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बीच शहर से महिला अगवा, कार में महिला से गैंगरेप
मेरठ/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2016 02:12 AM IST
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पीड़िता से पूछताछ करती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
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बीच शहर से महिला को अगवा कर चलती कार में गैंगरेप की सनसनीखेज वारदात हो गई। आरोपी करीब चार घंटे बाद महिला को कब्रिस्तान के पास फेंककर फरार हो गए। जबकि, आरोपियों से छूटकर भागी पीड़िता की बेटी वारदात के सात घंटे बाद खुद पुलिस चौकी पहुंची और आपबीती बताई। महिला की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किठौर क्षेत्र निवासी एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्राथमिक जांच में पुलिस मामले को संदिग्ध मानकर चल रही है।
वारदात शास्त्रीनगर के ब्लॉक चौकी के पास की है। शुक्रवार सुबह 7:30 बजे लोहियानगर इलाके की एक महिला 13 साल की बेटी के साथ तेजगढ़ी चौराहे पर डॉक्टर के पास जा रही थी। आरोप है कि पीवीएस मॉल से चंद कदम दूर के ब्लॉक पुलिस चौकी के पास सफेद रंग की कार रुकी और चार युवकों ने उसे अगवा कर लिया, जबकि उसकी बेटी आरोपियों के चंगुल से छूटकर भाग गई। महिला का आरोप है कि तीन लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे बेहोशी की हालत में उसे मेघदूत पुलिया स्थित कब्रिस्तान के पास फेंककर फरार हो गए। महिला को होश आया तो वह अपनी बेटी को तलाशने लगी। कार में आरोपी कचहरी जाने की बात कर रहे थे, तो महिला बेटी को तलाशते हुए वहीं पहुंच गई।
छात्रों ने घेराबंदी कर दबोचा
बेटी की तलाश के दौरान महिला ने कचहरी-बेगमपुल नाला मार्ग पर एक आरोपी को देखा तो उसे पकड़ लिया। महिला और आरोपी में छीनाझपटी देख मेरठ कॉलेज के छात्रों की भीड़ लग गई। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ गैंगरेप कर उसकी बेटी को अगवा कर लिया गया है। इस पर छात्रों ने आरोपी की धुनाई कर दी। सूचना पर लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस महिला और आरोपी को थाने ले गई।
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बेटी को बचा लो साहब
थाने में महिला का रो-रोकर बुरा हाल था। महिला बार-बार चिल्ला रही थी कि आरोपी उसकी बेटी को उठाकर ले गए हैं, उसे बचा लो। एसओ लालकुर्ती ने मामला मेडिकल थाने का बताकर वहां की पुलिस को बुलाया। महिला को घटनास्थल पर ले जाया गया तो मामला नौचंदी थाने का निकला। बाद में महिला को मेडिकल के लिये कराने अस्पताल भेजा गया।
जेल चुंगी चौकी पहुंची बच्ची
बच्ची अपराह्न करीब तीन बजे जेल चुंगी से मिली। उसने जेल चुंगी पुलिस चौकी पर आपबीती सुनाई। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को नौचंदी थाने मेें भेजा। बच्ची का कहना है कि उसकी मां को कार में अगवा किया तो वह वहां से भाग गई थी। दो लोगों ने उसका पीछा किया था, लेकिन वह बच निकली।
दरोगा जी भूले नियम
गैंगरेप पीड़िता के बयान मेडिकल थाने केे दो दरोगा ने दर्ज किये। इस दौरान दोनों दरोगा हाईकोर्ट का वह आदेश भी भूल गए कि पीड़िता के बयान सिर्फ महिला पुलिस ही ले सकती है। इससे बेफिक्र दोनों दरोगा लालकुर्ती थाने में पीड़िता की आपबीती सुनते रहे और महिला कांस्टेबल दूर खड़ी देखती रही। बेबस पीड़िता दोनों को खुद के साथ हुई हैवानियत के बारे में बताती रही।
तीन नामजद, दो अज्ञात
