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बार पर एलेक्जेंडर क्लब को हाईकोर्ट का झटका

Tue, 03 May 2016 03:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ Updated Tue, 03 May 2016 03:14 AM IST
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bar par alecender club ko high court ka jatka
न्यायालय ‌‌ - फोटो : अमर उजाला

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इसके विरोध में क्लब सचिव द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई

लेकिन, कोर्ट ने छह बिंदुओं में से पहले का ही स्पष्ट जवाब न मिलने पर याचिका खारिज कर दी।एलेक्जेंडर क्लब के बार लाइसेंस पर आपत्ति जताते हुए सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल ने डीएम से शिकायत की थी। इसमें मुख्य रूप से उस नियम का हवाला दिया गया था, जिसमें बार लाइसेंस जारी करने से पहले संचालकों के पास पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था जरूरी है।

इस पर डीएम पंकज यादव ने छह बिंदुओं पर आपत्ति पत्र बनाते हुए जिला आबकारी अधिकारी से जवाब मांगा था। इस पर आबकारी अधिकारी ने एलेक्जेंडर क्लब सचिव से इन आपत्तियों पर जवाब मांग लिया। लेकिन, जवाब संतोषजनक न होने पर बार लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं किया और उस पर सील लगा दी।

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इसके विरोध में क्लब सचिव आलोक बंसल ने हाईकोर्ट में रिट दायर की। इस पर 26 अप्रैल को हुई सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी। हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए तर्क दिया कि जिन छह बिंदुओं पर जिला आबकारी अधिकारी ने स्पष्टीकरण मांगा था, उसमें पहला पार्किंग व्यवस्था को लेकर था।

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वादी ने यह तो कहा कि पार्किंग की व्यवस्था कर दी गई है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि पार्किंग की व्यवस्था कहां और कैसे की गई है। साथ ही जब याचिकाकर्ता छह बिंदुओं पर स्पष्टीकरण दे चुके हैं और सक्षम अधिकारी (डीएम) गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार इस पर निर्णय ले रहे हैं, तो याचिका पर हमारी ओर से सुनवाई का कोई औचित्य नहीं है।


हाईकोर्ट में दायर रिट में क्लब सचिव ने शिकायतकर्ता डॉ. संदीप पहल को पार्टी नहीं बनाया था। लेकिन, रिट के पृष्ठ नंबर-25 पर संदीप पहल का जिक्र करते हुए कहा गया है कि वह एक ब्लैकमेलर हैं। दूसरी तरफ संदीप पहल ने इस कोर्ट में अपनी तरफ से पूर्व प्रत्यावेदन दायर किया हुआ था। लेकिन, याचिकाकर्ता द्वारा उन्हें पार्टी न बनाये जाने पर उनके अधिवक्ताओं को इस केस में बहस का अवसर नहीं मिला। जबकि, संदीप ने पहले से ही इस केस के लिए दो अधिवक्ता नियुक्त कर दिए थे।


अब फिर डीएम के पाले में गेंद
एलेक्जेंडर क्लब के बार लाइसेंस नवीनीकरण का मामला एक बार फिर डीएम के पाले में आ गया है। ऐसे में इस बार क्लब का बार संचालित होना नामुमकिन तो नहीं पर मुश्किल जरूर नजर आ रहा है। वजह यह कि डीएम ने रविवार को हुई आमसभा की बैठक में बार संचालन की मांग को सिरे से नकार दिया था। डीएम पंकज यादव का कहना है कि नियमों को पूरा किए बगैर बार संचालित नहीं हो पाएगा।

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