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चुनाव में लगी बस ने हेड कांस्टेबल को कुचला, मौत
Sat, 13 Apr 2019 03:59 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 13 Apr 2019 03:59 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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हापुड़ रोड पर जाकिर कॉलोनी के सामने शुक्रवार सुबह चुनाव ड्यूटी में लगी बस ने पीएसी के हेड कांस्टेबल को कुचल दिया। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने बस में तोड़फोड़ करते हुए रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत किया।
मूलरूप से मथुरा के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खुर्शी निवासी सुशील कुमार निमेश (54) पुत्र प्रसादी लाल हापुड़ रोड स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। उनका परिवार पल्लवपुरम में रह रहा है। शुक्रवार सुबह वह स्कूटी से हापुड़ अड्डा चौराहे से पीएसी की तरफ जा रहे थे। उन्होंने स्कूटी चलाते समय हेलमेट भी लगा रखा था। जैसे ही नौचंदी क्षेत्र में जाकिर कालोनी पुलिस चौकी के नजदीक पहुंचे तो वहां पड़ी रोड़ी और डस्ट से स्कूटी फिसल गई। जिससे वह रोड पर गिर गए। तभी पीछे से आ रही बस ने उन्हें कुचल दिया। यह बस (वाहन संख्या -59) चुनाव ड्यूटी में लगी थी। मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट के अधिकारियों को लाने ले जाने के लिए इसकी ड्यूटी लगी थी। हादसे के बाद आरोपी चालक बस छोड़कर फरार हो गया। इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। गुस्साई भीड़ ने जाम लगाते हुए हंगामा कर दिया। बस में तोड़फोड़ करते हुए आग लगाने का भी प्रयास किया। हादसे के दौरान बस खाली थी। हंगामे की सूचना पर नौचंदी इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह और लिसाड़ीगेट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भी पहुंच गये। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को समझाकर शांत कराया। हेडकांस्टेबल को पास के निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुशील कुमार की मौत का पता चलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पीएसी वाहिनी के कर्मचारी और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मोर्चरी पर परिवार के लोगों को रोकर बुरा हाल था। दोपहर चार बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को ले गए। उनके दो बेटे मोहित और मयंक हैं। बेटी हर्षिता हैं।
लापरवाह सिस्टम से गई जान
हेड कांस्टेबल की मौत के मामले में भले ही पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे हुए हो, लेकिन इस मौत का जिम्मेदार लापरवाह सिस्टम है। जिस स्थान पर हादसा हुआ है वहां नगर निगम ने नाले के निर्माण के लिए सड़क पर ही रोड़ी और डस्ट डलवा रखा था। सड़क पर पड़ी रोड़ी पर स्कूटी फिसली और सुशील कुमार सड़क पर गिर गये। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें चपेट में ले लिया। यह पहली घटना नहीं है। मार्च 2018 में बागपत रोड पर रोड़ी पर बाइक फिसलने से बागपत निवासी युवक की भी मौत हुई थी। शहर में कई स्थानों पर डस्ट और रोड़ी सड़क पड़ी हुई हैं। इंस्पेक्टर नौचंदी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर रोड़ी ठेकेदार मुकेश चौहान और बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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मूलरूप से मथुरा के शेरगढ़ थाना क्षेत्र के गांव खुर्शी निवासी सुशील कुमार निमेश (54) पुत्र प्रसादी लाल हापुड़ रोड स्थित 44वीं वाहिनी पीएसी में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। उनका परिवार पल्लवपुरम में रह रहा है। शुक्रवार सुबह वह स्कूटी से हापुड़ अड्डा चौराहे से पीएसी की तरफ जा रहे थे। उन्होंने स्कूटी चलाते समय हेलमेट भी लगा रखा था। जैसे ही नौचंदी क्षेत्र में जाकिर कालोनी पुलिस चौकी के नजदीक पहुंचे तो वहां पड़ी रोड़ी और डस्ट से स्कूटी फिसल गई। जिससे वह रोड पर गिर गए। तभी पीछे से आ रही बस ने उन्हें कुचल दिया। यह बस (वाहन संख्या -59) चुनाव ड्यूटी में लगी थी। मेरठ दक्षिण विधानसभा सीट के अधिकारियों को लाने ले जाने के लिए इसकी ड्यूटी लगी थी। हादसे के बाद आरोपी चालक बस छोड़कर फरार हो गया। इस दौरान आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। गुस्साई भीड़ ने जाम लगाते हुए हंगामा कर दिया। बस में तोड़फोड़ करते हुए आग लगाने का भी प्रयास किया। हादसे के दौरान बस खाली थी। हंगामे की सूचना पर नौचंदी इंस्पेक्टर नीरज कुमार सिंह और लिसाड़ीगेट पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला भी पहुंच गये। पुलिस ने किसी तरह भीड़ को समझाकर शांत कराया। हेडकांस्टेबल को पास के निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सुशील कुमार की मौत का पता चलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पीएसी वाहिनी के कर्मचारी और अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। मोर्चरी पर परिवार के लोगों को रोकर बुरा हाल था। दोपहर चार बजे पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को ले गए। उनके दो बेटे मोहित और मयंक हैं। बेटी हर्षिता हैं।
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लापरवाह सिस्टम से गई जान
हेड कांस्टेबल की मौत के मामले में भले ही पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे हुए हो, लेकिन इस मौत का जिम्मेदार लापरवाह सिस्टम है। जिस स्थान पर हादसा हुआ है वहां नगर निगम ने नाले के निर्माण के लिए सड़क पर ही रोड़ी और डस्ट डलवा रखा था। सड़क पर पड़ी रोड़ी पर स्कूटी फिसली और सुशील कुमार सड़क पर गिर गये। तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार बस ने उन्हें चपेट में ले लिया। यह पहली घटना नहीं है। मार्च 2018 में बागपत रोड पर रोड़ी पर बाइक फिसलने से बागपत निवासी युवक की भी मौत हुई थी। शहर में कई स्थानों पर डस्ट और रोड़ी सड़क पड़ी हुई हैं। इंस्पेक्टर नौचंदी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर रोड़ी ठेकेदार मुकेश चौहान और बस चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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