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी समेत मइनुद्दीन, आसिफ और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा ने बताया, महिला का रिकार्ड देखा जा रहा है। उसने पहले पति को छोड़कर एक ट्रक ड्राइवर से निकाह किया है। महिला के भाई ने भी कोई जानकारी न होने की बात कही। उसका पति देररात तक थाने नहीं पहुंचा था। वहीं, गिरफ्तार आरोपी कह रहा है कि तीन साल पहले उसकी बहन से गैंगरेप हुआ था। समझौते का दबाव बनाने के लिये आरोपी उसे फंसा रहे हैं।
महिला ने चलती कार में गैंगरेप होने और बेटी को अगवा करने की शिकायत की है। प्राथमिक जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। आरोपी ने महिला को पहचानने से ही इनकार कर दिया है। - ओमप्रकाश, एसपी सिटी
पीड़िता और उसकी बेटी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मां-बेटी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। लेकिन, आरोपी ने पूछताछ में ऐसी बातें बताई हैं, जिससे गैंगरेप की वारदात के पीछे साजिश लग रही है। पुलिस बारीकी से जांच में लगी है। -विनोद सिरोही, सीओ सिविल लाइन
पीड़िता अगर सच बोल रही है तो उसकी जुबानी बड़ी खौफनाक है। चार घंटे चलती कार में उससे दरिंदगी होती रही और पुलिस सोती रही। जिस आरोपी को पकड़कर पीड़िता ने पुलिस को सौंपा, अगर उसकी कहानी सुनें तो बड़ी साजिश की बू आ रही है। आरोपी की बहन से तीन साल पूर्व हुए दुष्कर्म का केस ट्रायल पर है, जिसकी वह पैरवी कर रहा है। पुलिस दोनों ही पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस की मानें तो पीड़िता और उसकी बेटी के बयानों में वारदात होना सही साबित हो रहा है, जबकि आरोपी की बात भी अपनी जगह सही है। आरोपी कोर्ट में तारीख पर आया था, इसके पुख्ता प्रमाण पुलिस को मिले हैं। लेकिन, मामला चलती कार में गैंगरेप का है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है।
तीन थानों में तफ्तीश
इस मामले में तीन थानेदारों की भूमिका है। अपहरण नौचंदी थाने में, गैंगरेप मेडिकल थाने में और पीड़िता को लालकुर्ती थाने में फेंका था। इस पर इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा, एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ और एसओ लालकुर्ती प्रदीप त्रिपाठी ने जांच की। पुलिस का कहना है कि पीड़िता और उसकी बेटी ने पुलिस को गैंगरेप की बात फोन पर या फिर थाने में जाकर नहीं बताई। पीड़िता ने एक आरोपी को पकड़कर हंगामा किया। इस पर पुलिस मौके पर गई। उसके बाद गैंगरेप की कहानी बताई। सवाल उठाया कि पीड़िता और उसकी बेटी आरोपियों की चंगुल से निकल गई थी तो उन्होंने पुलिस को जानकारी क्यों नहीं दी?
आरोपी की बात
आरोपी ने बताया कि कचहरी के पास वह सरकारी नल पर पानी पी रहा था। तभी महिला चिल्लाई और उस पर झपट पड़ी। वह तो कचहरी में तारीख पर आया था। उसकी बहन से वर्ष-2013 में अपहरण के बाद दुष्कर्म हुआ था। इसमें आरोपी इकराम, रिहान और विक्रम नामजद हैं। मामला ट्रायल पर है, जिसके चलते आरोपियों ने समझौता न करने पर धमकी दी थी। आरोपी ने अपनी बहन से हुई वारदात की रिपोर्ट और वकील का नाम पुलिस को बताया। पुलिस ने फोन पर जानकारी ली तो बात सही साबित हुई। आरोपी यह भी कह रहा है कि वह महिला को नहीं जानता। उसका कहना है कि इस महिला को मोहरा बनाकर मुझे फंसाया गया है।
पीड़िता की जुबानी
