फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Bhadaura's prize shooter STF dabbho

भदौड़ा गैंग का इनामी शूटर एसटीएफ ने दबोचा  

Mon, 09 Oct 2017 02:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Mon, 09 Oct 2017 02:43 AM IST
विज्ञापन
Bhadaura's prize shooter STF dabbho
पकड़े गए बदमाश। - फोटो : अमर उजाला
सरूरपुर में प्रधानपति की सरेआम गोलियों से भूनकर हत्या करने के आरोपी भदौड़ा गैंग के शूटर संजय उर्फ पकोड़ी निवासी सरूरपुर को एसटीएफ नोएडा ने गिरफ्तार कर लिया। संजय पर मेरठ से 25 हजार और गाजियाबाद से पांच हजार रुपये का इनाम था। कुख्यात ने कहा कि पति की हत्या के बाद उसके निशाने पर ग्राम प्रधान पत्नी कविता थी। आरोपी के पास से एक पिस्टल, चार कारतूस और बाइक बरामद की गई है।
विज्ञापन

एएसपी एसटीएफ नोएडा राजीव नारायण मिश्र और सीओ राजकुमार मिश्रा ने रविवार को प्रेसवार्ता में बताया कि सरूरपुर के करनावल गांव का निवासी नीटू वर्ष 2012 में ऊधम सिंह गैंग से जुड़ा हुआ था। नीटू की पत्नी कविता गांव की प्रधान है। संजय का नीटू से आबादी की जमीन के कब्जे को लेकर विवाद हो गया था। जिसके बाद नीटू से रंजिश हो गई थी।
विज्ञापन

संजय ने बताया कि नीटू ने अपने भाई के साथ मिलकर करनावल निवासी लीलू के दो छोटे भाईयों की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। इसी रंजिश का बदला लेने के लिए संजय ने अपने छोटे भाई संजीव और लीलू के साथ मिलकर 2012 में नीटू को गोलियों से छलनी कर दिया था। लीलू, योगेश भदौड़ा गैंग में शामिल था। नीटू के छोटे भाई प्रवेंद्र ने सरधना थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें लीलू जेल गया था जबकि संजय व संजीव तभी से फरार चल रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच साल बाद प्रवेंद्र मारा
पति की हत्या के बाद प्रधान कविता ने अपने देवर प्रवेंद्र से शादी कर ली थी। प्रवेंद्र कई बार पुलिस अफसरों से हत्यारों को पकड़ने की गुहार लगा चुका था। लेकिन शूटर संजय पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा। 25 मई 2017 को सरूरपुर में संजय और संजीव ने दिनदहाड़े प्रधानपति प्रवेंद्र की भी हत्या कर दी थी। सरूरपुर थाने में दोनों भाईयों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। संजय ने भोजपुर थाना क्षेत्र में तीन साल पहले लूट की बड़ी वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें फरारी के चलते संजय पर गाजियाबाद से पांच हजार का इनाम था। एएसपी एसटीएफ ने बताया कि कुख्यात के पास से जो पिस्टल बरामद हुई है, उसी से उसने प्रवेंद्र को मारा था। संजय पर मेरठ, बागपत, गाजियाबाद में करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं।

संजीव पर 25 हजार का इनाम:
एसओ सरूरपुर ऋषिपाल सिंह ने बताया कि संजय के छोटे भाई संजीव पुत्र राजेंद्र सिंह पर 25 हजार रुपये का इनाम है। वहीं हत्या के एक मामले में राजेंद्र सिंह भी फरार है। पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है। उधर, ग्राम प्रधान की सुरक्षा में दो सिपाही तैनात हैं। जब भी कविता कचहरी या अन्य जगह जाती है तो अलग से सुरक्षा दी जाती है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed