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भूसा मंडी प्रकरण : बवालियों पर लगी चार्जशीट
Sat, 25 May 2019 03:23 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 25 May 2019 03:23 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ। बीती छह मार्च को कैंट स्थित भूसा मंडी में हुए बवाल में पुलिस ने बवालियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। बवाल से संबंधित तीन मुकदमे सदर बाजार थाने में दर्ज हुए थे। चौथा मुकदमा देहलीगेट थाने में दर्ज हुआ था। मामले में बवाल करने के 12 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि 11 अन्य नामजद आरोपी अभी फरार हैं।
कैंट बोर्ड की टीम छह मार्च को भूसा मंडी में अवैध निर्माण हटाने गई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने कैंट बोर्ड की टीम और पुलिस का विरोध किया। इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने सदर बाजार पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम पर हमला बोल दिया था। पुलिस का वायरलेस सेट और कैंट बोर्ड अधिकारी से मोबाइल लूटने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर चार लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद बवालियों ने भूसा मंडी की झुग्गियों में आगजनी कर दी। करीब 200 झुग्गी झोपड़ी जलकर राख हो गई थीं। बवालियों ने दिल्ली रोड पर भी अराजकता की। कई वाहनों में तोड़फोड़ कर यात्रियों से लूटपाट की। दिल्ली रोड पर आधा घंटे तक बवालियों का कब्जा रहा। बवाल के बाद क्षेत्र में कई जिलों की फोर्स आठ दिन तक तैनात रहा था।
गंभीर धाराओं में लगाई चार्जशीट
एसओ सदर बाजार विजय गुप्ता के अनुसार, सदर बाजार थाने में बवाल के तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा कैंट बोर्ड की तरफ से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, आगजनी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बलवे की धारा में दर्ज कराया गया था। दूसरा मुकदमा भूसा मंडी चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ने बवाल, आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से लूटपाट, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा का दर्ज कराया था। इन दोनों मुकदमों की विवेचना सदर एसआई विक्रम सिंह कर रहे थे। तीसरा मुकदमा रोडवेज बस के चालक अनुज की तरफ से कैश लूटना, मारपीट, तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा में दर्ज कराया गया था। इसकी विवेचना एसआई मनोज कुमार कर रहे थे। चौथा मुकदमा देहलीगेट थाने में दर्ज हुआ था। एसओ का कहना है कि बवाल के आरोप में नदीम, शाहिद, इश्तियाक, अब्बास, रईसुद्दीन, आजाद, अश्फाक, हकीमुद्दीन, शादाब, रियाजुद्दीन, तबस्सुम, साजिदा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि 11 अन्य नामजद अभी फरार हैं।
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साक्ष्य के आधार पर हुई कार्रवाई
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि बवाल के मामले में पुलिस ने वीडियो फुटेज और फोटो के आधार पर सख्त कार्रवाई की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई थी। जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ था, उन्हीं धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।
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कैंट बोर्ड की टीम छह मार्च को भूसा मंडी में अवैध निर्माण हटाने गई थी। इस दौरान कुछ लोगों ने कैंट बोर्ड की टीम और पुलिस का विरोध किया। इस दौरान कुछ शरारती तत्वों ने सदर बाजार पुलिस और कैंट बोर्ड की टीम पर हमला बोल दिया था। पुलिस का वायरलेस सेट और कैंट बोर्ड अधिकारी से मोबाइल लूटने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर चार लोगों को हिरासत में लिया था। इसके बाद बवालियों ने भूसा मंडी की झुग्गियों में आगजनी कर दी। करीब 200 झुग्गी झोपड़ी जलकर राख हो गई थीं। बवालियों ने दिल्ली रोड पर भी अराजकता की। कई वाहनों में तोड़फोड़ कर यात्रियों से लूटपाट की। दिल्ली रोड पर आधा घंटे तक बवालियों का कब्जा रहा। बवाल के बाद क्षेत्र में कई जिलों की फोर्स आठ दिन तक तैनात रहा था।
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गंभीर धाराओं में लगाई चार्जशीट
एसओ सदर बाजार विजय गुप्ता के अनुसार, सदर बाजार थाने में बवाल के तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। पहला मुकदमा कैंट बोर्ड की तरफ से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, आगजनी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और बलवे की धारा में दर्ज कराया गया था। दूसरा मुकदमा भूसा मंडी चौकी इंचार्ज मनोज कुमार ने बवाल, आगजनी, तोड़फोड़, पुलिस से लूटपाट, मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा का दर्ज कराया था। इन दोनों मुकदमों की विवेचना सदर एसआई विक्रम सिंह कर रहे थे। तीसरा मुकदमा रोडवेज बस के चालक अनुज की तरफ से कैश लूटना, मारपीट, तोड़फोड़, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा में दर्ज कराया गया था। इसकी विवेचना एसआई मनोज कुमार कर रहे थे। चौथा मुकदमा देहलीगेट थाने में दर्ज हुआ था। एसओ का कहना है कि बवाल के आरोप में नदीम, शाहिद, इश्तियाक, अब्बास, रईसुद्दीन, आजाद, अश्फाक, हकीमुद्दीन, शादाब, रियाजुद्दीन, तबस्सुम, साजिदा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। जबकि 11 अन्य नामजद अभी फरार हैं।
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साक्ष्य के आधार पर हुई कार्रवाई
एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि बवाल के मामले में पुलिस ने वीडियो फुटेज और फोटो के आधार पर सख्त कार्रवाई की गई है। वीडियो फुटेज के आधार पर ही गिरफ्तारी की गई थी। जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ था, उन्हीं धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है।