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पुलिस ने फर्जी जमानती पकड़ा
Updated Sat, 26 Aug 2017 02:32 AM IST
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मेरठ। सिविल लाइन पुलिस ने शुक्रवार को फर्जी जमानती संजीव पुत्र सरदार सिंह निवासी अट्टा चिंदौड़ी रोहटा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि संजीव ने अपना नाम कृष्णा बताकर अभियुक्त सोनू की जमानत करा दी। कोर्ट को अंदेशा हुआ तो उन्होंने वेरिफिकेशन कराया गया। हस्ताक्षर और फोटो का मिलना हुआ। संजीव ने सोनू का भाई बताया था। दरोगा श्यौदान सिंह यादव के मुताबिक आरोपी ने बताया कि उसने एक अधिवक्ता के कहने पर फर्जी जमानती बनकर जमानत ली हैं। उसको हर जमानत पर पांच हजार रुपये मिलते हैं। आरोपी पर केस दर्ज कर लिया हैं। वह पहले भी कई आरोपियों की जमानत ले चुका हैं।
कलक्ट्रेट में कर्मचारियाें की दावत पर एडीएम का छापा
मेरठ। हड़ताल समाप्त होने के बाद कलक्ट्रेट स्थित एडीएम सिटी कार्यालय में कर्मचारियों ने दावत उड़ाई। पीने पिलाने का दौर शुरू होने की सूचना मंडलायुक्त तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल एडीएम सिटी मुकेश चंद्र को मौके पर भेजा। उन्होंने फोन से मंडलायुक्त को सूचना दी कि साहब कुछ और नहीं, कर्मचारी बस चाय पीकर ही कुछ देर पहले निकले हैं। शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे एडीएम सिटी कार्यालय में चहल पहल नजर आई तो मीडियाकर्मी यहां पहुंच गए। पता चला कि दावत चल रही है। कैमरे के फ्लैश चमकी तो अफरातफरी मच गई। कई कर्मचारी यहां से निकल लिए तो बाकी ने भीतर से गेट बंद कर लिया। कुछ कर्मचारी पीछे के गेट से रफूचक्कर हो गए। मंडलायुक्ता के आदेश पर एडीएम आनन फानन में यहां पहुंच गए। उन्होंने गेट तो खुलवाया पर भीतर जिस कमरे में दावत की सामग्री बताई जा रही थी उसे खुलवाकर नहीं देखा। हालांकि वे इस बात का जवाब नहीं दे पाये कि इस समय कर्मचारी यहां क्या कर रहे थे।
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कलक्ट्रेट में कर्मचारियाें की दावत पर एडीएम का छापा
मेरठ। हड़ताल समाप्त होने के बाद कलक्ट्रेट स्थित एडीएम सिटी कार्यालय में कर्मचारियों ने दावत उड़ाई। पीने पिलाने का दौर शुरू होने की सूचना मंडलायुक्त तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल एडीएम सिटी मुकेश चंद्र को मौके पर भेजा। उन्होंने फोन से मंडलायुक्त को सूचना दी कि साहब कुछ और नहीं, कर्मचारी बस चाय पीकर ही कुछ देर पहले निकले हैं। शुक्रवार की रात लगभग आठ बजे एडीएम सिटी कार्यालय में चहल पहल नजर आई तो मीडियाकर्मी यहां पहुंच गए। पता चला कि दावत चल रही है। कैमरे के फ्लैश चमकी तो अफरातफरी मच गई। कई कर्मचारी यहां से निकल लिए तो बाकी ने भीतर से गेट बंद कर लिया। कुछ कर्मचारी पीछे के गेट से रफूचक्कर हो गए। मंडलायुक्ता के आदेश पर एडीएम आनन फानन में यहां पहुंच गए। उन्होंने गेट तो खुलवाया पर भीतर जिस कमरे में दावत की सामग्री बताई जा रही थी उसे खुलवाकर नहीं देखा। हालांकि वे इस बात का जवाब नहीं दे पाये कि इस समय कर्मचारी यहां क्या कर रहे थे।
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