यूपी: शर्मसार कर देने वाले मामले की लखनऊ तक गूंज, इंस्पेक्टर पर गिरी गाज
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बागपत में सिसाना गांव के यमुना खादर में गाड़ी के टायरों से लावारिस शव का अंतिम संस्कार करने के मामले में कोतवाली प्रभारी आरके सिंह पर भी गाज गिर गई। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है।
सिसाना गांव के यमुना खादर में दो दिन पहले कोतवाली में तैनात हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह ने लकड़ी के साथ-साथ टायरों से लावारिस शव का अंतिम संस्कार कर दिया था। एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। गाड़ी के टायरों से लावारिस शव का अंतिम संस्कार करने के मामले की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई।
वहीं डीजीपी ने मामले का संज्ञान लेते हुए एसपी से पूरी जानकारी ली। एसपी ने कोतवाली प्रभारी आरके सिंह को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी ने बताया कि सरकार की तरफ से भी लावारिस शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए 2700 रुपये मिलते हैं। शव का अंतिम संस्कार सम्मान से करना चाहिए। हेड कांस्टेबल की लापरवाही के कारण पुलिस विभाग पर उंगली उठी है। उन्होंने इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है। कोतवाली का चार्ज अभी किसी को नहीं दिया गया है। जल्दी ही दूसरे इंस्पेक्टर को नियुक्त किया जाएगा।
दिए थे साढ़े चार हजार रुपये, कोई खता नहीं : इंस्पेक्टर
इंस्पेक्टर आरके सिंह ने बताया कि हेड कांस्टेबल जयवीर सिंह की लापरवाही और अदूरदर्शिता रही। उन्होंने लावारिस शव का अंतिम संस्कार करने के लिए साढ़े चार हजार रुपये दिए थे। उनके स्तर से कोई चूक नहीं हुई है।
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