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समझौता न होने पर हुई थी मां-बेटे की हत्या
Updated Thu, 22 Mar 2018 02:08 AM IST
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समझौता न होने पर हुई थी मां-बेटे की हत्या
मेरठ। दोहरे हत्याकांड की साजिश के आरोपी सुशील मूंछ के बेटे टोनी से परतापुर पुलिस सिर्फ आठ घंटे की पूछताछ कर सकी। पुलिस के मुताबिक टोनी ने मां-बेटे की हत्या से पहले अपने घर पर मीटिंग होने की बात कबूल की। टोनी ने काफी जानकारी दे दी। जिसके बाद पुलिस ने उसे रात करीब दस बजे जेल में दाखिल कर दिया।
परतापुर के सोहरका गांव में भोलू व निछत्तर कौर की हत्या के मामले में टोनी उर्फ मंजीत का स्पेशल सीजेएम ने 28 घंटे का रिमांड मंजूर किया था। कोर्ट की प्रक्रिया पूरी कराकर बुधवार दोपहर दो बजे परतापुर पुलिस टोनी को थाने ले आई थी। कोर्ट के आदेशानुसार टोनी के साथ उसके अधिवक्ता भी थाने में मौजूद रहे। परतापुर पुलिस ने टोनी से पूछताछ कर रात दस बजे जेल में दाखिल कर दिया। इंस्पेक्टर परतापुर राशिद अली का कहना है कि पुलिस को जितनी जानकारी टोनी से चाहिए थी, वह सब ले ली गई।
खामोश बैठा रहा टोनी
पुलिस ने बताया कि रिमांड के दौरान टोनी खामोश रहा। सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया भी उससे पूछताछ करने पहुंचे। पुलिस का मानना है कि टोनी ने पूछताछ में तीसरे आरोपी का नाम नहीं बताया है। हथियार उपलब्ध कराने की बात से टोनी से इंकार किया है।
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बताओ कौन-कौन हैं ये सब
पुलिस ने सोहरका में निछत्तर कौर पर गोलियां बरसाने वाली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी टोनी को दिखाई। पुलिस ने टोनी से पूछा कि बताओ ये कौन-कौन हैं। जिसमें टोनी ने मांगे को पहचाना। विकास व तीसरे आरोपी को टोनी ने पहचानने से इंकार कर दिया।
उनको मरना तो था ही
इंस्पेक्टर (विवेचक) राशिद अली के मुताबिक टोनी ने बताया कि मुजफ्फरनगर में उसके पिता सुशील मूंछ के सामने उनके घर पर भोलू, निछत्तर कौर, मांगे समेत दस लोगों के साथ आए थे। नरेंद्र हत्याकांड में भोलू और निछत्तर कौर चश्मदीद गवाह थे। गवाही न दें, इसको लेकर 15 लाख में समझौता हुआ। लेकिन भोलू और निछत्तर ने इस समझौते को नहीं माना और पैसा भी वापस लौटा दिया। पैसा वापस लौटाने पर मांगे आया था। तभी उन्हें लगा था कि मां-बेटे की हत्या तो होनी ही है। लेकिन हत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
खास बातें:
स्पेशल सीजेएम ने 28 घंटे का दिया था टोनी का पुलिस रिमांड
आठ घंटे की पूछताछ के बाद टोनी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा
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मेरठ। दोहरे हत्याकांड की साजिश के आरोपी सुशील मूंछ के बेटे टोनी से परतापुर पुलिस सिर्फ आठ घंटे की पूछताछ कर सकी। पुलिस के मुताबिक टोनी ने मां-बेटे की हत्या से पहले अपने घर पर मीटिंग होने की बात कबूल की। टोनी ने काफी जानकारी दे दी। जिसके बाद पुलिस ने उसे रात करीब दस बजे जेल में दाखिल कर दिया।
परतापुर के सोहरका गांव में भोलू व निछत्तर कौर की हत्या के मामले में टोनी उर्फ मंजीत का स्पेशल सीजेएम ने 28 घंटे का रिमांड मंजूर किया था। कोर्ट की प्रक्रिया पूरी कराकर बुधवार दोपहर दो बजे परतापुर पुलिस टोनी को थाने ले आई थी। कोर्ट के आदेशानुसार टोनी के साथ उसके अधिवक्ता भी थाने में मौजूद रहे। परतापुर पुलिस ने टोनी से पूछताछ कर रात दस बजे जेल में दाखिल कर दिया। इंस्पेक्टर परतापुर राशिद अली का कहना है कि पुलिस को जितनी जानकारी टोनी से चाहिए थी, वह सब ले ली गई।
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खामोश बैठा रहा टोनी
पुलिस ने बताया कि रिमांड के दौरान टोनी खामोश रहा। सीओ ब्रह्मपुरी अखिलेश भदौरिया भी उससे पूछताछ करने पहुंचे। पुलिस का मानना है कि टोनी ने पूछताछ में तीसरे आरोपी का नाम नहीं बताया है। हथियार उपलब्ध कराने की बात से टोनी से इंकार किया है।
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बताओ कौन-कौन हैं ये सब
पुलिस ने सोहरका में निछत्तर कौर पर गोलियां बरसाने वाली सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी टोनी को दिखाई। पुलिस ने टोनी से पूछा कि बताओ ये कौन-कौन हैं। जिसमें टोनी ने मांगे को पहचाना। विकास व तीसरे आरोपी को टोनी ने पहचानने से इंकार कर दिया।
उनको मरना तो था ही
इंस्पेक्टर (विवेचक) राशिद अली के मुताबिक टोनी ने बताया कि मुजफ्फरनगर में उसके पिता सुशील मूंछ के सामने उनके घर पर भोलू, निछत्तर कौर, मांगे समेत दस लोगों के साथ आए थे। नरेंद्र हत्याकांड में भोलू और निछत्तर कौर चश्मदीद गवाह थे। गवाही न दें, इसको लेकर 15 लाख में समझौता हुआ। लेकिन भोलू और निछत्तर ने इस समझौते को नहीं माना और पैसा भी वापस लौटा दिया। पैसा वापस लौटाने पर मांगे आया था। तभी उन्हें लगा था कि मां-बेटे की हत्या तो होनी ही है। लेकिन हत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
खास बातें:
स्पेशल सीजेएम ने 28 घंटे का दिया था टोनी का पुलिस रिमांड
आठ घंटे की पूछताछ के बाद टोनी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा