएसपी नितिन तिवारी को घेरकर खुलासे की मांग की थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने लूट के बाद हत्या की धारा में अज्ञात बदमाशों पर केस दर्ज किया था। एसओ नौचंदी रामकुमार और सीओ पर भी गाज गिरी थी। अब विवेचक इंस्पेक्टर नौचंदी नीरज सिंह का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट में आया है कि व्यापारी ने खुद फांसी लगाई थी। साक्ष्य के आधार पर आत्महत्या की धारा में जल्द ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।
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मोहित नहीं कर सकते थे आत्महत्या
मोहित के परिजन पुलिस की कहानी से सहमत नहीं। मोहित की पत्नी शिखा का कहना है कि मोहित आत्महत्या नहीं कर सकते थे। जांच में सामने आया था कि घटना को किसी करीबी शख्स ने अंजाम दिया होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मोहित के शरीर पर तीन जगह चोटों के निशान मिले। गले की हड्डी टूटी थी। चेहरे पर ठोस वस्तु से प्रहार किया गया, जिससे जबड़ा टूटा मिला। पहले दिन से ही पुलिस इसे हत्या मान रही थी।
इन सवालों के भी पुलिस दे जवाब
- वो कौन सी तकनीक है जिससे कोई शख्स अपने हाथ बांधकर खुद फांसी लगा सकता है, मुंह पर टेप चिपका सकता है
- घटना के दौरान कमरे में दो गिलास, प्लेट में नमकीन और मिठाई रखी मिली थी, मोहित घर पर अकेले थे तो फिर दो गिलास क्यों
- घर का मेन गेट अंदर से बिना रिमोट के नहीं खुल सकता था, आखिर गेट किसने खोला, घर में कौन आया होगा
- घटना के बाद आसपास के लोगों ने मोहित के घर की तरफ से तीन-चार लोगों को निकलते देखा था, वो कौन थे
- आखिर पुलिस के सामने ऐसा कौन सा ठोस साक्ष्य या मजबूरी है कि पहले हत्या कहा और अब आत्महत्या बताने लगी