आरोपियों की कार सफेद रंग की थी, जिस पर काले शीशे चढ़े हुए थे। एक युवक कार चला रहा था, जबकि तीन पीछे बैठे थे। एक के बाद एक तीनों युवकों ने उससे दुष्कर्म किया। उसने चिल्लाने की कोशिश की तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। सुबह 7:30 से पूर्वाह्न 11:30 बजे तक आरोपी शहर में इधर से उधर कार को घूमाते रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जबकि, उसकी बेटी आरोपियों के चुंगल से बाहर थी। पीड़िता ने कचहरी के पास से एक आरोपी को पहचान लिया और उसे दबोच लिया। महिला का कहना है कि कार में आरोपी एक-दूसरे के नाम ले रहे थे। जिस आरोपी को पकड़ा है, वह बेटी को उठाने के लिए दौड़ा था।
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वारदात शास्त्रीनगर के ब्लॉक चौकी के पास की है। शुक्रवार सुबह 7:30 बजे लोहियानगर इलाके की एक महिला 13 साल की बेटी के साथ तेजगढ़ी चौराहे पर डॉक्टर के पास जा रही थी। आरोप है कि पीवीएस मॉल से चंद कदम दूर के ब्लॉक पुलिस चौकी के पास सफेद रंग की कार रुकी और चार युवकों ने उसे अगवा कर लिया, जबकि उसकी बेटी आरोपियों के चंगुल से छूटकर भाग गई। महिला का आरोप है कि तीन लोगों ने उसके साथ बलात्कार किया। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे बेहोशी की हालत में उसे मेघदूत पुलिया स्थित कब्रिस्तान के पास फेंककर फरार हो गए। महिला को होश आया तो वह अपनी बेटी को तलाशने लगी। कार में आरोपी कचहरी जाने की बात कर रहे थे, तो महिला बेटी को तलाशते हुए वहीं पहुंच गई।
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बेटी की तलाश के दौरान महिला ने कचहरी-बेगमपुल नाला मार्ग पर एक आरोपी को देखा तो उसे पकड़ लिया। महिला और आरोपी में छीनाझपटी देख मेरठ कॉलेज के छात्रों की भीड़ लग गई। पीड़िता ने बताया कि उसके साथ गैंगरेप कर उसकी बेटी को अगवा कर लिया गया है। इस पर छात्रों ने आरोपी की धुनाई कर दी। सूचना पर लालकुर्ती पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस महिला और आरोपी को थाने ले गई।
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बेटी को बचा लो साहब
थाने में महिला का रो-रोकर बुरा हाल था। महिला बार-बार चिल्ला रही थी कि आरोपी उसकी बेटी को उठाकर ले गए हैं, उसे बचा लो। एसओ लालकुर्ती ने मामला मेडिकल थाने का बताकर वहां की पुलिस को बुलाया। महिला को घटनास्थल पर ले जाया गया तो मामला नौचंदी थाने का निकला। बाद में महिला को मेडिकल के लिये कराने अस्पताल भेजा गया।
जेल चुंगी चौकी पहुंची बच्ची
बच्ची अपराह्न करीब तीन बजे जेल चुंगी से मिली। उसने जेल चुंगी पुलिस चौकी पर आपबीती सुनाई। इसके बाद पुलिस ने बच्ची को नौचंदी थाने मेें भेजा। बच्ची का कहना है कि उसकी मां को कार में अगवा किया तो वह वहां से भाग गई थी। दो लोगों ने उसका पीछा किया था, लेकिन वह बच निकली।
दरोगा जी भूले नियम
गैंगरेप पीड़िता के बयान मेडिकल थाने केे दो दरोगा ने दर्ज किये। इस दौरान दोनों दरोगा हाईकोर्ट का वह आदेश भी भूल गए कि पीड़िता के बयान सिर्फ महिला पुलिस ही ले सकती है। इससे बेफिक्र दोनों दरोगा लालकुर्ती थाने में पीड़िता की आपबीती सुनते रहे और महिला कांस्टेबल दूर खड़ी देखती रही। बेबस पीड़िता दोनों को खुद के साथ हुई हैवानियत के बारे में बताती रही।
तीन नामजद, दो अज्ञात
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी समेत मइनुद्दीन, आसिफ और दो अज्ञात लोगों के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज किया है। इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा ने बताया, महिला का रिकार्ड देखा जा रहा है। उसने पहले पति को छोड़कर एक ट्रक ड्राइवर से निकाह किया है। महिला के भाई ने भी कोई जानकारी न होने की बात कही। उसका पति देररात तक थाने नहीं पहुंचा था। वहीं, गिरफ्तार आरोपी कह रहा है कि तीन साल पहले उसकी बहन से गैंगरेप हुआ था। समझौते का दबाव बनाने के लिये आरोपी उसे फंसा रहे हैं।
