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होटल हारमनी इन में खंगाला डीजीजीआई ने रिकॉर्ड
Updated Tue, 13 Mar 2018 02:16 AM IST
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मेरठ। गढ़ रोड स्थित हारमनी इन होटल का मालिक परिवार सहित गायब है। बैंक के नोटिस के बाद अब डायरेक्ट्रेट जनरल ऑफ गुड्स एंड सर्विस टैक्स इंटेलीजेंस (डीजीजीआई) की टीम ने सोमवार शाम होटल पहुंचकर रिकॉर्ड खंगाला। व्यापारियों ने टीम का विरोध किया। अधिकारियों ने बताया कि होटल मालिक द्वारा डेढ़ से दो करोड़ की टैक्स चोरी करना सामने आया है। करीब छह घंटे की जांच पड़ताल के बाद टीम अपने साथ कई अभिलेखाें की छाया प्रति ले गयी।
डीजीजीआई के उपनिदेशक अजय मिश्रा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम शाम करीब पांच बजे होटल हारमनी इन पहुंची। अजय मिश्रा ने एसएसपी मंजिल सैनी को फोन कर पुलिस फोर्स भेजने की मांग की। नौचंदी थाने से पुलिस टीम होटल पहुंची। उसके बाद डीजीजीआई टीम ने छापामार कार्यवाही शुरू की तो कर्मचारियों में खलबली मच गई और वह वहां से फरार हो गए।
छापामारी की जानकारी पर व्यापारी नेता विपुल सिंघल समेत कई व्यापारी होटल में पहुंचे। व्यापारियों ने डीजीजीआई की टीम का विरोध किया। जिस पर डिप्टी डायरेक्टर अजय मिश्रा ने बताया कि होटल मालिक की तरफ से आयकर और जीएसटी का जो ब्यौरा दिया गया है, उसमें अंतर है। यह अंतर कई करोड़ का बैठता है, जिसमें एक करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी का मामला सामने आ रहा है। इसलिए उन्होंने छापा मारा है। डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि उन्हें साल 2012 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड खंगालना है। इस पर व्यापारियोें ने कहा कि होटल मालिक बाहर घूमने गए हैं, बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है। होटल मालिक के आने पर जांच की जाए।
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आए हैं तो जांच करके ही जाएंगे
व्यापारियों ने हंगामा करना शुरू किया तो टीम ने स्पष्ट कर दिया कि वह आए हैं तो जांच करके ही जाएंगे। अधिकारियों ने व्यापारियों को कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि होटल मालिक हो या ना हो, वह खुद इसकी जांच करके जुर्माना या मुकदमा दर्ज करा सकते है। व्यापारियों के विरोध पर कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है। इसमें कोई हस्तक्षेप न करे। उसके बाद पुलिस ने व्यापारियों को हटाया और टीम ने जांच पड़ताल शुरू कर दी।
लाइट बंद कर दी, कैसे करेंगे काम
डीजीजीआई की टीम जब रिकॉर्ड खंगाल रही थी तो व्यापारियों ने कई बार होटल की लाइट बंद करा दी। व्यापारियों ने कहा कि उनके काम के लिए होटल का जेनरेटर चलाकर क्यों खर्च किया जाए। इस दौरान कई बार तीखी झड़प भी हुई। लेकिन अफसरों ने मोबाइल टार्च की रोशनी में लिखापढ़ी का काम शुरू कर दिया। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी ली गई।
टीम ने खुद भरा पंचनामा
डीजीजीआई की टीम जब होटल के अभिलेखाें को ले जाने लगी तो व्यापारियों ने विरोध किया। इसके बाद टीम ने होटल कर्मचारियों से पंचानामे पर हस्ताक्षर करने को कहा। लेकिन व्यापारियों ने उन्हें भी रोक दिया। इस बीच पुलिस होटल के बाहर तैनात गार्डों को ले आयी। लेकिन व्यापारियों ने उन्हें भी भगा दिया। इसके बाद टीम ने खुद ही पंचनामा भरा और तमाम अभिलेखों की फोटो कॉपी जांच के लिए अपने साथ ले गयी। इस दौरान व्यापारी परविंदर त्यागी, विकास गिरधर, विनोद अरोड़ा, रजत अरोड़ा, प्रदीप गुप्ता, शिखर, नवीन अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
