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जागृ ति विहार में आवास विकास के अधिकारियों पर फायरिंग
Updated Wed, 21 Jun 2017 02:51 AM IST
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- आवास विकास की 1500 मीटर जमीन से जुड़ा है मामला
- आरोपी बिल्डर ने जमीन कब्जाने की कोशिश करते हुए खुदवाई नींव
- मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए
मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार में सेक्टर सात के पास बिल्डर ने अवैध तरीके से आवास-विकास परिषद की जमीन कब्जाने की कोशिश की। विरोध करने पर बिल्डर और उसके साथियों ने आवास विकास के अधिकारियों के साथ मारपीट कर उन पर फायरिंग कर दी। मेडिकल पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं।
आवास विकास परिषद की जागृति विहार सेक्टर सात के पास 1500 मीटर जमीन खाली पड़ी है। आरोप है बिल्डर तपेशपाल सिंह ढाका और संजय शर्मा इस जमीन को अपनी बताते हैं। सोमवार को दोनों अपने साथ एक दर्जन लोगों को लेकर पहुंचे और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करते हुए निर्माण कार्य के लिए नींव खोद दी। सूचना पर परिषद के एई देवेंद्र सिंह और जेई योगेंद्र वर्मा भी टीम के साथ पहुंच गये। परिषद के अधिकारियों ने कहा कि यह आवास विकास की सरकारी जमीन है। आरोप है कि बिल्डर और उनके साथ अन्य लोगों ने अधिकारियों के साथ हाथापाई कर दौड़ा लिया और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी रायफल से फायरिंग कर दी। आवास विकास के अधिकारियों ने इसकी सूचना अधीक्षण अभियंता और डीएम को दी।
आरोप है कि मंगलवार को फिर से निर्माण कार्य शुरू करने बिल्डर पहुंच गये। जिसके बाद आवास विकास के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। एई देवेंद्र सिंह ने घटना की मेडिकल थाने में तहरीर दी है। एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम ने बताया कि बिल्डर तपेशपाल ढाका और संजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों बिल्डर समेत दस लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, मारपीट, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और लोकसंपत्ति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जेई ने पीछे खींचे हाथ:
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिस जमीन को कब्जाने की कोशिश की गई है, वह जेई योगेंद्र वर्मा के क्षेत्र का मामला है। लेकिन फायरिंग और धमकी मिलने के बाद जेई ने कार्रवाई से हाथ खींच लिए। अवैध निर्माण को लेकर जब अधिकारियों की गर्दन फंसने लगी तो एई की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया।
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- आरोपी बिल्डर ने जमीन कब्जाने की कोशिश करते हुए खुदवाई नींव
- मेडिकल थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार किए
मेरठ। मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार में सेक्टर सात के पास बिल्डर ने अवैध तरीके से आवास-विकास परिषद की जमीन कब्जाने की कोशिश की। विरोध करने पर बिल्डर और उसके साथियों ने आवास विकास के अधिकारियों के साथ मारपीट कर उन पर फायरिंग कर दी। मेडिकल पुलिस ने दो आरोपी गिरफ्तार कर लिए हैं।
आवास विकास परिषद की जागृति विहार सेक्टर सात के पास 1500 मीटर जमीन खाली पड़ी है। आरोप है बिल्डर तपेशपाल सिंह ढाका और संजय शर्मा इस जमीन को अपनी बताते हैं। सोमवार को दोनों अपने साथ एक दर्जन लोगों को लेकर पहुंचे और जमीन पर कब्जा करने की कोशिश करते हुए निर्माण कार्य के लिए नींव खोद दी। सूचना पर परिषद के एई देवेंद्र सिंह और जेई योगेंद्र वर्मा भी टीम के साथ पहुंच गये। परिषद के अधिकारियों ने कहा कि यह आवास विकास की सरकारी जमीन है। आरोप है कि बिल्डर और उनके साथ अन्य लोगों ने अधिकारियों के साथ हाथापाई कर दौड़ा लिया और जान से मारने की नीयत से लाइसेंसी रायफल से फायरिंग कर दी। आवास विकास के अधिकारियों ने इसकी सूचना अधीक्षण अभियंता और डीएम को दी।
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आरोप है कि मंगलवार को फिर से निर्माण कार्य शुरू करने बिल्डर पहुंच गये। जिसके बाद आवास विकास के अधिकारियों ने पुलिस को सूचना दी। एई देवेंद्र सिंह ने घटना की मेडिकल थाने में तहरीर दी है। एसओ मेडिकल मोहम्मद असलम ने बताया कि बिल्डर तपेशपाल ढाका और संजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों बिल्डर समेत दस लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला, मारपीट, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और लोकसंपत्ति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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जेई ने पीछे खींचे हाथ:
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जिस जमीन को कब्जाने की कोशिश की गई है, वह जेई योगेंद्र वर्मा के क्षेत्र का मामला है। लेकिन फायरिंग और धमकी मिलने के बाद जेई ने कार्रवाई से हाथ खींच लिए। अवैध निर्माण को लेकर जब अधिकारियों की गर्दन फंसने लगी तो एई की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया।