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‘कुलदीप को पाक समर्थक व आतंकवादी बताकर पीटा था’
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Tue, 05 Apr 2016 02:35 AM IST
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कोर्ट मंे पेशी के दौरान अपनी चोट दिखाता कुलदीप।
- फोटो : अमर उजाला
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बेगमपुल पर हुए बवाल के मामले में कुलदीप सिंह की गिरफ्तारी पुलिस को भारी पड़ सकती है। कुलदीप के भाई ने इस मामले में सात पुलिस कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को 156 (3) के तहत कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया है, जिस पर मंगलवार को सुनवाई होगी। उधर, कुलदीप के अधिवक्ता ने पुलिस पर कुलदीप की पिटाई का आरोप लगाया है। साथ ही जेल में हुए कुलदीप के मेडिकल परीक्षण की रिपोर्ट मांगने का प्रार्थना पत्र दिया है।
गांधी नगर निवासी कुलदीप के भाई नवदीप सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 27 मार्च 2016 को वह अपने भाई कुलदीप भटिया के साथ एक होटल से खाना लेने जा रहा था। जैसे ही वह बेगमपुल चौराहे पर पहुंचे तो इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह और दरोगा इफ्तखार कादरी, हवलदार सत्यवीर सिंह, दरोगा सत्यवीर सिंह समेत सात अन्य पुलिस कर्मियों ने कुलदीप के साथ मारपीट और गाली गलौज की। कुलदीप को पाकिस्तान समर्थक और आतंकवादी बताकर पीटा गया।
उसके केश पकड़कर खींचते हुए गाड़ी में डालकर ले गए। साथ ही उसके पांच हजार रुपये भी छीन लिए। नवदीप ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और एसएसपी से की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। न्यायालय सीजेएम संजय सिंह ने प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए थाना सदर पुलिस से रिपोर्ट तलब की। नवदीप के अधिवक्ता ने बताया कि 156(3) के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
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मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी
अधिवक्ता ने बताया कि कुलदीप ने जेल में मिलने गए परिजनों को बताया कि पुलिस ने उसकी थाने में पिटाई की है। इसलिए उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर जेल में हुए कुलदीप के डॉक्टरी परीक्षण की रिपोर्ट मंगाने का अनुरोध किया है। परिजनों का मानना है कि पुलिस ने यदि उसकी पिटाई से पहले डॉक्टरी कराई है तो उसमें उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं होंगे। उसकी पिटाई के बाद शरीर पर पड़े निशान जेल में हुई डॉक्टरी में जरूर आएंगे। वहीं जेल में कुलदीप से मिलने गए भाजपाई और परिजनों को कुलदीप ने मारपीट की बात बताई थी।
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गांधी नगर निवासी कुलदीप के भाई नवदीप सिंह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि 27 मार्च 2016 को वह अपने भाई कुलदीप भटिया के साथ एक होटल से खाना लेने जा रहा था। जैसे ही वह बेगमपुल चौराहे पर पहुंचे तो इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह और दरोगा इफ्तखार कादरी, हवलदार सत्यवीर सिंह, दरोगा सत्यवीर सिंह समेत सात अन्य पुलिस कर्मियों ने कुलदीप के साथ मारपीट और गाली गलौज की। कुलदीप को पाकिस्तान समर्थक और आतंकवादी बताकर पीटा गया।
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उसके केश पकड़कर खींचते हुए गाड़ी में डालकर ले गए। साथ ही उसके पांच हजार रुपये भी छीन लिए। नवदीप ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस और एसएसपी से की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। न्यायालय सीजेएम संजय सिंह ने प्रार्थना पत्र सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए थाना सदर पुलिस से रिपोर्ट तलब की। नवदीप के अधिवक्ता ने बताया कि 156(3) के तहत दिए गए प्रार्थना पत्र पर मंगलवार को सुनवाई होगी।
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मेडिकल रिपोर्ट भी मांगी
अधिवक्ता ने बताया कि कुलदीप ने जेल में मिलने गए परिजनों को बताया कि पुलिस ने उसकी थाने में पिटाई की है। इसलिए उन्होंने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर जेल में हुए कुलदीप के डॉक्टरी परीक्षण की रिपोर्ट मंगाने का अनुरोध किया है। परिजनों का मानना है कि पुलिस ने यदि उसकी पिटाई से पहले डॉक्टरी कराई है तो उसमें उसके शरीर पर चोट के निशान नहीं होंगे। उसकी पिटाई के बाद शरीर पर पड़े निशान जेल में हुई डॉक्टरी में जरूर आएंगे। वहीं जेल में कुलदीप से मिलने गए भाजपाई और परिजनों को कुलदीप ने मारपीट की बात बताई थी।