खास बातें:
- होटल पर डेढ़ से दो करोड़ की टैक्स चोरी का बताया गया मामला
- व्यापारियों ने टीम को घेरकर किया हंगामा, होटल की लाइट बंद की
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डीजीजीआई के उपनिदेशक अजय मिश्रा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम शाम करीब पांच बजे होटल हारमनी इन पहुंची। अजय मिश्रा ने एसएसपी मंजिल सैनी को फोन कर पुलिस फोर्स भेजने की मांग की। नौचंदी थाने से पुलिस टीम होटल पहुंची। उसके बाद डीजीजीआई टीम ने छापामार कार्यवाही शुरू की तो कर्मचारियों में खलबली मच गई और वह वहां से फरार हो गए।
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छापामारी की जानकारी पर व्यापारी नेता विपुल सिंघल समेत कई व्यापारी होटल में पहुंचे। व्यापारियों ने डीजीजीआई की टीम का विरोध किया। जिस पर डिप्टी डायरेक्टर अजय मिश्रा ने बताया कि होटल मालिक की तरफ से आयकर और जीएसटी का जो ब्यौरा दिया गया है, उसमें अंतर है। यह अंतर कई करोड़ का बैठता है, जिसमें एक करोड़ से ज्यादा की जीएसटी चोरी का मामला सामने आ रहा है। इसलिए उन्होंने छापा मारा है। डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि उन्हें साल 2012 से अब तक का पूरा रिकॉर्ड खंगालना है। इस पर व्यापारियोें ने कहा कि होटल मालिक बाहर घूमने गए हैं, बेवजह मामले को तूल दिया जा रहा है। होटल मालिक के आने पर जांच की जाए।
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आए हैं तो जांच करके ही जाएंगे
व्यापारियों ने हंगामा करना शुरू किया तो टीम ने स्पष्ट कर दिया कि वह आए हैं तो जांच करके ही जाएंगे। अधिकारियों ने व्यापारियों को कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि होटल मालिक हो या ना हो, वह खुद इसकी जांच करके जुर्माना या मुकदमा दर्ज करा सकते है। व्यापारियों के विरोध पर कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है। इसमें कोई हस्तक्षेप न करे। उसके बाद पुलिस ने व्यापारियों को हटाया और टीम ने जांच पड़ताल शुरू कर दी।
लाइट बंद कर दी, कैसे करेंगे काम
डीजीजीआई की टीम जब रिकॉर्ड खंगाल रही थी तो व्यापारियों ने कई बार होटल की लाइट बंद करा दी। व्यापारियों ने कहा कि उनके काम के लिए होटल का जेनरेटर चलाकर क्यों खर्च किया जाए। इस दौरान कई बार तीखी झड़प भी हुई। लेकिन अफसरों ने मोबाइल टार्च की रोशनी में लिखापढ़ी का काम शुरू कर दिया। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी ली गई।
टीम ने खुद भरा पंचनामा
डीजीजीआई की टीम जब होटल के अभिलेखाें को ले जाने लगी तो व्यापारियों ने विरोध किया। इसके बाद टीम ने होटल कर्मचारियों से पंचानामे पर हस्ताक्षर करने को कहा। लेकिन व्यापारियों ने उन्हें भी रोक दिया। इस बीच पुलिस होटल के बाहर तैनात गार्डों को ले आयी। लेकिन व्यापारियों ने उन्हें भी भगा दिया। इसके बाद टीम ने खुद ही पंचनामा भरा और तमाम अभिलेखों की फोटो कॉपी जांच के लिए अपने साथ ले गयी। इस दौरान व्यापारी परविंदर त्यागी, विकास गिरधर, विनोद अरोड़ा, रजत अरोड़ा, प्रदीप गुप्ता, शिखर, नवीन अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
खास बातें:
- होटल पर डेढ़ से दो करोड़ की टैक्स चोरी का बताया गया मामला
- व्यापारियों ने टीम को घेरकर किया हंगामा, होटल की लाइट बंद की