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योगेश वर्मा रासुका में निरुद्ध, जेल में नोटिस तामील
Updated Thu, 10 May 2018 03:20 AM IST
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मेरठ। एससीएसटी एक्ट में बदलाव को लेकर दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान हिंसा कराने के आरोपी बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में निरुद्ध कर दिया गया है। जेल में बंद योगेश वर्मा को बुधवार को रासुका का नोटिस भी तामील करा दिया गया।
पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक भारत बंद के दौरान बसपा नेता योगेश वर्मा शहर में जहां-जहां भी प्रदर्शन के दौरान पहुंचे थे, वहीं-वहीं पर बवाल हुआ था। कचहरी स्थित अंबेडकर चौराहा, कंकरखेड़ा बाईपास समेत 12 जगहों पर बवाल होना बताया गया। पुलिस अफसरों का यह भी दावा था कि योगेश वर्मा की गिरफ्तारी होते ही बवाल एकदम शांत हो गया था। इस संबंध में योगेश वर्मा और उनके समर्थकों पर संगीन धाराओं में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। दावा था कि दो अप्रैल को योगेश ने प्लानिंग के तहत अपनी राजनीति चमकाने की खातिर शहर में बवाल कराया था।
आयोग में तलब हुए थे अफसर
योगेश वर्मा पर रासुका लगना पहले से तय था। पुलिस-प्रशासन पर राजनीति के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए योगेश वर्मा की पत्नी महापौर सुनीता वर्मा एससीएसटी आयोग पहुंच गई थीं। जिस पर आयोग में एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी दहल तलब हुए थे। पुलिस अफसरों ने योगेश वर्मा के खिलाफ कई सुबूत आयोग में प्रस्तुत किए थे। दोनों पक्षों को आयोग ने सुना था।
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रिपोर्ट में जताया था यह अंदेशा
कंकरखेड़ा थाना पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा गया कि बसपा नेता योगेश वर्मा ने दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान मेरठ में लोक व्यवस्था भंग की थी। जिसको देखते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। यह भी अंदेशा जताया गया कि जेल से छूटने के बाद योगेश वर्मा दोबारा से लोक व्यवस्था भंग कर सकते हैं। यह रिपोर्ट चार मई 2018 को जिलाधिकारी कार्यालय भेजी गई। जिलाधिकारी के स्तर पर इस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आठ मई को योगेश वर्मा को रासुका में निरुद्ध करने का फैसला करते हुए इसका नोटिस बुधवार को जेल में तामील करा दिया गया।
यह लोक व्यवस्था का मामला
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के अनुसार लोक व्यवस्था को देखते बसपा नेता योगेश वर्मा को रासुका में निरुद्ध किया गया हैं। जेल में बंद योगेश वर्मा को इस आशय का नोटिस भी तामील करा दिया है। योगेश वर्मा पर 12 मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें चार्जशीट लग चुकी हैं।
खास बातें:
- बसपा नेता योगेश वर्मा पर दो अप्रैल को शहर में बवाल कराने का आरोप
- हिंसा में 12 मुकदमे दर्ज, एससीएसटी आयोग में जा चुका यह प्रकरण
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पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक भारत बंद के दौरान बसपा नेता योगेश वर्मा शहर में जहां-जहां भी प्रदर्शन के दौरान पहुंचे थे, वहीं-वहीं पर बवाल हुआ था। कचहरी स्थित अंबेडकर चौराहा, कंकरखेड़ा बाईपास समेत 12 जगहों पर बवाल होना बताया गया। पुलिस अफसरों का यह भी दावा था कि योगेश वर्मा की गिरफ्तारी होते ही बवाल एकदम शांत हो गया था। इस संबंध में योगेश वर्मा और उनके समर्थकों पर संगीन धाराओं में 12 मुकदमे दर्ज हुए थे। दावा था कि दो अप्रैल को योगेश ने प्लानिंग के तहत अपनी राजनीति चमकाने की खातिर शहर में बवाल कराया था।
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आयोग में तलब हुए थे अफसर
योगेश वर्मा पर रासुका लगना पहले से तय था। पुलिस-प्रशासन पर राजनीति के तहत कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए योगेश वर्मा की पत्नी महापौर सुनीता वर्मा एससीएसटी आयोग पहुंच गई थीं। जिस पर आयोग में एडीजी मेरठ जोन प्रशांत कुमार और तत्कालीन एसएसपी मंजिल सैनी दहल तलब हुए थे। पुलिस अफसरों ने योगेश वर्मा के खिलाफ कई सुबूत आयोग में प्रस्तुत किए थे। दोनों पक्षों को आयोग ने सुना था।
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रिपोर्ट में जताया था यह अंदेशा
कंकरखेड़ा थाना पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में कहा गया कि बसपा नेता योगेश वर्मा ने दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान मेरठ में लोक व्यवस्था भंग की थी। जिसको देखते पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा। यह भी अंदेशा जताया गया कि जेल से छूटने के बाद योगेश वर्मा दोबारा से लोक व्यवस्था भंग कर सकते हैं। यह रिपोर्ट चार मई 2018 को जिलाधिकारी कार्यालय भेजी गई। जिलाधिकारी के स्तर पर इस रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद आठ मई को योगेश वर्मा को रासुका में निरुद्ध करने का फैसला करते हुए इसका नोटिस बुधवार को जेल में तामील करा दिया गया।
यह लोक व्यवस्था का मामला
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय के अनुसार लोक व्यवस्था को देखते बसपा नेता योगेश वर्मा को रासुका में निरुद्ध किया गया हैं। जेल में बंद योगेश वर्मा को इस आशय का नोटिस भी तामील करा दिया है। योगेश वर्मा पर 12 मुकदमे दर्ज हैं। जिनमें चार्जशीट लग चुकी हैं।
खास बातें:
- बसपा नेता योगेश वर्मा पर दो अप्रैल को शहर में बवाल कराने का आरोप
- हिंसा में 12 मुकदमे दर्ज, एससीएसटी आयोग में जा चुका यह प्रकरण