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पश्चिमी यूपी में जातीय संघर्ष करा सकता है बवाल

Fri, 10 Aug 2018 03:12 AM IST
Updated Fri, 10 Aug 2018 03:12 AM IST
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पश्चिमी यूपी में जातीय संघर्ष करा सकता है बवाल
मेरठ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जातीय संघर्ष बवाल करा सकता है। सहारनपुर में जातीय संघर्ष के बाद अब मेरठ में तनाव की स्थिति बनती जा रही है। सरधना व गंगानगर क्षेत्र की घटनाओं को देखते हुए खुफिया विभाग ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी है। जिसमें देहात की स्थिति ज्यादा खराब होना बताया गया है।
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खुफिया तंत्र के सूत्रों की मानें तो दलितों को भड़काने की वेस्ट यूपी में गहरी साजिश चल रही हैं। मामूली बातों पर जातीय संघर्ष की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। जोकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में बवाल करा सकती हैं। सरधना के गांव में दो दिन से जातीय संघर्ष के चलते पुलिस का पहरा हैं। वहीं, गंगानगर थानाक्षेत्र के उल्देपुर में दलित छात्र रोहित कुमार की हत्या से सिखेड़ा, दुल्हैड़ा गांव में भी स्थिति खराब है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक सरधना क्षेत्र के कई गांवों में जातीय संघर्ष होने की आशंका ज्यादा बनी है। रिपोर्ट को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने सरधना क्षेत्र में फोर्स बढ़ा दी है।
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भीम आर्मी सक्रिय
सरधना में तनाव की स्थिति ज्यादा है। इसको देखते हुए एसएसपी ने बृहस्पतिवार शाम सरधना में पीएसी और आरएएफ की एक-एक कंपनी लगायी है। सरधना के जिस गांव में संघर्ष हुआ, वहां भी चप्पे चप्पे पर पुलिस लगा दी गई है। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के अनुसार जातीय संघर्ष होने के चलते तनाव है। लोगों को भड़काने की साजिश चल रही हैं। भीम आर्मी के कार्यकर्ता सक्रिय हैं।
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सोशल साइटों पर नजर
जातीय संघर्ष और उससे उपजे तनाव की वीडियो व फोटो सोशल साइट पर वायरल हो रही हैं। अफवाहों का बाजार भी गर्म है। इसको देखते हुए साइबर सेल एक्टिव किया गया है। सोशल साइट पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर हैं।
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