महिला ने चलती कार में गैंगरेप होने और बेटी को अगवा करने की शिकायत की है। प्राथमिक जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। आरोपी ने महिला को पहचानने से ही इनकार कर दिया है। - ओमप्रकाश, एसपी सिटी
पीड़िता और उसकी बेटी का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मां-बेटी की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। लेकिन, आरोपी ने पूछताछ में ऐसी बातें बताई हैं, जिससे गैंगरेप की वारदात के पीछे साजिश लग रही है। पुलिस बारीकी से जांच में लगी है। -विनोद सिरोही, सीओ सिविल लाइन
पीड़िता अगर सच बोल रही है तो उसकी जुबानी बड़ी खौफनाक है। चार घंटे चलती कार में उससे दरिंदगी होती रही और पुलिस सोती रही। जिस आरोपी को पकड़कर पीड़िता ने पुलिस को सौंपा, अगर उसकी कहानी सुनें तो बड़ी साजिश की बू आ रही है। आरोपी की बहन से तीन साल पूर्व हुए दुष्कर्म का केस ट्रायल पर है, जिसकी वह पैरवी कर रहा है। पुलिस दोनों ही पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस की मानें तो पीड़िता और उसकी बेटी के बयानों में वारदात होना सही साबित हो रहा है, जबकि आरोपी की बात भी अपनी जगह सही है। आरोपी कोर्ट में तारीख पर आया था, इसके पुख्ता प्रमाण पुलिस को मिले हैं। लेकिन, मामला चलती कार में गैंगरेप का है। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया है।
तीन थानों में तफ्तीश
इस मामले में तीन थानेदारों की भूमिका है। अपहरण नौचंदी थाने में, गैंगरेप मेडिकल थाने में और पीड़िता को लालकुर्ती थाने में फेंका था। इस पर इंस्पेक्टर नौचंदी हरशरण शर्मा, एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ और एसओ लालकुर्ती प्रदीप त्रिपाठी ने जांच की। पुलिस का कहना है कि पीड़िता और उसकी बेटी ने पुलिस को गैंगरेप की बात फोन पर या फिर थाने में जाकर नहीं बताई। पीड़िता ने एक आरोपी को पकड़कर हंगामा किया। इस पर पुलिस मौके पर गई। उसके बाद गैंगरेप की कहानी बताई। सवाल उठाया कि पीड़िता और उसकी बेटी आरोपियों की चंगुल से निकल गई थी तो उन्होंने पुलिस को जानकारी क्यों नहीं दी?
आरोपी की बात
आरोपी ने बताया कि कचहरी के पास वह सरकारी नल पर पानी पी रहा था। तभी महिला चिल्लाई और उस पर झपट पड़ी। वह तो कचहरी में तारीख पर आया था। उसकी बहन से वर्ष-2013 में अपहरण के बाद दुष्कर्म हुआ था। इसमें आरोपी इकराम, रिहान और विक्रम नामजद हैं। मामला ट्रायल पर है, जिसके चलते आरोपियों ने समझौता न करने पर धमकी दी थी। आरोपी ने अपनी बहन से हुई वारदात की रिपोर्ट और वकील का नाम पुलिस को बताया। पुलिस ने फोन पर जानकारी ली तो बात सही साबित हुई। आरोपी यह भी कह रहा है कि वह महिला को नहीं जानता। उसका कहना है कि इस महिला को मोहरा बनाकर मुझे फंसाया गया है।
पीड़िता की जुबानी
आरोपियों की कार सफेद रंग की थी, जिस पर काले शीशे चढ़े हुए थे। एक युवक कार चला रहा था, जबकि तीन पीछे बैठे थे। एक के बाद एक तीनों युवकों ने उससे दुष्कर्म किया। उसने चिल्लाने की कोशिश की तो मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। सुबह 7:30 से पूर्वाह्न 11:30 बजे तक आरोपी शहर में इधर से उधर कार को घूमाते रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि पुलिस को भनक तक नहीं लगी। जबकि, उसकी बेटी आरोपियों के चुंगल से बाहर थी। पीड़िता ने कचहरी के पास से एक आरोपी को पहचान लिया और उसे दबोच लिया। महिला का कहना है कि कार में आरोपी एक-दूसरे के नाम ले रहे थे। जिस आरोपी को पकड़ा है, वह बेटी को उठाने के लिए दौड़ा था।