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मंजिल दीदी! परेशान कर रहा है मनचला
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 16 Feb 2018 03:11 AM IST
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पुलिस कैप।
- फोटो : अमर उजाला
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मंजिल दीदी! एक मनचला मुझे परेशान कर रहा है। विरोध करने पर मेरे भाई को पीटता है। अमर उजाला अखबार में आपका फोटो देखा था। मुझे लगा कि आप हमारी मदद करेंगी। बृहस्पतिवार को स्कूल ड्रेस में एसएसपी मंजिल सैनी के पास पहुंची कक्षा नौ की छात्रा ने कार्रवाई की गुहार लगाई। एसएसपी ने इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा को कॉल कर मनचले पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र निवासी एक छात्रा छोटे दो भाइयों के साथ बृहस्पतिवार दोपहर एसएसपी ऑफिस पहुंची। बहन भाई स्कूल ड्रेस में थे। तीनों को संतरी ने गेट पर रोक लिया। छात्रा फूट फूटकर रोने लगी और संतरी से बोली कि मंजिल दीदी से मिलकर ही जाऊंगी। गेट पर शोर मचा तो एसएसपी ने संतरी से कहा कि तीनों को अंदर आने दीजिए। छात्रा ने एसएसपी से कहा कि मंजिल दीदी! हमारी मदद करो। एसएसपी ने बगल की कुर्सियों में बैठे पत्रकारों की तरफ देखा और मुस्कराते हुए छात्रा से पूछा बताओ क्या परेशानी है।
छात्रा बोली, दीदी एक मनचला मुझको छेड़ता है और मेरे भाई को पीटता है। परिजनों ने थाना कंकरखेड़ा में जाकर शिकायत की। लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। छात्रा ने कहा कि मैंने आपका फोटो अमर उजाला में देखा था। स्कूल में छात्राओं ने आपसे सवाल किए थे और आप उनका जवाब दे रही थीं। आपके ऑफिस में भी वह पूछते-पूछते आए है। छात्रा की बात सुनकर एसएसपी ने इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा को फोन कर हड़काते कहा कि मनचले को तुरंत गिरफ्तार करो। नहीं तो तुम पर कार्रवाई करूंगी।
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अब तुम नहीं मनचला रोएगा
एसएसपी ने छात्रा को अपना सीयूजी और पर्सनल नंबर दिया। छात्रा से कहा कि तुम थाने जाओ, इंस्पेक्टर को सारी बात बताना। कोई नहीं सुने तो मुझे इस नंबर पर बताना। छात्रा रो रही थी। एसएसपी ने कहा कि चुप हो जाओ अब मनचला रोएगा। यह सुनकर छात्रा के चेहरे पर हंसी आई।
मामूली विवाद हो गया था
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा ने बताया है कि छात्रा अपने भाइयों के साथ थाने आई थी। छात्रा के परिजनों के साथ आरोपी लड़के को थाने बुलाया गया। छात्रा के परिजनों ने बताया कि उनके बच्चे एसएसपी के पास गए थे, इसके बारे में उन्होंने नहीं बताया। मामूली सा विवाद था। हम लोग आपस में सुलह कर लेंगे। हम पड़ोसी हैं। दोनों ने लिखित में समझौता कर लिया।
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कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र निवासी एक छात्रा छोटे दो भाइयों के साथ बृहस्पतिवार दोपहर एसएसपी ऑफिस पहुंची। बहन भाई स्कूल ड्रेस में थे। तीनों को संतरी ने गेट पर रोक लिया। छात्रा फूट फूटकर रोने लगी और संतरी से बोली कि मंजिल दीदी से मिलकर ही जाऊंगी। गेट पर शोर मचा तो एसएसपी ने संतरी से कहा कि तीनों को अंदर आने दीजिए। छात्रा ने एसएसपी से कहा कि मंजिल दीदी! हमारी मदद करो। एसएसपी ने बगल की कुर्सियों में बैठे पत्रकारों की तरफ देखा और मुस्कराते हुए छात्रा से पूछा बताओ क्या परेशानी है।
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छात्रा बोली, दीदी एक मनचला मुझको छेड़ता है और मेरे भाई को पीटता है। परिजनों ने थाना कंकरखेड़ा में जाकर शिकायत की। लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी। छात्रा ने कहा कि मैंने आपका फोटो अमर उजाला में देखा था। स्कूल में छात्राओं ने आपसे सवाल किए थे और आप उनका जवाब दे रही थीं। आपके ऑफिस में भी वह पूछते-पूछते आए है। छात्रा की बात सुनकर एसएसपी ने इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा दीपक शर्मा को फोन कर हड़काते कहा कि मनचले को तुरंत गिरफ्तार करो। नहीं तो तुम पर कार्रवाई करूंगी।
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अब तुम नहीं मनचला रोएगा
एसएसपी ने छात्रा को अपना सीयूजी और पर्सनल नंबर दिया। छात्रा से कहा कि तुम थाने जाओ, इंस्पेक्टर को सारी बात बताना। कोई नहीं सुने तो मुझे इस नंबर पर बताना। छात्रा रो रही थी। एसएसपी ने कहा कि चुप हो जाओ अब मनचला रोएगा। यह सुनकर छात्रा के चेहरे पर हंसी आई।
मामूली विवाद हो गया था
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा ने बताया है कि छात्रा अपने भाइयों के साथ थाने आई थी। छात्रा के परिजनों के साथ आरोपी लड़के को थाने बुलाया गया। छात्रा के परिजनों ने बताया कि उनके बच्चे एसएसपी के पास गए थे, इसके बारे में उन्होंने नहीं बताया। मामूली सा विवाद था। हम लोग आपस में सुलह कर लेंगे। हम पड़ोसी हैं। दोनों ने लिखित में समझौता कर लिया।