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भगत सिंह मार्केट में छेड़छाड़, सांप्रदायिक तनाव
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:50 AM IST
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भगत सिंह मार्केट में शुक्रवार रात छेड़छाड़ और मारपीट के बाद सांप्रदायिक तनाव हो गया। जिसमें व्यापारियों ने गिरफ्तारी के विरोध में कोतवाली थाना घेर लिया। पुलिस से धक्का मुक्की होने पर तीन थानों की पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है।
पुलिस के मुताबिक जाकिर कॉलोनी निवासी दो सगी बहनें भगत सिंह मार्केट खरीददारी करने गई थी। आरोप है कि खरबंदा गारमेंट्स के बाहर दुकान पर काम करने वाले दो युवकों ने उनसे छेड़छाड़ कर दी। विरोध पर महिलाओं से अभद्रता और मारपीट कर दी। जिसमें एक महिला के हाथ में चोट लग गई। जिसके बाद दोनों समुदाय के लोगों की भीड़ लग गई और एक-दूसरे के खिलाफ हंगामा और नारेबाजी करने लगे।
सूचना पर कोतवाली इंस्पेक्टर अजय अग्रवाल फोर्स के साथ पहुंचे और व्यापारी पक्ष के एक युवक को थाने ले आये। पुलिस ने दोनों बहनों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। कोतवाली पहुंचे एक पक्ष ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की तो व्यापारी पक्ष के लोगों ने महिलाओं पर चोरी का आरोप लगाते हुए पकड़े युवक को छोड़ने की मांग की। पुलिस के सामने ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
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हंगामे और पुलिस से धक्कामुक्की की जानकारी पर लिसाड़ी गेट और देहली गेट पुलिस भी कोतवाली पहुंच गई। जिसके बाद भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया गया। हंगामा करने वाले लोगों को पुलिस ने पीटा, जिससे थाने में भगदड़ मच गई। व्यापारियों ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया तो पुलिस ने थाने से लोगों को जबरन खदेड़ दिया। पुलिस ने महिलाओं के भाई और दुकानदार के भतीजे को थाने में बैठा लिया। इंस्पेक्टर कोतवाली का कहना है कि दोनों पक्ष के लोग समझौते की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस तहरीर के आधार पर कार्रवाई करेगी।
हर एक के लिए अलग कानून
पुलिस के लिए भी हर एक के लिए अलग कानून है। मामूली बात पर जहां शांति भंग की कार्रवाई कर दी जाती है तो थाने में हंगामा और इंस्पेक्टर से धक्कामुक्की करने वालों को लाठीचार्ज करने के बाद भी समझौते के लिए मनाया जाता है। पुलिस ने कोतवाली से भीड़ को लाठी फटकारकर भले भगा दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे इंस्पेक्टर दोनों पक्षों पर कार्रवाई करने की बात कहने लगे तो महिलाओं का भाई भी बैकफुट पर आ गया। जिसके बाद रात में थाने में समझौते के लिए पंचायत चली।
पहले भी हुआ बखेड़ा
भगत सिंह मार्के ट में दोनों समुदायों के व्यापारियों की दुकानें हैं। पिछले माह भी छेड़छाड़ के बाद मारपीट से सांप्रदायिक तनाव हो गया था। जिसमें भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा समेत अन्य व्यापारियों पर लूट का केस दर्ज हुआ था। उसके बाद भाजपाइयों ने कोतवाली में सीओ विनीत भटनागर और इंस्पेक्टर को घेरा था। शुक्रवार रात हुई घटना के बाद दुकानों के शटर भी गिर गए।
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पुलिस के मुताबिक जाकिर कॉलोनी निवासी दो सगी बहनें भगत सिंह मार्केट खरीददारी करने गई थी। आरोप है कि खरबंदा गारमेंट्स के बाहर दुकान पर काम करने वाले दो युवकों ने उनसे छेड़छाड़ कर दी। विरोध पर महिलाओं से अभद्रता और मारपीट कर दी। जिसमें एक महिला के हाथ में चोट लग गई। जिसके बाद दोनों समुदाय के लोगों की भीड़ लग गई और एक-दूसरे के खिलाफ हंगामा और नारेबाजी करने लगे।
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सूचना पर कोतवाली इंस्पेक्टर अजय अग्रवाल फोर्स के साथ पहुंचे और व्यापारी पक्ष के एक युवक को थाने ले आये। पुलिस ने दोनों बहनों का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया। कोतवाली पहुंचे एक पक्ष ने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की तो व्यापारी पक्ष के लोगों ने महिलाओं पर चोरी का आरोप लगाते हुए पकड़े युवक को छोड़ने की मांग की। पुलिस के सामने ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
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हंगामे और पुलिस से धक्कामुक्की की जानकारी पर लिसाड़ी गेट और देहली गेट पुलिस भी कोतवाली पहुंच गई। जिसके बाद भीड़ पर लाठीचार्ज कर दिया गया। हंगामा करने वाले लोगों को पुलिस ने पीटा, जिससे थाने में भगदड़ मच गई। व्यापारियों ने पुलिस पर सत्ता के दबाव में काम करने का आरोप लगाया तो पुलिस ने थाने से लोगों को जबरन खदेड़ दिया। पुलिस ने महिलाओं के भाई और दुकानदार के भतीजे को थाने में बैठा लिया। इंस्पेक्टर कोतवाली का कहना है कि दोनों पक्ष के लोग समझौते की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस तहरीर के आधार पर कार्रवाई करेगी।
हर एक के लिए अलग कानून
पुलिस के लिए भी हर एक के लिए अलग कानून है। मामूली बात पर जहां शांति भंग की कार्रवाई कर दी जाती है तो थाने में हंगामा और इंस्पेक्टर से धक्कामुक्की करने वालों को लाठीचार्ज करने के बाद भी समझौते के लिए मनाया जाता है। पुलिस ने कोतवाली से भीड़ को लाठी फटकारकर भले भगा दिया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। उल्टे इंस्पेक्टर दोनों पक्षों पर कार्रवाई करने की बात कहने लगे तो महिलाओं का भाई भी बैकफुट पर आ गया। जिसके बाद रात में थाने में समझौते के लिए पंचायत चली।
पहले भी हुआ बखेड़ा
भगत सिंह मार्के ट में दोनों समुदायों के व्यापारियों की दुकानें हैं। पिछले माह भी छेड़छाड़ के बाद मारपीट से सांप्रदायिक तनाव हो गया था। जिसमें भाजपा नेता कमलदत्त शर्मा समेत अन्य व्यापारियों पर लूट का केस दर्ज हुआ था। उसके बाद भाजपाइयों ने कोतवाली में सीओ विनीत भटनागर और इंस्पेक्टर को घेरा था। शुक्रवार रात हुई घटना के बाद दुकानों के शटर भी गिर गए।