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कॉलेजों से रंगदारी मांगने वाले गैंग का भंडाफोड़

Thu, 30 Jun 2016 02:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 30 Jun 2016 02:18 AM IST
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कॉलेज में रंगदारी में पकड़े गये युवक - फोटो : अमर उजाला
 उत्तर प्रदेश के निजी कॉलेजों से रंगदारी मांगने वाले गैंग का बुधवार को साइबर सेल ने भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मेरठ, बरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर, शाहजहांपुर नोएडा में 30 से अधिक कॉलेजों से रंगदारी मांगना स्वीकार किया है। आरोपी धमकी देते थे कि छात्रवृत्ति के फर्जीवाड़े में उनके कॉलेज को ब्लैक लिस्ट करा देंगे।
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एसपी क्राइम अजय सहदेव ने बुधवार को एसएसपी ऑफिस में प्रेसवार्ता की। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह पहले मेरठ के कई कालेजों से शिकायत आई थी कि छात्रवृत्ति का फर्जीवाड़ा बताकर उनसे रंगदारी मांगी जा रही है। रंगदारी मांगने वाला युवक खुद को सीतापुर के जिला जज का पेशकार बताता है। इसकी जांच एसएसपी ने साइबर सेल को सौंपी थी। साइबर सेल ने रंगदारी मांगने वाले का पता लगाया तो वह बरेली का निकला।
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बुधवार को साइबर सेल ने सरूरपुर इलाके में दो आरोपियों मोहित कश्यप उर्फ अमित कश्यप पुत्र रामदयाल उर्फ सुरेशचंद्र निवासी 69 जी डबल स्टोरी रेलवे क्वाटर्स सुभाषनगर बरेली और सचिन कश्यप उर्फ राकेश यादव पुत्र धर्मवीर कश्यप निवासी कालीचरन मार्ग सुभाषनगर बरेली को गिरफ्तार किया।
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एसपी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि मेरठ, बरेली, गाजियाबाद, सहारनपुर, शाहजहांपुर, नोएडा में करीब 30 से अधिक कॉलेजों से रंगदारी मांग चुके है। जिसमें बीती 28 जून को सरूरपुर के खिवाई हर्रा मोड़ स्थित एपीएस कॉलेज ऑफ एजूकेशन एंड टेक्नॉलॉजी को कॉल की और फर्जी तरीके से छात्रवृत्ति लेने का आरोप लगा कर 1.96 लाख रुपये की रंगदारी वसूल ली।

फर्जी अकाउंट और फर्जी आईडी
पुलिस ने जांच पड़ताल की तो आरोपी जिस नंबर से धमकी देता था, वह फर्जी आईडी पर मिला। आरोपियों ने बरेली में फर्जी आईडी पर एक बैंक में अकाउंट खुलवाया था। जिसमें कॉलेजों से आरोपी रकम डलवाते थे। पैसे वसूलने का धंधा आरोपियों ने करीब एक साल से शुरू किया हुआ था।

‘जिला जज का पेशकार बोल रहा हूं’
आरोपी सचिन कश्यप खुद को राकेश यादव बताकर कॉलेजों में फोन करता था। वह खुद को सीतापुर जिला जज का पेशकार बताकर कॉलेजों के प्रबंधकों को धमकाता था। किसी से पैसे की पेशकश तो किसी को ब्लैक लिस्ट कराने की धमकी देता था। पुलिस ने आरोपी से एक लैपटॉप,  तीन मोबाइल, 3625 सौ रुपये और पेन कार्ड समेत अन्य कागज बरामद किए हैं।

टोपी लगाकर निकालते थे पैसा
आरोपी फर्जी अकाउंट खुलवाकर कॉलेजों से उसमें पैसा डलवाते थे। जिस एटीएम से पैसा निकालते थे, वहां हमेशा टोपी लगाकर जाते थे। ताकि पुलिस उनकी पहचान न कर सके। आरोपी अधिकांश पैसा बरेली से निकालते रहे। उन्होंने अकाउंट भी बरेली में एक बैंक में खोल रखा था। पुलिस का दावा है कि इस गिरोह में पांच से अधिक लोग शामिल है। दोनों आरोपियों से पूछताछ कर अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


इन कॉलेजों से मांगा पैसा
साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि आरोपियों ने किला परीक्षितगढ़ रोड स्थित भारती कॉलेज को धमकी देकर 20 लाख रुपये मांगे थे। कॉलेज को ब्लैक लिस्ट कराने की धमकी दी। इसके अलावा किला परीक्षितगढ़ रोड स्थित गौरी विद्यापीठ, जेपी इंस्टीट्यूट और बरेली में एसीएमई, एएनए, पीजीआई, उत्कर्ष कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एजूकेशन, श्री सिद्धी विनायक पॉलीटेक्निक, नारायण मैनेजमेंट, केसीए डिजायन, श्री जीतराम स्मारक इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलीटेक्निक, ज्योति कॉलेज से पैसा वसूलने का प्रयास किया।
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