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कौन थी वो ‘अंजू गौतम’, नहीं लगा सुराग
Updated Mon, 30 Apr 2018 02:52 AM IST
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कौन थी वो ‘अंजू गौतम’, नहीं लगा सुराग
मेरठ। दो बच्चों के साथ नौचंदी लिंक एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान देने वाली ‘अंजू गौतम’ का तीन दिन बाद भी सुराग नहीं लग पाया। जीआरपी इंस्पेक्टर किशन अवतार के अनुसार सोमवार दोपहर तक शिनाख्त न होने पर तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इस केस के विवेचक महेंद्र शर्मा के अनुसार करीब 32 वर्षीय यह महिला 26 मार्च की शाम सकौती रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर दो बच्चों के साथ पहुंची थी। इनमें एक लड़की की उम्र करीब 4 साल तो लड़के की उम्र करीब 6 साल थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि उस समय मेन लाइन पर नौचंदी लिंक एक्सप्रेस आने का समय हो रहा था। दोनों बच्चे प्लेटफार्म पर खेल रहे थे जबकि महिला बेंच पर बैठी थी। जैसे ही ट्रेन पहुंची तो महिला दोनों बच्चों को लेकर ट्रेन के आगे कूद पड़ी थी। तीनों के शरीर के चिथड़े उड़ गए थे।
तीन दिन बाद भी नहीं शिनाख्त
विवेचक के अनुसार भारी वजन की महिला के शरीर पर गुलाबी सूट सलवार था। लड़की के शरीर पर लाल और सफेद छींटदार फ्रॉक और लड़के ने हरी टी-शर्ट और नीली पेंट पहनी थी। पहचान के नाम पर महिला के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में ‘अंजू गौतम’ लिखा था। जीआरपी द्वारा सकौती और दौराला के आसपास के ग्राम प्रधानों और ग्रामीणो ंसे शवों की शिनाख्त कराने का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। चूंकि तीनों शवों का पंचायतनामा 27 अप्रैल की सुबह भरा गया था, इसलिए शिनाख्त न होने पर नियमानुसार 72 घंटे बाद 30 अप्रैल को पोस्टमार्टम के बाद शवों का लावारिस में दाह संस्कार कराया जाएगा।
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मेरठ। दो बच्चों के साथ नौचंदी लिंक एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान देने वाली ‘अंजू गौतम’ का तीन दिन बाद भी सुराग नहीं लग पाया। जीआरपी इंस्पेक्टर किशन अवतार के अनुसार सोमवार दोपहर तक शिनाख्त न होने पर तीनों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इस केस के विवेचक महेंद्र शर्मा के अनुसार करीब 32 वर्षीय यह महिला 26 मार्च की शाम सकौती रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर दो बच्चों के साथ पहुंची थी। इनमें एक लड़की की उम्र करीब 4 साल तो लड़के की उम्र करीब 6 साल थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया था कि उस समय मेन लाइन पर नौचंदी लिंक एक्सप्रेस आने का समय हो रहा था। दोनों बच्चे प्लेटफार्म पर खेल रहे थे जबकि महिला बेंच पर बैठी थी। जैसे ही ट्रेन पहुंची तो महिला दोनों बच्चों को लेकर ट्रेन के आगे कूद पड़ी थी। तीनों के शरीर के चिथड़े उड़ गए थे।
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तीन दिन बाद भी नहीं शिनाख्त
विवेचक के अनुसार भारी वजन की महिला के शरीर पर गुलाबी सूट सलवार था। लड़की के शरीर पर लाल और सफेद छींटदार फ्रॉक और लड़के ने हरी टी-शर्ट और नीली पेंट पहनी थी। पहचान के नाम पर महिला के दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में ‘अंजू गौतम’ लिखा था। जीआरपी द्वारा सकौती और दौराला के आसपास के ग्राम प्रधानों और ग्रामीणो ंसे शवों की शिनाख्त कराने का प्रयास किया। लेकिन सफलता नहीं मिली। चूंकि तीनों शवों का पंचायतनामा 27 अप्रैल की सुबह भरा गया था, इसलिए शिनाख्त न होने पर नियमानुसार 72 घंटे बाद 30 अप्रैल को पोस्टमार्टम के बाद शवों का लावारिस में दाह संस्कार कराया जाएगा।
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